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हिंदुस्तान को लिंचिस्तान ना बनने दिया जाए- मल्लिकार्जुन खडगे

खडगे ने कहा, 'लोग चिंतित हैं कि इस देश में लोकतंत्र है कि नहीं? सरकार है कि नहीं?

FP Staff Updated On: Aug 01, 2017 11:59 AM IST

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हिंदुस्तान को लिंचिस्तान ना बनने दिया जाए- मल्लिकार्जुन खडगे

गौरक्षा के नाम पर दलितों और अल्पसंख्यकों की भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या किए जाने के मुद्दे पर सोमवार को कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लोकसभा में सवाल किया कि ऐसे कितने मामलों में उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की.

देश में ऐसी घटनाओं में इजाफा होने का दावा करते हुए लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने आरोप लगाया, 'ऐसी घटनाओं के पीछे केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी से जुड़े संगठनों वीएचपी और बजरंग दल जैसे संगठनों का हाथ है. प्रधानमंत्री बताएं कि वे इन हमलों को रोकने के लिए क्या करेंगे?'

सदन में नियम 193 के तहत देश में अत्याचारों और भीड़ द्वारा हिंसा की कथित घटनाओं पर चर्चा की शुरूआत करते हुए खड़गे ने यह बात कही.

खडगे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों को एक तरफ तो गुंडा करार दिया लेकिन आप बताएं कि आपने उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की, कितने एफआईआर दर्ज किए गए और कितने लोगों को जेल में भेजा गया.

'विदेशों में हो रही है छवि खराब'

उन्होंने कहा कि यदि ऐसी घटनाएं जारी रहीं तो क्या देश में लोकतंत्र बचेगा? एकता बचेगी? कानून व्यवस्था बचेगी? उन्होंने दिल्ली के समीप ट्रेन में, ईद की खरीदारी करके लौट रहे जुनैद नामक एक किशोर की पीट पीट कर हत्या किए जाने का मामला उठाया और कहा कि उसकी मौत के बाद के घटनाक्रम से अपराधियों को यह संदेश गया है कि उनका कुछ नहीं बिगड़ेगा.

सहारनपुर की एक घटना का जिक्र करते हुए खडगे ने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय यूपी सरकार ने पीड़ित एसएसपी का ही तबादला कर दिया. उन्होंने साथ ही आरोप लगाया कि बीजेपी शासित राज्यों में ही इस प्रकार की घटनाएं अधिक हो रही हैं. उन्होंने सरकार से अपील की कि हिंदुस्तान को लिंचिस्तान ना बनने दिया जाए.

कुछ बीजेपी सदस्यों द्वारा केरल में आरएसएस के कार्यकर्ता की कथित हत्या का मुद्दा उठाए जाने पर खडगे ने कहा कि केरल में ऐसी घटना होती है तो वहां के राज्यपाल और गृह मंत्री तक से जवाब तलब किया जाता है लेकिन भीड़ द्वारा लोगों को पीट-पीट कर मार डाला जाता है और सरकार कुछ नहीं करती.

उन्होंने कहा कि आज विदेशों में इन घटनाओं को लेकर देश की छवि खराब हो रही है. उन्होंने साथ ही कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अमावस्या और पूर्णिमा को ही लोकसभा में आते हैं और वे ऐसा करके कोई उपकार नहीं करते. वह देश के नेता हैं और उन्हें सदन में हर रोज आना चाहिए.

उन्होंने कहा कि पिछले 70 सालों में ऐसी घटनाएं नहीं हुईं. राजनीतिक मुद्दे पर हत्याएं होती हैं लेकिन देश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि गौरक्षा के नाम पर लोगों को मारा जा रहा है. उन्होंने कहा, 'लोग चिंतित हैं कि इस देश में लोकतंत्र है कि नहीं? सरकार है या नहीं? कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज है या नहीं ?' खडगे ने कहा कि सरकार को इन सब बातों का जवाब देना चाहिए.

किरेन रिजिजु ने किया सरकार का बचाव

देश में गोरक्षा के नाम पर लोगों की पीट-पीटकर हत्या के मामलों पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजु ने कहा कि कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर भ्रष्टाचार जैसे विषयों पर बोलने के लिए कुछ नहीं बचा है.

उन्होंने कहा, 'असहिष्णुता, अवार्ड वापसी, जेएनयू में कथित देशविरोधी नारों के मुद्दो पर भी उनकी कलई खुल गयी है इसलिए इस तरह के विषयों को उठाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है.

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