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केजरीवाल चुप, मोदी पर हमला करने के लिए सिसोदिया तैयार

पार्टी के एक नेता ने बताया कि आप की आवाज के रूप में सिसोदिया का उभार एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है

Updated On: Apr 22, 2018 10:28 PM IST

Bhasha

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केजरीवाल चुप, मोदी पर हमला करने के लिए सिसोदिया तैयार

आम आदमी पार्टी को अपनी बात बुलंदी से रखने के लिए एक नई आवाज मिल गई है और वो आवाज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की नहीं, बल्कि उनके उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इन दिनों लो प्रोफाइल बने हुए हैं. वहीं उनके शिक्षा मंत्री ने दिल्ली सरकार की परेशानियों को उठाने और केंद्र पर हमलों की अगुवाई करने का जिम्मा उठा रखा है. पिछले कुछ दिनों से वो काफी सक्रीय नजर आ रहे हैं.

पार्टी के एक नेता ने बताया कि आप की आवाज के रूप में सिसोदिया का उभार एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है. पंजाब और गोवा में आप का सही प्रदर्शन न होने के बाद पार्टी में बहुत से लोग मानने लगे कि केजरीवाल के दांव उल्टे पड़ गए. अब मोदी पर केजरीवाल के हमले उतने आक्रामक नहीं रहे जितना कि वे होते थे.

उपराज्यपाल को तानाशाह करार देने और उन पर समानांतर सरकार चलाने से लेकर दिल्ली सरकार के सलाहकारों को हटाने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीन पन्नों की चिट्ठी लिखने तक केजरीवाल की जगह सिसोदिया ही केंद्र पर हमलों का काम कर रहे हैं. यहां तक कि सिसोदिया ने एक संवाददाता सम्मेलन भी किया और मोदी सरकार पर आरोप लगाए. लेकिन पार्टी नेताओं का कहना है कि दोनों (केजरीवाल और सिसोदिया) कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा, ‘जब यह फैसला किया गया कि केजरीवाल अपने हमलों को धीमा करेंगे तो ऐसे में किसी को वह भूमिका निभानी थी और मनीष सिसोदिया से बेहतर कोई और यह नहीं कर सकता था.’

वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘दोनों के बीच नजदीकी का स्तर यह है कि जब उन्हें कोई मुश्किल फैसला लेना होता है और वे शब्दों के आदान-प्रदान की स्थिति में नहीं होते तो वे एक-दूसरे को देखते हैं और संदेश चला जाता है.’

आप सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों पर ध्यान केंद्रित कर रही है और सिसोदिया दोनों ही मोर्चों पर आगे हैं. शिक्षा मंत्री के रूप में वह सरकारी स्कूलों में सुधार की कवायद कर रहे हैं तो वित्त मंत्री के रूप में वह आप के मोहल्ला क्लिनिकों के लिए फंड दे रहे हैं.

केजरीवाल के दाएं हाथ माने जाने वाले सिसोदिया को उनके वफादार के रूप में देखा जाता है. आप के एक अन्य नेता ने कहा, ‘केजरीवाल को उनसे (सिसोदिया) खतरा नहीं है, न ही सिसोदिया के साथ उनका कोई मुद्दा है.’

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