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#MeToo: एमजे अकबर पर लगे आरोपों पर सुषमा के बाद सीतारमण ने भी साधी चुप्पी

एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस पर कहा, '3 महिला पत्रकारों ने दुनिया को मोदी सरकार के एक मंत्री का सही चेहरा दिखाया है. मैं प्रधानमंत्री से मांग करता हूं कि वो आरोपी एमजे अकबर को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करें'

Updated On: Oct 10, 2018 07:47 PM IST

FP Staff

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#MeToo: एमजे अकबर पर लगे आरोपों पर सुषमा के बाद सीतारमण ने भी साधी चुप्पी

#MeToo के तहत विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर सेक्सुअल हैरेसमेंट के आरोप लगने से सियासी हड़कंप मच गया है. मोदी सरकार के मंत्रियों को इसपर जवाब देते नहीं बन रहा है.

बुधवार को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से जब इस पर सवाल पूछा गया तो वो इससे बचती नजर आईं. न्यूज़18 ने सीतारमण से एक इंटरव्यू में एमजे अकबर पर लगे आरोपों पर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि वो इसका जवाब देने के लिए सही व्यक्ति नहीं हैं.

Nirmala Sitharaman at press conference

निर्मला सीतारमण

देश भर में #MeeToo कैंपेन पर उन्होंने कहा, 'कई पीड़ित महिलाएं सामने आकर अपने साथ हुई घटनाओं को बयां कर रही हैं. मैं उनकी हिम्मत की सराहना करती हूं. जिन महिलाओं को इससे गुजरना पड़ा हो उनके लिए यह काफी मुश्किलों भरा  दौर रहा होगा.'

इससे पहले मंगलवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से कुछ महिला पत्रकारों ने जब इसपर सवाल पूछा तो वो बिना इसका जवाब दिए आगे बढ़ गईं थी. केंद्रीय मंत्री पर आरोप लगने के बाद एक पत्रकार ने सुषमा स्वराज से पूछा, 'अकबर पर काफी गंभीर आरोप लगे हैं.. उन पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं. आप उसी मंत्रालय की महिला मंत्री हैं. आप क्या एक्शन लेंगी?'

वहीं ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इसे लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर सीधा-सीधी हमला बोला है. उन्होंने कहा, '3 महिला पत्रकारों ने दुनिया को मोदी सरकार के एक मंत्री का सही चेहरा दिखाया है. मैं प्रधानमंत्री से मांग करता हूं कि वो आरोपी एमजे अकबर को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करें.'

ओवैसी ने कहा कि अब देखना है कि प्रधानमंत्री इस पर क्या कदम उठाते हैं.

बता दें कि कई महिला पत्रकारों ने अपनी आपबीती बयां करते हुए एमजे अकबर पर यौन शोषण का आरोप लगाया है. इसमें से एक महिला पत्रकार ने वर्ष 2017 में अपनी आपबीती बयां की थी, महिला के मुताबिक अकबर ने उन्हें होटल के कमरे में नौकरी के इंटरव्यू के लिए बुलाया था. लेकिन उन्होंने उनकी नीयत को भांपते हुए वहां जाना मुनासिब नहीं समझा और इंटरव्यू ऑफर को ठुकरा दिया था.

आरोपों में कहा गया है कि एमजे अकबर ने यह काम तब किया जब वो अखबारों के संपादक के रूप में काम कर रहे थे.

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