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भाजपा अंबेडकर और संविधान विरोधी: मायावती

मायावती ने भाजपा को आंबेडकर और संविधान विरोधी करार दिया

Updated On: Dec 07, 2016 07:18 AM IST

IANS

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भाजपा अंबेडकर और संविधान विरोधी: मायावती

लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार को बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर उनकी प्रतिमा को पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को आंबेडकर और संविधान विरोधी करार दिया. यहां के गोमतीनगर स्थित आंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पण समारोह के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा, 'विरोधी पार्टियां बाबा साहब को लेकर भ्रम फैलाती हैं. ये पार्टियां दलितों और पिछड़ों के बीच फर्क पैदा करती हैं. बसपा के शासन में ही लोगों को हक मिला है.'

मायावती ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा, 'इन लोगों को संविधान पसंद नहीं है. ये लोग इसे बदलना चाहते हैं, आप लोगों को इनसे सावधान रहने की जरूरत है. आंबेडकर ने संविधान में सभी धर्म और जातियों को बराबर सम्मान दिया, लेकिन भाजपा और आरएसएस देश पर हिंदुत्व का एजेंडा थोपना चाह रहे हैं.'

भाजपा को दलित व अल्पसंख्यक विरोधी बताया

उन्होंने कहा कि मुसलमान यदि आज वह पूरे देश में सुरक्षित हैं तो बाबा साहेब की वजह से. उत्तर प्रदेश की 'मास्टर की' जब दलितों के हाथ में आई, उसके बाद ही दलितों व पिछड़ों के उत्थान का काम हुआ, जबकि कांग्रेस और भाजपा कभी भी ऐसा नहीं चाहती थी.

मायावती ने कहा, 'भाजपा ने आरक्षण के विरोध में वीपी सिंह की सरकार से समर्थन वापस लेकर सरकार गिरा दी थी. इससे साबित होता है कि भाजपा दलित, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक विरोधी है. भाजपा के लोग बाबा साहेब को मान-सम्मान नहीं देना चाहते, इसीलिए छह दिसंबर यानी उनके परिनिर्वाण दिवस पर ही अयोध्या में विवादित ढांचे को ढहा दिया.'

बसपा प्रमुख ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद तो फकीर नहीं हैं, लेकिन देश की 90 फीसदी जनता को फकीर जरूर बना दिया है. नोटबंदी का फैसला बिना तैयारी के लिया गया. देश की जनता आज अपने ही पैसे पाने के लिए तरस रही है, जान गंवा रही है.

मायावती ने कहा कि भाजपा ने अपने चहेते पूंजीपतियों का कालाधन पहले ही ठिकाने लगा दिया था. अब लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए बैंक खातों की डिटेल मांगी है. मोदी ने ओबीसी वर्ग का हक मारने के साथ-साथ उनके साथ छलावा भी किया है.

कांग्रेस और सपा पर भी निशाना

उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि आजादी के बाद से कांग्रेस ने कभी भी दलितों के आरक्षण का कोटा पूरा नहीं किया. दलितों को पदोन्नति में आरक्षण देने के मुद्दे को भी कांग्रेस ने दबाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन बसपा लगातार संसद में कांग्रेस पर दबाव डालती रही.

मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने कभी बाबा साहेब को भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया, कांग्रेस के सत्ता में रहते ही मंडल आयोग की सिफारिशें भी रद्द करनी पड़ी थीं.

अखिलेश को बताया 'बबुआ'

प्रदेश की समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार पर हमला बोलते हुए मायावती ने कहा, 'जब हम सत्ता में आएंगे, तब अखिलेश सरकार के सभी बड़े आर्थिक फैसलों की जांच कराएंगे, दोषी अधिकारियों और नेताओं को जेल भेजा जाएगा. इस फैसले के लिए हमें पूर्ण बहुमत की सरकार चाहिए.'

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को 'बबुआ' बताते हुए मायावती ने कहा, 'बबुआ के बयानों से हमारी पार्टी को काफी लाभ मिल रहा है. बबुआ के बयानों से हमारे चुनाव चिह्न का मुफ्त में प्रचार हो रहा.'

उन्होंने कहा, 'हाथी के चलने या खड़े रहने की बबुआ की बात कोई अनोखी नहीं है. सपा सरकार का मुख्यमंत्री वास्तव में बबुआ है, जो अपने भाषण में हाथियों का जिक्र करना नहीं भूलता, लगता है सपने में भी हमारे हाथी बबुआ को परेशान कर रहे हैं.'

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