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मेघालय: राज्यपाल से मिलकर कांग्रेस ने किया सरकार बनाने का दावा पेश

चुनावी नतीजों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस को यहां फिर अपनी सरकार बनाने के लिए 10 सदस्यों की जरूरत है

FP Staff Updated On: Mar 04, 2018 10:39 AM IST

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मेघालय: राज्यपाल से मिलकर कांग्रेस ने किया सरकार बनाने का दावा पेश

मेघालय विधानसभा चुनाव में 21 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी कांग्रेस ने यहां सरकार बनाने का दावा पेश किया है.

शनिवार देर रात मेघालय कांग्रेस के अध्यक्ष विंसेंट पाला और कांग्रेस महासचिव सीपी जोशी ने राज्यपाल गंगा प्रसाद से मुलाकात कर उन्हें सरकार बनाने के लिए पत्र सौंपा. इसमें उन्होंने कहा है कि राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर बनकर उभरी है. संवैधानिक नियमों के मुताबिक, कांग्रेस को जल्द से जल्द सरकार बनाने के लिए निमंत्रण दिया जाना चाहिए. विधानसभा में निश्चित दिन और समय के अनुसार पार्टी अपना बहुमत साबित कर देगी.

कांग्रेस ने सुबह 11 बजे विधायक दल का नेता चुनने के लिए जीतकर आए विधायकों की बैठक बुलाई है.

आंकड़ों के लिहाज से देखें तो कांग्रेस यहां सरकार बनाने से 9 कदम दूर है. राज्य की सत्ता में दोबारा लौटने के लिए उसे 10 विधायकों की और जरूरत है.

कांग्रेस मेघालय में मणिपुर और गोवा जैसी गलती नहीं दोहराना चाहती थी इस वजह से उसके दो बड़े नेता अहमद पटेल और कमलनाथ मेघालय में कैंप किए हुए हैं. ये दोनों नेता शनिवार को राहुल गांधी के निर्देश पर यहां भेजे गए थे. अहमद पटेल ने भरोसा जताया है कि इस बार कोई गलती नहीं होगी.

फोटो रॉयटर से

(फोटो: रॉयटर)

बीजेपी भी सहयोगियों के साथ सरकार बनाने की कवायद में 

वहीं नतीजों में 2 सीटें हासिल करने वाली बीजेपी भी यहां सरकार बनाने की कवायद में जुटी है. पार्टी ने कहा है कि एनपीपी और यूडीपी आगे आएं और राज्य में एक गैर-कांग्रेस सरकार बनाएं. बीजेपी को 19 सीटें जीतने वाली नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) का सहयोग मिल सकता है. यह कयास इसलिए है क्योंकि एनपीपी का केंद्र और मणिपुर में बीजेपी के साथ गठबंधन है.

मेघालय में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीएफ), हिल्स स्टेट पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (एचएसपीडीपी), गारो नेशनल कांउसिल (जीएनसी) ने 8 सीटें जीती हैं. इसके अलावा पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीएफ) ने 4 सीटें जीती हैं. इन सभी पर्टियों ने कांग्रेस विरोधी एजेंडे पर विधानसभा चुनाव लड़ा है. इन सबका मकसद मुकुल संगमा सरकार को गद्दी से उतारना रहा है. ऐसे में इन पार्टियों का समर्थन बीजेपी और एनपीपी को जा सकता है.

मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में सबकी निगाहें छोटी और निर्दलियों पर जा टिकी हैं जो यहां सरकार बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं.

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