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#MeToo: एमजे अकबर के मानहानि केस में जोईता बासु का बयान- अकबर बेस्ट बॉस हैं

अकबर का बचाव करते हुए जोईता ने पहले भी कहा था कि वो बेस्ट बॉस में से एक रहे हैं. अकबर ने कभी भी उन्हें किसी भी तरह से असहज महसूस नहीं कराया

Updated On: Nov 12, 2018 05:23 PM IST

FP Staff

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#MeToo: एमजे अकबर के मानहानि केस में जोईता बासु का बयान- अकबर बेस्ट बॉस हैं

पत्रकार प्रिया रमानी द्वारा पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर लगाए गए यौन शोषण के आरोपों के मामले में दाखिल आपराधिक मानहानि केस में पत्रकार जोईता बासु ने अपना बयान दर्ज कराया. बासु ने कहा कि 'मेरे मन में हमेशा ही उनके लिए बहुत सम्मान रहा है. मेरे साथ के अपने व्यवहार में वह बहुत ही पेशेवर रहे हैं. वो काम के प्रति बहुत सख्त रहते थे. पूरी तरह से पेशेवर पत्रकार और एक शानदार शिक्षक हैं.' बसु ने अपना बयान दिल्ली के पटियाला हाई कोर्ट में दर्ज कराया.

पिछले महीने, अकबर ने रमानी के खिलाफ मानहानि का मामला दायर किया था. इसमें कहा गया था कि उनके कथित 'अपमानजनक लेख' उनकी 'कोरी कल्पना' थी. और जिसका मकसद 'केवल' उनकी प्रतिष्ठा को 'बदनाम' करने का था. मीटू आंदोलन के बीच, रमानी ने 8 अक्टूबर को एक ट्विटर पोस्ट में अकबर नाम लिया था. इसके बाद दस अन्य महिलाओं ने भी उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे. हालांकि, अकबर ने सिर्फ रमानी के खिलाफ ही आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक अपने शिकायत में उन्होंने छह गवाहों का नाम दिया था: जोईता बासु, संपादक; वीनु सैंडल; सैयद हबीबुर रहमान; तपन चकी; सुनील गुजराल; और, मंज़र अली. शिकायत से जुड़े दस्तावेजों की एक सूची थी जिसमें वोग इंडिया में प्रकाशित लेख, ट्विटर पर किए गए 'अपमानजनक टिपण्णियां' की प्रतियां और समाचार पत्रों और ऑनलाइन समाचार पोर्टलों के लेख शामिल हैं.

अकबर का बचाव करते हुए जॉयता ने पहले भी कहा था कि वो उनके प्रोफेशनल करियर के बेस्ट बॉस में से एक रहे हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि अकबर ने कभी भी उन्हें किसी भी तरह से असहज महसूस नहीं कराया. जोईता ने 29 अक्टूबर को ट्विटर पर लिखा था-

क्योंकि बहुत सारे लोग बोल रहे हैं तो मेरी भी कहानी सुन लीजिए. मैंने जितने भी लोगों के साथ काम किया है उसमें से अकबर बेस्ट बॉस में से एक रहे हैं. न्यूजपेपर के बारे में मैं जो भी जानती हूं उनसे ही सीखा है. टफ टास्कमेकर और पूरी तरह से प्रोफेशनल. मैंने कभी उनके साथ असहज महसूस नहीं किया. कभी नहीं.

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