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मोदी बहुत बड़े नेता, लेकिन 2014 जैसा माहौल बनाना अब कठिन: प्रशांत किशोर

जनता दल यूनाइटेड के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी की जीत का श्रेय लोग आज भी उनकी टीम को देते हैं. लोगों का मानना है कि उनकी टीम द्वारा की गई डिजिटल कैंपेनिंग से ही नरेंद्र मोदी को लोकसभा चुनाव में काफी फायदा मिला था

Updated On: Nov 11, 2018 01:21 PM IST

FP Staff

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मोदी बहुत बड़े नेता, लेकिन 2014 जैसा माहौल बनाना अब कठिन: प्रशांत किशोर

2014 में हुए लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की जीत का श्रेय प्रशांत किशोर की डिजिटल कैंपेनिंग टीम को जाता है. लोगों का मानना है कि उन्होंने जिस तरह नरेंद्र मोदी और बीजेपी को लोगों के सामने उभारा था शायद ऐसा करना सबके बस की बात नहीं होती. इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर कई बातें सामने रखीं.

किशोर के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बहुत बड़े नेता हैं लेकिन 2014 जैसा माहौल बनाना अब उनके लिए संभव नहीं है. इस तरह का माहौल तैयार अब कठिन हो गया है इसलिए बीजेपी को अब कड़ी मेहनत करनी होगी.

2014 में सिर्फ 4 से 5 करोड़ लोगों के पास ही स्मार्टफोन थे

बातचीत में उन्होंने बताया कि आज के दिन में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का किसी भी व्यक्ति के चरित्र को गढ़ने में बहुत बड़ा हाथ है. उन्होंने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी की जीत का श्रेय लोग आज भी उनकी टीम को देती है. लोगों का मानना है कि उनकी टीम द्वारा की गई डिजिटल कैंपेनिंग से ही नरेंद्र मोदी को काफी फायदा मिला था. अपनी टीम की डिजिटल कैंपेनिंग के बारे में बताते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि 2014 में सिर्फ 4 से 5 करोड़ लोगों के पास ही स्मार्टफोन थे जबकि 2018 में इसकी संख्या 35 से 40 करोड़ के बीच में हो गई है. इसके अलावा 50 फीसदी मतदाता आज भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करते हैं.

सोशल मीडिया पर जाने का रास्ता काफी सस्ता हो गया है

2014 में कैंपेनिंग का एक वीडियो 5 करोड़ लोगों के पास पहुंचता था जबकि उस समय डेटा पैक महंगे थे. इसके बाद भी लोगों में इसे देखने की ललक थी क्योंकि उन्होंने पैसे खर्च कर इसका भुगतान किया था. आज ज्यादा लोगों के पास स्मार्टफोन हैं लेकिन सोशल मीडिया पर जाने का रास्ता काफी सस्ता हो गया है ऐसे में लोग इसे इग्नोर करते नजर आते हैं. लोगों को कई और साधनों को जरिए सही जानकारी मिल जाती है.

चुनाव जीतना या हारना सिर्फ 10-12 दिन में तय होता है

वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन पर बोलते हुए उन्होंने कहा- आप एक बड़ा गठबंधन कर सकते हैं लेकिन वह लाभदायी भी होना चाहिए. लोगों तक आपकी बात सही तरीके से सही रूप में पहुंचनी चाहिए. उनका मानना है कि चुनाव की दौड़ में बीजेपी आगे रहेगी लेकिन चुनाव जीतना या हारना सिर्फ 10-12 दिन में तय होता है. इसलिए अभी से ये फैसली कर लेना सही नहीं है कि परिणाम क्या हो सकते हैं. हालांकि उनका मानना है कि बीजेपी का आगे रहना तय है. बहुमत हासिल हो या न हो लेकिन बीजेपी अपने आप में एक बहुत पार्टी है. उसे विपक्षी दलों से डर नहीं लगता. वह अपना काम सही तरीके से करती है.

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