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एमसीडी चुनाव 2017: मुश्किलों से कराह रहे संगम विहार के लोग

एमसीडी चुनाव से पहले लोग खुलकर बता रहे इलाके की मुश्किलें

FP Staff Updated On: Apr 19, 2017 01:07 PM IST

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एमसीडी चुनाव 2017: मुश्किलों से कराह रहे संगम विहार के लोग

दिल्ली एमसीडी के चुनाव सिर पर हैं. ऐसे में लोग अपनी परेशानियां भी खुलकर बयां कर रहे हैं. दक्षिणी दिल्ली के संगम विहार वार्ड के लोग प्रशासन पर अपना गुस्सा बुरी तरह निकाल रहे हैं. वैसे तो लोग सभी पार्टियों से गुस्सा हैं लेकिन उनका निशाना आम आदमी पार्टी पर कुछ ज्यादा है.

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एक रंगीता नाम की महिला का कहना है कि यहां पर बिजली और पानी की समस्या सबसे बड़ी है. लाइट के खंभे लगवाने के वायदे आप सरकार ने किए थे, लेकिन वो भी अब तक पूरे नहीं किए गए. लोगों का मानना है कि वोट तो ले लिए जाते हैं मगर वादे नहीं निभाए जाते.

संगम विहार की जगह संकट विहार

आए दिन होने वाली परेशानियों से ऊब के लोग कह रहे हैं कि ये संगम विहार नहीं संकट विहार बन गया है. सड़के टूटी हुई हैं. बारिश के समय सभी सड़कों पर कमर तक पानी भर जाता है. त्रस्त आ चुके लोग प्रशासन को कोस रहे हैं और चुनाव के प्रति कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं.

इसी इलाके के अब्दुल सईद नाम के व्यक्ति मुश्किलें बताते हुए कहते हैं कि अगर आपको यहां का असली हाल देखना है तो बारिश के मौसम में आइए. बारिश के मौसम में लोग टूटी और बेकार सड़को की वजह से 2 घंटे इसी इलाके में जाम में फंसे रहते हैं. इतना ही नहीं बच्चों का कहना है कि उन्हें अपनी परीक्षाओं के दिनों में 2 घंटे स्कूल जाने में लग जाते हैं क्योंकि पानी से भरी सड़कों की वजह से जाम लग जाता है.

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पानी की किल्लत को लेकर संगम विहार इलाका अक्सर खबरों में भी रहता है. खासतौर पर गर्मी के मौसम में तो यहां मुश्किलें बेतहासा बढ़ जाती हैं. यहां के लोग बताते हैं पानी बहता भी है तो गटर का बहता है.

क्या कहते हैं संगम विहार के 'नरेंद्र मोदी'

यहां के एक निवासी हैं, जिनका नाम नरेंद्र मोदी है. उनका कहना है कि वह इस नाम के साथ संगम विहार में रहते है उन्हें शर्म आती है. उनका कहना है कि यहां वह 25 साल से रहते हैं लेकिन कोई भी समस्या का समाधान निकलते हुए नजर नहीं आया. नाले बुरी तरह कचरे से भरे हुए हैं. उन्हें साफ नहीं किया जाता. पूरे मार्केट ने पैसे जोड़कर नाले साफ करवाए और सफाई कर्मचारी भी अपने ही पैसों से यहां की जनता ने रखा हुआ है.

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