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मिजोरम विधानसभा चुनाव 2018: जानिए उन उम्मीदवारों के बारे में जो मोड़ सकते हैं सियासी हवा का रुख

विधानसभा चुनावों में विपक्ष में मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के नेता वनलालजावमा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं

Updated On: Oct 29, 2018 12:24 PM IST

FP Staff

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मिजोरम विधानसभा चुनाव 2018: जानिए उन उम्मीदवारों के बारे में जो मोड़ सकते हैं सियासी हवा का रुख
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मिजोरम में 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए सियासी पार्टियों ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है. इस कड़ी में पहला नाम कांग्रेस से वर्तमान मुख्यमंत्री लाल थनहवला का है. लाल थनहवला 10 सालों तक कार्यालय में रहने के बाद राज्य पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए लड़ रहे हैं.

79 साल के थनहवला पांच बार मिजोरम के मुख्यमंत्री रहे हैं और मिजोरम की राजनीति का एक बड़ा नाम हैं. इससे पहले वह 1984 से 1986 तक और 1989 से 1998 तक मुख्यमंत्री रहे हैं. उन्हें 2013 में भी मिजोरम विधानसभा चुनावों में चुना गया था.

यह पांचवी बार था जब वह सीएम ऑफिस के लिए चुने गए. यह मिजोरम में एक रिकॉर्ड है. उनकी विधानसभा सीट सरछिप और हरंगटु्र्जो है. वह आम चुनावों में नौ बार शामिल हुए जिसमें उन्हें जीत हासिल हुई. उन्हें 1978, 1979, 1984, 1987, 1993 2003, 2008 और 2013 के चुनावों में सफलता मिली.

कांग्रेस को 2013 में मिली सफलता के नायक थे थनहवला 

कांग्रेस को मिजोरम में 2013 में जो सफलता मिली, उसके नायक थनहवला ही थे. विधानसभा की 40 सीटों में उन्होंने 34 सीटों में जीत दिलवाई. वहीं मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) को 5 सीटें मिलीं और मिजोरम पीपल कॉन्फ्रेंस को एक सीट मिली.

दूसरे कांग्रेस नेता जो मिजोरम चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं, उनका नाम लालरोबाइका(डंपा) है. वह अपनी बढ़ती हुई संपत्ति की वजह से चर्चा में आए थे. रिपोर्ट के मुताबिक पांच सालों में उनकी संपत्ति 2406 फीसदी बढ़ी थी.

वहीं विधानसभा चुनावों में विपक्ष में मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के नेता वनलालजावमा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. वह पार्टी के कोषाध्यक्ष और लोकसभा सदस्य रहे हैं. वह एजवल वेस्ट-3 सीट से दावा भरेंगे.

पूर्व मुख्यमंत्री जोरमथंगा एजवल ईस्ट-1 सीट से भरेंगे दावा

वहीं एमएनएफ के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जोरमथंगा एजवल ईस्ट-1 सीट से दावा भरेंगे. वह विधानसभा चुनावों में मजबूत प्रत्याशी होंगे.

पुराने नेताओं के अलावा इस बार नई पार्टियां भी होने वाले चुनावों में अहम दखल देंगी. नए संगठन जोरम एक्सोडस मूवमेंट(जेडईएम) ने घोषणा की है कि वह जोरम नेशनल पार्टी(जेडएन) और मिजोरम पीपल कॉन्फ्रेंस(एमपीसी) के साथ गठबंधन करेंगे जोकि जोरम पीपल मूवमेंट(जेडपीएम) के बैनर से चुनाव लड़ेगा.

द मारलैंड डेमोक्रेटिक फ्रंट(एमडीएफ) पहले विपक्षी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के सहयोगी थे. लेकिन बाद में उन्होंने 25 अक्टूबर को बीजेपी में जिला परिषद (एमडीसी) के दो सदस्यों के साथ विलय कर दिया था. ये नई पार्टियां परिणामों में अंतर डाल सकती हैं.

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