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मंडला में मोदी: आदिवासी समुदाय को साधने की कोशिश

जबलपुर के आदिवासी बहुल इलाके मंडला की धरती से मोदी ने इस मौके पर ग्राम स्वराज अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने आदिवासी समुदाय के देश के विकास और आजादी की लड़ाई मे योगदान को याद किया.

Amitesh Amitesh Updated On: Apr 24, 2018 06:40 PM IST

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मंडला में मोदी: आदिवासी समुदाय को साधने की कोशिश

पंचायती राज दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्यप्रदेश के मंडला में थे. जबलपुर के आदिवासी बहुल इलाके मंडला की धरती से मोदी ने इस मौके पर ग्राम स्वराज अभियान की शुरुआत करते हुए आदिवासी समुदाय के देश के विकास और आजादी की लड़ाई मे योगदान को याद किया. मोदी ने मांडला की धरती से जनजातीय लोगों के वीर सपूतों को नमन भी किया और उनकी याद में देश भर में म्यूजियम बनाने का ऐलान भी किया.

इस मौके पर भगवान बिरसा मुंडा जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी को याद कर मोदी ने आदिवासी समुदाय के इन महान लोगों को भुला देने का आरोप बिना नाम लिए कांग्रेस पर मढ़ दिया. मोदी ने कहा ‘देश की आजादी के लिए हुए संघर्ष को कुछ परिवारों के इर्द-गिर्द रखा गया, जबकि हमारे आदिवासी जनजातियों के पूर्वजों ने बलिदान किया, जिसे अब मध्यप्रदेश सहित पूरे देश के संग्रहालयों में प्रदर्शित किया जाएगा.’

उनके इस बयान में गांधी-नेहरू परिवार को लेकर किया गया कटाक्ष छिपा था. मोदी यह दिखाना चाह रहे थे कि कांग्रेस ने केवल इसी परिवार की वंदना कर आजादी की लड़ाई में उनके योगदान को सीमित कर दिया है, जबकि कुर्बानियां तो देश भर से आदिवासियों ने भी दी हैं.

मध्यप्रदेश में इस साल के आखिर में विधानसभा का चुनाव होना है. पिछले पंद्रह साल से बीजेपी वहां सत्ता में है. कांग्रेस इस बार बीजेपी को टक्कर देने की कोशिश कर रही है. शिवराज को घेरने की रणनीति बनाई जा रही है, लेकिन, बीजेपी ने कांग्रेस की रणनीति की काट के लिए प्रदेश में आदिवासी समुदाय को अपने पाले में लाने की पूरी तैयारी की है.

इसे कांग्रेस की उस मुहिम की काट माना जा रहा है जिसमें वो देश भर में दलित समुदाय को अपने साथ जोड़ने में लगी है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक दिन पहले ही संविधान बचाओ अभियान की शुरुआत कर दी है. राहुल ने मोदी सरकार को दलित विरोधी बताया है.

narendra modi (1)

हालांकि बीजेपी ने दलित तबके को अपने पाले में जोड़े रखने के लिए तैयारी की है, लेकिन, संभावित नुकसान की सूरत में आदिवासी वोटबैंक से पार्टी उन इलाके में अपनी पैठ बनाने की कोशिश में है.

आदिवासियों के गढ़ में मोदी ने इस समुदाय के कल्याण के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की. इसके अलावा मंडला के मनेरी में 120 करोड़ की लागत से एलपीजी बॉटलिंग प्लांट की आधारशिला भी रखी. इस मौके पर उन्होंने कहा कि आस-पास के लोगों को इससे रोजगार भी मिलेगा और आदिवासी क्षेत्र का विकास भी होगा.

पंचायती राज दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश भर के दो लाख से ज्यादा पंचायतों के जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्हें अपनी ग्राम-पंचायत के विकास के लिए कुछ बेहतर करने के टिप्स भी दिए. इस मौके पर उन्होंने भरोसा दिया कि उनकी सरकार गांवों के विकास के लिए कंधे से कंधा मिलाकर काम करेगी.

पिछले 14 अप्रैल को बाबा साहब भीम राव अंबेडकर की जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान योजना की शुरुआत की थी. लेकिन, उस वक्त भी उन्होंने नक्सलियों के गढ़ छत्तीसगढ़ के बीजापुर पहुंचकर एक संदेश दिया था. पहला संदेश विकास का था, लेकिन, दूसरा संदेश आदिवासी बहुल इस जिले में पहुंचकर गरीब आदिवासियों को यह एहसास कराना था कि दिल्ली में बैठी सरकार उनके हितों को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रही है. नजर आदिवासी वोटबैंक पर है, लिहाजा बीजापुर के दस दिन बाद मोदी अब बगल में ही मध्य प्रदेश के मंडला में थे.

देश भर में लगभग तीस लाख पंचायत जनप्रतिनिधि हैं, जिनमें करीब एक तिहाई महिलाएं ही हैं. कुछ राज्यों में तो यह आंकड़ा पचास फीसदी तक है. पंचायती राज के इस कार्यक्रम को देश भर में पंचायत प्रतिनिधि भी सुन रहे थे. मौका देखकर मोदी ने एक बार फिर से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा संदश दे दिया.

उन्होंने कहा ‘सरकार ने बेटियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले राक्षसी प्रवृत्ति के लोगों को फांसी पर लटकाने का कानून बनाया है. दिल्ली में ऐसी सरकार है जो जनता के दिलों की बात सुनती है और उसके आधार पर निर्णय करती है.’

मोदी ने इस मौके पर परिवार में बेटियों को सम्मान देने की जरूरत पर बल दिया.लेकिन, मोदी परिवार के भीतर बेटों की जिम्मेदारी का एहसास करा गए.

देश के अलग-अलग राज्यों से आ रही बलात्कार की खबरों और उसको लेकर हो रही राजनीति को लेकर प्रधानमंत्री ने लंदन के वेस्टमिंस्टर सेंट्रल हॉल से बड़ा संदेश दिया था. लेकिन, एक बार फिर से मंडला में मोदी ने अपनी सरकार की तरफ से उठाए गए कड़े कदम का जिक्र कर दिया. मोदी की इस बात पर खूब तालियां भी बजी. आदिवासी बहुल मंडला की धरती से मोदी का यह संदेश मध्य प्रदेश के साथ-साथ देश भर के लोगों के लिए था.

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