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मायावती का मोदी का पलटवार, बोलीं-इस बार जुमले नहीं चलेंगे

मुरादाबाद रैली के दो घंटे के भीतर मायावती ने पीएम मोदी पर पलटवार किया है.

Updated On: Dec 04, 2016 01:16 PM IST

Krishna Kant

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मायावती का मोदी का पलटवार, बोलीं-इस बार जुमले नहीं चलेंगे

बसपा सुप्रीमो मायावती ने पीएम नरेंद्र मोदी की मुरादाबाद रैली के दो घंटे के भीतर करारा पलटवार किया है. मायावती के बयान की 15 खास बातें-

1- काले धन के खिलाफ हूं. लेकिन सरकार जनता को सजा देने के लिए तानाशाही रवैये के साथ काम करती हैं तो हमारी पार्टी जनता के साथ है. मेरी पार्टी ऐसे सभी फैसलों का विरोध करेगी. चाहे भाजपा हम कितने ही गलत क्यों न लगाए.

2- हमारी पार्टी अल्पसंख्यकों दलितों मजदूरों व गरीबों की पार्टी है और गरीबों की पीड़ा कम करने के लिए हर संघर्ष के लिए तैयार है.

3- लोकसभा चुनाव में मोदी ने बेरोजगारी कम करने व रोजमर्रा के लिए महंगाई कम करने, गरीबों को फ्री मकान देने व गरीब लोगों चुनाव में वादा किया था. सबके अकाउंट में 15 लाख जमा कराने का वादा किया था. बड़े बड़े वादे हवा हवाई साबित हुए. अपने ढाई साल इन्होंने सभी वादों का एक चौथाई भी कार्य पूरा नहीं किया है. यह जनता के सरासर धोखा है और जनता के साथ विश्वासघात है.

RPT--Jamnagar : Prime Minister Narendra Modi speaks during the inaugural function of the first phase of Saurashtra Narmada Avataran for Irrigation (SAUNI) project at a village in Jamnagar district on Tuesday. PTI Photo (PTI8_30_2016_000076B)

4- आगे आने वाले पांच राज्यों के चुनाव में मोदी के लिए मुश्किल हो रही है कि किस मुंह से जनता के बीच जाएं. बिना तैयारी के नोटबंदी का फैसला ले लिया गया. अब ये इनके लिए घातक साबित हो रहा है. सरकार अपने ही आदेशों को बदलकर नये नये आदेश जारी करती रहती है. नोट वितरण में भेदभाव हो रहा है. देश की जनता काफी परेशान है.

5- बिना तैयारी के लिए गए इस फैसले से देश की 90 प्रतिशत जनता खुले आसमान के नीचे लाइन में खड़ी है. अघोषित तौर पर भाजपा सरकार ने खुद ही भारत बंद जैसा माहौल बना दिया है.

6- विपक्षी दलों पर मोदी गलत बयानबाजी कर रहे हैं. सरकार गैर भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव कर रही है.

7- प्रधानमंत्री ने अपनी कमजोरियों पर पर्दा डालने के लिए नोटबंदी का फैसला लिया. उत्तर प्रदेश सरकार के बबुआ भी कम गुनहगार नहीं हैं. नोटबंदी से परेशान जनता की मदद करने के बजाय उन्होंने अपनी पुलिस से लोगों पर लाठियां चलवाईं.

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8- देशभर में करीब सौ लोग मर चुके हैं लेकिन सरकार ने उनकी आर्थिक मदद नहीं की है. क्या कोई ऐसा कर सकता है? क्या देश कैशलेस हो सकता है? क्या इसके लिए देश में बुनियादी क्षमताएं हैं? जनता का ध्यान बांटने के लिए सोची समझी साजिश के तहत भाजपा ने अपने सांसदों और विधायकों से 8 नवंबर के बाद खातों के लेनदेन का हिसाब मांग रही है. यह भी जनता को गुमराह करने की चाल है. भाजपा ने जमीनों की खरीद की और उसके खाते में पैसे जमा कराए गए. अगर वे पूरे ईमानदार व दूध के धुले हैं तो पहले अपना हिसाब देना चाहिए.

9-लोकसभा में जनता को गुमराह करके नोट हासिल किया. देश की 90 प्रतिशत जनता को पीएम ने कंगाल कर दिया. लोग अपने ही पैसों के लिए तरस रहे हैं. अगर भाजपा गरीबों के लिए ईमानदार होती तो सरकार इससे पहले 64 हजार करोड़ प्राप्त काला धन को अति गरीबों में बांट देती. काला धन पूंजीपतियों के पास है. भाजपा उनको बचाने में क्यों लगी है? उन पर कार्रवाई क्यों नहीं करती? भाजपा सरकार जनता को प्रताड़ना क्यों दे रही है? आम जनता को उस अपराध की सजा क्यों दी जा रही है जो अपराध उसने किया ही नहीं है.

10- भाजपा भ्रष्टाचारियों से लड़ने का रवैया राज्य में लचर रहा है. मोदी के प्रयास में अगर ईमानदारी होती तो केंद्र के ढाई साल के शासनकाल में लोकपाल की नियुक्ति नहीं की गई. जबकि इस संबंध में 2014 में ही कानून बन चुका है.

 11- मुख्यमंत्री रहते हुए मोदी ने वहां लोकायुक्त की संस्था को हमेशा नकारा और नियुक्ति नहीं होने दी. इसके ठीक विपरीत यूपी में बसपा सरकार ने लोकायुक्त संस्था को मजबूत किया और उसकी सिफारिशों के आधार पर बड़े बड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की.
 12- भाजपा सरकार पूंजीपतियों और धन्नासेठों के लिए काम कर रही है. काला धन रखने वाले धन्नासेठों पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? यूपी में भापजा और सपा की मिलीभगत है.
13- जब जब बसपा की सरकार बनी, रिकॉर्ड कहता है कि भाजपा कमजोर हुई. लेकिन जब जब सपा की सरकार बनी, तब तब भाजपा मजबूत हुई. इससे पता चलता है कि दोनों की मिलीभगत है.
14- भाजपा और मोदी ने केंद्र में अपनी कमियों को छुपाने के लिए नोटबंदी का राग छेड़ा और गरीबों को मुसीबत में डाला. नोटबंदी के मामले में भाजपा सरकार अड़ियल, तानाशाही भरा व कट्टरवादी रवैया अपना रही है. उसने गरीबों को मुसीबत में डाला है.
15-मुरादाबाद की रैली में पीएम ने जो बातें कहीं वह सब वे पिछले ढाई साल से दोहरा रहे हैं. लेकिन कोई कार्य पूरा नहीं किया है. हमें उनकी घोषणाओं में पूंजीपतियों व धन्नासेठों को ही फायदा पहुंचाने की साजिश नजर आ रही है. नरेंद्र मोदी जो भी कहते हैं, उसका सब उल्टा करते हैं. उत्तर प्रदेश की जनता इसका जवाब जरूर देगी.
16-इस बार जुमले नहीं चलेंगे. हमारी पार्टी पूंजीपतियों की पार्टी नहीं है. हमारी पार्टी पूरे देश में अपने कार्यकर्ताओं, अपने एमएलए और सांसदों से थोड़ा थोड़ा धन लेकर अपना आंदोलन आगे बढ़ाती है. हम पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ता.
 

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