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कांग्रेस को मायावती ने दिखाई आंख, कहा- केस रद्द करो नहीं तो राजस्थान-MP से समर्थन वापस

इसी महीने राजस्थान और मध्यप्रेश में कांग्रेस की सरकार बनी है. दोनों जगह कांग्रेस की सरकार को मायावती ने समर्थन दिया है

Updated On: Dec 31, 2018 07:11 PM IST

FP Staff

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कांग्रेस को मायावती ने दिखाई आंख, कहा- केस रद्द करो नहीं तो राजस्थान-MP से समर्थन वापस

महागठबंधन की आस लगाए कांग्रेस के लिए कुछ ठीक नहीं चल रहा है. राजस्थान, मध्यप्रदेश और छ्त्तीसगढ़ जैसे तीन बड़े राज्यों में चुनाव जीतने और उस पर बसपा का भी साथ मिलने से विपक्ष में आस जगी थी कि महागठबंधन बन सकता है. लेकिन बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने अब अपना नया ही तेवर दिखाना शुरु कर दिया है.

मायावती ने राजस्थान और मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार से समर्थन वापस लेने की दी धमकी दी है. बीएसपी ने ये धमकी इसी साल अप्रैल में एससी/एसटी एक्‍ट को लेकर हुए भारत बंद के दौरान दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने की मांग पर दी है. पार्टी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी राज में राजनीतिक और जातिगत विद्वेष से निर्दोष लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए थे.

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न्यूज18 के मुताबिक बीएसपी ने एक प्रेस रिलीज जारी किया है जिसमें कहा गया है, '2 अप्रैल 2018 को भारत बंद के दौरान एससी/एसटी एक्ट 1989 के तहत राजस्थान और मध्यप्रदेश में जो केस दर्ज किया गया था, उसे वापस लिया जाए. नहीं तो हमारी पार्टी कांग्रेस से समर्थन वापस ले लेगी.'

इसके साथ ही कांग्रेस को सलाह दी गई है कि एमपी, राजस्‍थान और छत्‍तीसगढ़ सरकार किसानों व बेरोजगारों के लिए फौरन उचित कदम उठाए.

बीएसपी ने राजस्थान और एमपी दोनों जगह दिया है कांग्रेस को समर्थन:

इसी महीने राजस्थान और मध्यप्रेश में कांग्रेस की सरकार बनी है. दोनों जगह कांग्रेस की सरकार को मायावती ने समर्थन दिया है. मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 में बीएसपी को सिर्फ दो सीटों पर जीत मिली. भिंड में संजीव सिंह बड़े वोटो के अंतर से जीते हैं तो वहीं पथरिया से गोविंद सिह ने 2205 वोटो से जीत हासिल की.

उधर राजस्थान में मायावती की पार्टी को इस बार हुए विधानसभा चुनाव में छह सीटें मिली थी. राजस्‍थान में बीएसपी ने उदयपुरवाटी, नगर, करौली, किशनगढ़बास, तिजारा और नदबई सीटों पर जीत दर्ज की है.

छत्‍तीसगढ़ में पार्टी ने अजीत जोगी की जनता कांग्रेस पार्टी से गठबंधन किया था, लेकिन पार्टी को केवल दो सीटों से संतोष करना पड़ा.

मायावती 2019 के आम चुनावों से पहले कांग्रेस को लगातार आंख दिखा रही है. उत्‍तर प्रदेश में बीएसपी के अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है. इस गठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं किया गया है.

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