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राहुल पर मोदी का तंज: पैकेट खुलने से भूचाल का डर हुआ खत्म

बनारस में पीएम मोदी, राहुल गांधी के साथ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर भी बरसे

Updated On: Dec 22, 2016 05:23 PM IST

Amitesh Amitesh

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राहुल पर मोदी का तंज: पैकेट खुलने से भूचाल का डर हुआ खत्म

महादेव की नगरी काशी में पीएम मोदी की मौजूदगी यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव की गर्मी बढ़ा गई. 'गंगा मैया' के दर पर मोदी के भाषण में बहता आवेग और आक्रोश दोनों दिखाई दिये.

अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे  मोदी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने नोटबंदी के अभियान को लेकर विपक्ष को करारा जवाब दिया.

मोदी के इस बार आक्रमक तेवरों के निशाने पर रहे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी.

राहुल पर मोदी का तंज

संसद के भीतर और बाहर निशाने पर रहे मोदी ने इस बार कालेधन के साथ कालेमन पर भी प्रहार किया. उन्होंने कहा कि किसी का कालाधन तो किसी का कालामन भी खुल रहा है. दरअसल यह राहुल पर पलटवार था. लेकिन चुटीले अंदाज के साथ. पूर्वांचल की धरती पर ठेठ देसी अंदाज में मोदी की  कोशिश यही रही कि  नोटबंदी का विरोध कर रहे राहुल और बाकी विपक्ष को भ्रष्टाचारियों के साथ खड़ा कर दिया जाए.

उन्होंने कहा कि ये कभी सोचा नहीं था कि देशहित में लिये गए फैसले के खिलाफ राजनेता इतनी हिम्मत के साथ बेईमानों के पक्ष में खड़े हो जाएंगे.

राहुल ने मोदी पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए हैं. लेकिन खुद मोदी ने आरोपों से विचलित होने के बजाए राहुल के बयानों की गंभीरता को खत्म करना जरुरी समझा.

मोदी ने कहा कि 'ये खुशी की बात है कि राहुल बोलना सीख रहे हैं. पहले तो पता नहीं था कि पैकेट में क्या है. अब जाकर पता चल रहा है.'

राहुल गांधी ने संसद सत्र के दौरान बयान देकर सियासी पारा बढ़ा दिया था कि उनके पास ऐसे सबूत हैं जिसको उजागर करने पर भूचाल आ जाएगा. मोदी ने जवाब देते हुए कहा कि ' वो न बोलते तो शायद भूचाल आ जाता. अब बोलने लगे हैं तो भूकंप की आशंका खत्म हो गई है.'

भले ही विपक्ष मोदी को कठघड़े में खड़ा करने में लगा है, लेकिन मोदी के तेवरों से साफ लग रहा है कि वो अपने फैसले पर अडिग हैं, जहां पीछे हटने का सवाल नहीं उठता है.

मनमोहन के सवालों का बनारस में मिला जवाब

महादेव की नगरी में मानों मोदी एक एक आरोप का हिसाब-किताब पूरा करने का सोच कर ही आए थे. पहले राहुल के आरोपों की गर्मी पर उन्होंने अपने जवाबों से 'ठंडा गंगाजल'  छिड़का और उसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के राज्यसभा में लगाए गए आरोपों पर हमला बोला. मोदी ने कहा कि '1970-72 से मनमोहन सिंह लगातार वित्तीय विभाग और बाकी पदों पर लगातार सक्रिय रहे हैं. तो उनकी तरफ से देश के हालात और गरीबी पर सवाल खड़ा करना क्या मोदी के दो साल के काम का रिपोर्ट कार्ड है या फिर वो अपना रिपोर्ट कार्ड दे रहे हैं.'

50 फीसदी गांवों में बिजली न होने का जिम्मेदार कौन?

चिदंबरम ने कहा था कि देश के 50 फीसदी गांवों में बिजली नहीं है. ऐसे में गांवों में कैशलेस इकोनॉमी कैसे कामयाब हो सकेगी?  मोदी ने उसका भी जवाब दिया और कहा कि 'अब बताइए यह किसकी देन है. क्‍या मैंने आकर खंभे उखाड़ दिए.’

करप्शन पर नेताओं की 'कवर फायरिंग'

मोदी अपने विरोधियों की विश्वसनीयता को सवालों के घेरे में लाकर नोटबंदी पर लड़ाई में पूरी तरह से बैकफुट पर धकेलना चाहते हैं. तभी वो बेहद समझदारी से सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल पूछने वालों पर वार करने के बाद सीमा पार घुसपैठ की कोशिश की तुलना नोटबंदी पर बेईमानों का साथ देने वालों से कर देते हैं.

मोदी का आरोप है कि जिस तरह से सीमा पर घुसपैठ की कोशिश में लगा पाकिस्तान कवर फायरिंग देता है उसी तरह कालेधन रखने वालों को कुछ लोग कवर दे रहे हैं.

बाबा भोले की नगरी बनारस की पहचान अब पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र की भी है. यहां मोदी खुल कर बरसे और संसद के भीतर और बाहर के हमलों का जोरदार जवाब दिया. यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी गर्माहट चरम पर है और अब मोदी एक एक हमले के लिये कमर कस चुके हैं.

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