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देश के वर्तमान हालात इमरजेंसी से भी खराब: मायावती

बीएसपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्वार्थ की वजह से संवैधानिक संस्थाओं और मीडिया को कमजोर कर दिया गया है

Updated On: Oct 24, 2017 06:57 PM IST

Bhasha

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देश के वर्तमान हालात इमरजेंसी से भी खराब: मायावती

बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) अध्यक्ष मायावती ने देश के वर्तमान हालात वर्ष 1975 में लागू आपातकाल से भी अधिक खराब होने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ की वजह से संवैधानिक संस्थाओं और मीडिया को कमजोर कर दिया गया है.

मायावती ने आजमगढ़, गोरखपुर और वाराणसी मंडल के कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा, ‘बीजेपी ने अब तो राजनीतिक स्वार्थ में मीडिया और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर दिया है. इन्होंने लोकतंत्र को ही काफी हद तक कमजोर कर दिया है. तानाशाही और मनमानी का राज चल रहा है. हालात 1975 की इमर्जेंसी से काफी आगे निकल चुके हैं.’

बीएसपी सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव और उससे पहले कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव नजदीक होने की वजह से बीजेपी ने 2014 की तरह ही देश के गरीब, असहाय और मध्यम वर्ग को गुमराह करना शुरू कर दिया है, लेकिन उनकी सरकार के अनुभवों को देखते हुए बीजेपी के ‘अच्छे दिन’ अब नहीं आने वाले हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी पूरे देश को विपक्ष मुक्त बनाने के लिए सभी विरोधी पार्टियों को कमजोर करने, खत्म करने और तोड़ने के लिये सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग जैसी सरकारी मशीनरी का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग कर रही है.

मोदी सरकार ने अपना एक-चौथाई वादा भी पूरा नहीं किया 

मायावती ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार अपने किए एक-चौथाई वादे भी पूरे नहीं कर सकी. नोटबंदी और जीएसटी के फैसलों से देश की अर्थव्यवस्था काफी कमजोर होती जा रही है. पूरे देश में गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई और अन्य गंभीर समस्याएं पैदा हो गई हैं. जनता यूपी में जल्दी ही होने वाले शहरी निकाय के चुनाव में और उसके बाद लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराकर इसका जवाब देगी.

लोकसभा चुनाव समय से पहले होने की संभावना जताते हुए मायावती ने कहा कि वादे पूरे करने में नाकाम रही बीजेपी वोट लेने के लिए लोकसभा चुनाव से पहले अयोध्या में राम मंदिर निर्माण शुरू करा सकती है.

मायावती ने मंडल आयोग की सिफारिशें लागू कराने का श्रेय अपनी पार्टी को दिया. उन्होंने कहा कि वर्ष 1989 में बीएसपी का समर्थन लेने के बदले रखी गई शर्त पर ही तत्कालीन प्रधानमंत्री वी पी सिंह ने मंडल आयोग की सिफारिशों को अमली जामा पहनाया था. इसके अलावा बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को ‘भारत रत्न’ से नवाजा था.

मायावती ने केंद्र की बीजेपी सरकार द्वारा पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने और पिछड़े वर्गों के लिये आयोग गठित करने की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक हथकंडे के सिवा कुछ नहीं है.

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