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नोटबैन पर पीएम मोदी की 'लिंक्डइन' पर मन की बात

नोटबैन पर पीएम मोदी ने लिंक्डइन पर फिर से अपनी बात विस्तार से रखी है.

Updated On: Dec 02, 2016 12:13 PM IST

FP Staff

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नोटबैन पर पीएम मोदी की 'लिंक्डइन' पर मन की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल नेटवर्किंग साइट लिंक्डइन पर नोटबंदी को लेकर अपनी राय जाहिर की है. नोटबैन पर बार-बार सरकार का पक्ष कई मंचों पर रखने वाले पीएम मोदी ने लिंक्डइन पर फिर से अपनी बात विस्तार से रखी है. प्रधानमंत्री की लेख की शक्ल में लिखी बात का यहां हिंदी अनुवाद दिया जा रहा है-

8 नवंबर, 2016 को भारत सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया जिसका मकसद भ्रष्टाचार और काले धन को मिटा देना है.

21वीं सदी में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है. भ्रष्टाचार विकास की गति को कम करता है और गरीबों, नए मध्य वर्ग और मध्य वर्ग के सपनों पर अंकुश लगाता है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह लेख मूल रूप से लिंक्डइन पर प्रकाशित हुआ है.

500 और 1000 के नोटों को बंद करने का फैसला छोटे व्यापारियों के लिए एक खास मौका है, जिनकी भारत के आर्थिक बदलाव में एक केन्द्रीय भूमिका है. आज हमारे व्यापारी समुदाय के पास खुद को आगे बढ़ाने और तकनीक को अपनाने का एक ऐतिहासिक मौका है, जो उनके लिए समृद्धि लेकर आएगा.

मैंने 27 नवंबर को प्रसारित ‘मन की बात’ प्रोग्राम में विस्तार से इसकी चर्चा की है. जब मैंने 8 नवंबर को इसकी घोषणा की थी तो मुझे पता था कि भारत के लोगों को असुविधा झेलनी पड़ेगी, लेकिन मैंने उनसे आग्रह किया था कि दीर्घकालिक फायदे के लिए थोड़े समय तक इस कष्ट को झेल लें. मुझे यह देखकर खुशी होती है कि राष्ट्र के दीर्घकालिक हितों के लिए वे तात्कालिक मुश्किलों को झेल रहे हैं.

पिछले कुछ दिनों में मुझे उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, गोवा और पंजाब के ग्रामीण और शहरी इलाकों में घूमने का मौका मिला है. मैं जहां भी गया, वहां मैंने लोगों से पूछा- क्या काले धन और भ्रष्टाचार को खत्म किया जाना चाहिए? क्या गरीबों, नए मध्य वर्ग और मध्य वर्ग को उनका हिस्सा मिलना चाहिए? मुझे हर जगह इसका जवाब एक खनखनाती हुई ‘हां’ में मिला! मैंने पिछले तीन सप्ताह में लोगों से बढ़ी मात्रा में कैशलेस लेन-देन करने की मजबूत अपील की है. ज्यादा तादाद में नकदी की मौजूदगी काले धन और भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी वजह है.

यह मोबाइल बैंकिंग और मोबाइल वॉलेट का दौर है. खाने का ऑर्डर देने से लेकर फर्नीचर खरीदने और बेचने जैसी चीजें और टैक्सी मंगाने तक का काम हम मोबाइल से कर रहे हैं. यह सब और इसके अलावा बहुत कुछ मोबाइल के जरिये संभव है.

मुझे भरोसा है कि आप कार्डस और ई-वॉलेट का नियमित इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन मुझे लगा कि मुझे उन तरीकों को आपसे शेयर करना चाहिए जिनसे कैशलेस लेन-देन संभव है.

मैं आप सबसे, खासतौर पर अपने युवा दोस्तों से इस बदलाव का नेतृत्व करने का आग्रह करता हूं और चाहता हूं कि आप दूसरों को कैशलेस अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करें. यह एक ऐसे भारत की नींव मजबूत करेगा जहां भ्रष्टाचार और काले धन के लिए कोई जगह नहीं होगी.

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