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दिल्ली में रखी गई आरएसएस के नए भवन की आधारशिला

70 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला भवन 1 लाख स्वयंसेवकों के सहयोग से बनेगा.

Updated On: Nov 20, 2016 02:31 PM IST

Amitesh Amitesh

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दिल्ली में रखी गई आरएसएस के नए भवन की आधारशिला

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने दिल्ली में आरएसएस के नए भवन की आधारशिला रखी.  इस दौरान बीजेपी नेता लालकृष्ण अाडवाणी, राष्‍ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे.

दरअसल, संघ के नए भवन की जरूरत पहले से महसूस की जा रही थी. 2013 से ही इसकी योजना भी थी लेकिन पर्यावरण और बाकी जरूरी मंजूरी के बाद अब इस योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है. अगले 3 साल में ये भवन बन कर तैयार हो जाएगा.

आरएसएस के दिल्ली प्रांत के सहसंघचालक अालोक कुमार के मुताबिक,  लगभग 70 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला भवन दिल्ली के करीब 1 लाख स्वयंसेवकों के सहयोग से बनेगा.

तीन ब्लॉक में होगी इमारत

भवन का पूरा एरिया 3.5 लाख वर्ग फीट होगा. जो तीन ब्लॉक में बंटा होगा. यह भवन 7 मंजिला होगा. भवन का रुख पूरब की ओर होगा. जिससे सूर्य की सीधी किरणे आ सके.

सबसे सामने वाले ब्लाक में प्रचार और प्रसार  विभाग होगा जिसमे मीडिया के लोगोंं के अलावा प्रचार प्रसार से जुड़े लोगो के बैठने की व्यवस्था होगी. पब्लिकेशंंस और पुस्तकालय होगा. इसी ब्लाक में एक बड़ा हॉल होगा जिसमे करीब 5,000 लोगोंं के बैठने की व्यवस्था होगी, इस हॉल में संगोष्ठी या सेमिनार हो सकता है.

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भवन के दूसरे हिस्से में संघ का क्षेत्रीय कार्यालय और दिल्ली प्रांंत का कार्यालय होगा , जबकि तीसरे और आखिरी हिस्से में सरसंघचालक और दूसरे बड़े अधिकारियो का निवास स्थान और अखिल भारतीय कार्यालय होगा. जिसके पीछे संघ के कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था होगी.

अब तक संघ के भवन में मुख्य द्वार पर ही सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रहती थी लेकिन अब लोगोंं को परेशानी न हो केवल तीसरे ब्लाक से पहले ही बड़ा सुरक्षा घेरा रहेगा जिसमे संघ प्रमुख समेत बड़े अधिकारी रहेगे.

संघ प्रमुख मोहन भगवत ने आधारशिला रखने के बाद बताया कि इस भवन में केशव स्मारक समिति के अलावा भी संघ के विचारो से जुड़ी कई और समितियों का कार्यालय होगा.

पुरानी इमारत की जगह नई इमारत

नए भवन में काम काज की जरूरतोंं के मुताबिक, पुस्तकालय,  कंप्यूटर सुविधाए, सेमिनार हॉल, मीटिंग हॉल, कैंटीन, चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था होगी. इसके आलावा अंडरग्राउंड पार्किंग की व्यवस्था होगी जिसमे एक साथ 700 कार पार्क हो सकती हैं.

जिस जगह पर संघ का नया भवन बन रहा है उस जगह पर पहले पुराना भवन था, जिसे तोड़कर नए भवन का शिलान्यास हुआ है. यह जमीन केशव स्मारक समिति के नाम से है . अब तक दिल्ली स्थित इस भवन को केशव कुंंज के नाम से जाना जाता है.

धीरे-धीरे संघ बदल रहा है. पहले संघ का ड्रेस बदला, अब भवन बदल रहा है. धीरे-धीरे ही सही आधुनिक तकनीक और मौजूद जरूरतों के हिसाब से संघ अपने आप को बदलकर नई पीढ़ी के साथ तालमेल की कोशिश कर रहा है.

शायद यही वजह है कि साधारण और सादगी के सिद्धांंत में बदलाव होने लगा है. अब पुराने भवन के बजाए बहुमंजिला इमारतोंं की जरूरत आ पड़ी है.

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