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Mamata vs CBI: विपक्ष का पीएम चेहरा बनने के लिए धरना का ड्रामा कर रही हैं ममता- अरुण जेटली

अरुण जेटली ने लिखा है कि ममता बनर्जी ऐसा इसलिए कर रही हैं ताकि अपने प्रतिद्वंदियों (विपक्षी दलों) में वो अपने आप को पीएम पद के लिए सबसे आगे कर सके

Updated On: Feb 05, 2019 09:27 AM IST

FP Staff

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Mamata vs CBI: विपक्ष का पीएम चेहरा बनने के लिए धरना का ड्रामा कर रही हैं ममता- अरुण जेटली

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकता में सीबीआई बनाम ममता बनर्जी के बीच चल रहा घमासान आज तीसरे दिन भी जारी है. अब इस मामले पर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा है. जेटली ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि कोलकाता पुलिस कमिश्नर से पूछताछ के लिए गई सीबीआई टीम को रोकने में ममता बनर्जी ने जो जल्दबाजी में प्रतिक्रिया दी, उससे कई मुद्दे जनता के बीच चर्चा के लिए आ गए हैं. उन्होंने कहा है कि सबसे महत्वपूर्ण यह है कि एक क्लेपटोक्रेट क्लब (एक ऐसा शासक जो अपनी ताकत के इस्तेमाल से देश के संसाधनों का दोहन करता है) भारत पर शासन करना चाहता है.

जेटली ने अपने फेसबुक पोस्ट में चिटफंड घोटाले और इसकी जांच पर भी विस्तार से लिखा है. जेटली ने कहा है कि यह मामला 2012-13 में सामने आया था. इस मामले की जांच को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सौंपा था. सीबीआई ने कई लोगों को गिरफ्तार किया तो कई अभी बेल पर हैं.

उन्होंने सवाल पूछा है कि अगर सीबीआई एक पुलिस अधिकारी से पूछताछ करना चाहती है तो कैसे यह सुपर इमरजेंसी, संघीय ढांचे पर प्रहार और संस्थाओं की बर्बादी है? जेटली ने साफ कहा है कि यह सोचना कि ममता बनर्जी ने एक पुलिस अधिकारी से जांच को लेकर धरना दिया है, गलत होगा.

अरुण जेटली ने लिखा है कि ममता बनर्जी ऐसा इसलिए कर रही हैं ताकि अपने प्रतिद्वंदियों (विपक्षी दलों) में वो अपने आप को पीएम पद के लिए सबसे आगे कर सके. प्रधानमंत्री पर हमला करना उनकी एक रणनीति है. इसके माध्यम से वे अपने साथ के लोगों को साइड कर खुद को केंद्र में रखना चाहती हैं.

सारदा चीट फंड मामले में जांच के लिए कोलकाता पुलिस कमिश्नर से पूछताछ करने पहुंची सीबीआई की टीम के कार्रवाई को ममता बनर्जी समेत तमाम विपक्षी दलों ने देश के संघीय ढ़ाचे पर प्रहार करार दिया है. इस पर अरुण जेटलनी ने लिखा है कि संघीय व्यवस्था कोई स्लोगन नहीं है. यह केंद्र-राज्य संबंधों के बीच का एक नाजुक संतुलन है.

एक राज्य कर रहा है देश के संघीय ढांचे पर प्रहार

जेटली ने लिखा है कि हमारे संविधान में केंद्र और राज्य सरकार के बीच काम करने के तरीके को साफ तौर पर लिखा गया है. अरुण जेटली के मुताबिक, देश में कई केंद्रीय एजेंसी और संस्थाएं हैं जो राज्यों में जांच करती हैं.

उन्होंने पूछा है कि क्या इनकम टैक्स विभाग को एक राज्य सरकार टैक्स वसूलने से रोक सकती है, क्या कोई राज्य सरकार एनआईए को उस राज्य में मौजूद आतंकवादियों को पकड़ने से रोक सकती है, क्या कोई राज्य सरकार ईडी को उस राज्य में मौजूद स्मगलर और मनी लॉन्ड्रिंग करने वालों की जांच करने और उसे गिरफ्तार करने से रोक सकती है? जेटली ने लिखा है कि इसका उत्तर बिल्कुल ना है.

जेटली ने साफ कहा है कि यह एक ऐसा मामला है जिसमें राज्य ही देश के संघीय ढांचे पर हमला कर रहा है. उन्होंने लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जांच करने गई केंद्रीय एजेंसी को रोकना देश के संघीय ढांचे पर सीधा प्रहार है.

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