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कांग्रेस को अब तीसरा झटका देंगी मायावती, राजस्थान में एसपी-लेफ्ट के साथ जाने की तैयारी

गुरुवार को मायावती ने कांग्रेस के बागी अजीत जोगी के साथ छत्तीसगढ़ में गठबंधन कर लिया, जिसके बाद कांग्रेस ने कहा कि वह राज्य में अकेले ही चुनाव लड़ेगी, मध्य प्रदेश में भी वो अकेले मैदान में उतरने की तैयारी में हैं

Updated On: Sep 21, 2018 06:14 PM IST

FP Staff

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कांग्रेस को अब तीसरा झटका देंगी मायावती, राजस्थान में एसपी-लेफ्ट के साथ जाने की तैयारी

बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती संभवतः समाजवादी पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के साथ मिल कर तीसरा मोर्चा बना सकती हैं. यह तीसरा मोर्चा आगामी राजस्थान चुनावों को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा. माना जा रहा है कि अगले साल लोकसभा चुनाव से पहले बीएसपी की ओर से कांग्रेस को यह तीसरा झटका होगा.

गुरुवार को मायावती ने कांग्रेस के बागी अजीत जोगी के साथ छत्तीसगढ़ में गठबंधन बना लिया. जिसके बाद कांग्रेस ने कहा कि वह राज्य में अकेले चुनाव लड़ेगी. मध्य प्रदेश में भी उन्होंने अब तक 22 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है.

राजस्थान के प्रभारी और सीपीआई के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अंजान ने इस खबर की पुष्टि की है. उन्होंने News 18 से कहा, 'पार्टी गठबंधन के लिए मायावती के संपर्क में है. जेडीएस और एसपी के साथ वामपंथी दलों ने तीसरा मोर्चा बनाया है. बीएसपी के भी इसमें शामिल होने पर हमें खुशी होगी. हम बीएसपी नेतृत्व के संपर्क में हैं. हालांकि बसपा कांग्रेस के साथ भी सीटों के मुद्दे पर संपर्क में है.'

छत्तीसगढ़ के उलट, जहां कांग्रेस गठबंधन करना चाह रही थी, वहीं राजस्थान में बीएसपी को साथ लेने के लिए तैयार नहीं है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने किसी भी गठबंधन के खिलाफ खुल कर सामने आए, क्योंकि पार्टी राज्य में अधिक आत्मविश्वास से लबरेज है, जहां हर पांच साल पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सत्ता परिवर्तन का इतिहास है.

अभी भी कांग्रेस के संपर्क में मायावती

हालांकि, बीएसपी के विश्वसनीय सूत्रों ने कहा कि मायावती अभी भी कांग्रेस हाई कमान के संपर्क में हैं और राज्य इकाई के स्टैंड के बावजूद दोनों के बीच गठबंधन पूरी तरह से इनकार नहीं किया गया है.

एक वरिष्ठ बीएसपी कार्यकर्ता ने कहा, 'हम कांग्रेस और अन्य गैर-बीजेपी दलों के संपर्क में हैं. लेकिन, हम राजस्थान चुनावों में अकेले जाने की गंभीरता पर विचार कर रहे हैं.' बता दें कि पिछले चुनावों में भी बीएसपी ने राज्य में गठबंधन में शामिल होने से इनकार कर दिया था और साल 2013 में 199 सीटों पर चुनाव लड़ा था. उसने 3 सीटें जीती थी और लगभग 5 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया था.

Bengaluru: Congress leader Sonia Gandhi greets West Bengal Chief Minister Mamta Banerjee, as Bahujan Samaj Party (BSP) leader Mayawati walks past during the swearing-in ceremony, in Bengaluru, on Wednesday. (PTI Photo/Shailendra Bhojak)(PTI5_23_2018_000143B)

विश्लेषकों का कहना है कि इन तीनों राज्यों में हुए मौजूदा राजनीतिक परिवर्तनों से पता चलता है कि साल 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के लिए बीजेपी विरोधी गठबंधन बनाना आसान नहीं होगा. हवा बदले में गैर-बीजेपी और गैर-कांग्रेस पार्टियों के तीसरे मोर्चे की ओर उड़ सकती है.

हरियाणा में आईएनएलडी से हाथ मिला चुकी हैं मायावती

हरियाणा में भी बीएसपी-भारतीय राष्ट्रीय लोक दल के साथ आ गई है. हालांकि राज्य में विधानसभा चुनाव आम चुनाव के बाद हैं, पिछले महीने आईएनएलडी अध्यक्ष के साथ मायावती की बैठक साल 2019 के चुनावों के लिए बहुत महत्व रखता है.

प्रमुख राजनीतिक राज्य उत्तर प्रदेश में एसपी और बीएसपी दोनों सीट साझा करने में कांग्रेस को समायोजित करने के विचार से असहज हैं. आने वाले विधानसभा चुनावों में यह दिखेगा कि साल 2019 में सीट साझा करने की बातचीत कैसे होगी. एक मजबूत कांग्रेस बनी तो अधिक सीटों की मांग करने के लिए उसे सौदेबाजी करने की ताकत देगी और अन्य विपक्षी पार्टियां यह नहीं चाहेंगी.

(न्यूज-18 के लिए प्रांशु मिश्रा की रिपोर्ट)

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