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कीर्ति आजाद की पत्नी पूनम आजाद की घर वापसी के मायने क्या हैं?

कीर्ति आजाद के निलंबन के बाद पूनम आजाद ने बीजेपी से इस्तीफा देकर पिछले ही साल आप का दामन थामा था

Amitesh Amitesh Updated On: Apr 14, 2017 01:20 PM IST

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कीर्ति आजाद की पत्नी पूनम आजाद की घर वापसी के मायने क्या हैं?

एमसीडी चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी से बिहारी-पूर्वांचली नेताओं और कार्यकर्ताओं का बाहर निकलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. विधानसभा चुनाव के वक्त पूरी तरह से आप के साथ खड़े इस तबके का लगता है अब केजरीवाल से मोह भंग हो चुका है.

बिहारी मतदाताओं के वोटों के सौदागर इस बार पहले से ही केजरीवाल के किले में सेंध लगाने की फिराक में थे, अब केजरीवाल के लिए इस किले को बचाना मुश्किल लग रहा है.

बीजेपी से लेकर जेडीयू तक, जेडीयू से लेकर कांग्रेस तक सबकी नजर इसी तबके पर है. जेडीयू ने चुनाव से ठीक पहले कई जिलों में तो आप के वोलंटियर्स की पूरी यूनिट को ही अपने साथ जोड़ लिया है. तो कई जगहों पर बीजेपी ने मनोज तिवारी की लोकप्रियता की बदौलत इसमें सेंधमारी की है.

कांग्रेस की नैया पर सवार होना दिखाता है...

अब कांग्रेस की तरफ से भी कुछ इसी तरह की कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है. अभी हाल ही में पूनम आजाद को कांग्रेस में शामिल कराकर कांग्रेस ने केजरीवाल की पार्टी को बड़ा झटका दे दिया है. भले ही पूनम आजाद के जनाधार को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं लेकिन, सियासत में संकेतों के मायने बहुत होते हैं. इन संकेतों पर गौर करें तो लगता है झटका आप को मिल चुका है.

पूनम आजाद बीजेपी से निलंबित सांसद कीर्ति आजाद की पत्नी हैं. कीर्ति आजाद के निलंबन के बाद पूनम आजाद ने बीजेपी से इस्तीफा देकर पिछले ही साल आप का दामन थाम लिया था. लेकिन, एमसीडी चुनाव के बीच में पूनम आजाद का अब कांग्रेस की नैया पर सवार होना दिखाता है दिल्ली में कांग्रेस धीरे-धीरे अपनी खोई साख वापस लौटाने की जद्दोजहद कर रही है.

कीर्ति आजाद ने साधा अरूण जेटली पर निशाना 

पूनम आजाद ने 2003 में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ बीजेपी के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ा था, जिसमें हार का सामना करना पड़ा था. फिर बीजेपी के साथ उनके रिश्ते कभी नरम तो कभी गरम बरकरार रहा था.

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लेकिन, डीडीसीए में भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर उनके पति और बिहार के दरभंगा से बीजेपी सांसद कीर्ति आजाद ने वित्त मंत्री अरूण जेटली को निशाने पर लिया था जिसके बाद उन्हें बीजेपी से निलंबित कर दिया गया था.

कीर्ति आजाद के पिता भागवत झा आजाद बिहार के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं. ऐसे में उनकी पत्नी का कांग्रेस का हाथ थामना घर वापसी के तौर पर देखा जा रहा है. लेकिन, आम आदमी पार्टी के लिए यह संकेत कतई शुभ नहीं कहा जा सकता. क्योंकि, उनकी पार्टी से बिहार और पूर्वांचल के नेता, कार्यकर्ता और वोलंटियर्स की बीजेपी, कांग्रेस और जेडीयू में हो रही धड़ल्ले से इंट्री एमसीडी चुनाव में आप को परेशान कर सकता है.

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