S M L

मराठी अनुवाद ना होने पर विपक्ष ने किया राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने बाद में घटना को लेकर माफी मांगी और इस चूक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की

Bhasha Updated On: Feb 26, 2018 06:01 PM IST

0
मराठी अनुवाद ना होने पर विपक्ष ने  किया राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार

विपक्षी दलों ने महाराष्ट्र विधानमंडल में राज्यपाल सी विद्यासागर राव के अभिभाषण का मराठी अनुवाद मौजूद ना होने पर आज विधानमंडल के संयुक्त सत्र का बहिष्कार कर दिया.

नाराज विपक्षी दल इसके बाद सेंट्रल हॉल से बाहर चले गए.

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने बाद में घटना को लेकर माफी मांगी और इस चूक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.

राज्यपाल ने जैसे ही अंग्रेजी में अपना अभिभाषण शुरू किया, सदस्यों ने अपने हेडफोन पहन लिए लेकिन तकनीकी खामी के कारण वह मराठी अनुवाद सुन नहीं पा रहे थे.

विपक्षी सदस्यों ने इसकी शिकायत की और फिर सरकार पर मराठी भाषा के अपमान का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करने लगे.

बीजेपी के सदस्य आशीष शेलार और राज पुरोहित भी अभिभाषण का मराठी अनुवाद ना होने पर आपत्ति जताते दिखे. शिवसेना सदस्यों ने भी इसका विरोध किया.

इसके बाद शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े अनुवाद कक्ष में गए और राज्यपाल के अभिभाषण का मराठी अनुवाद पढ़ा.

तावडे मराठी भाषा विभाग के भी प्रभारी हैं.

विपक्षी जब नारेबाजी कर रहे थे तब फड़णवीस और पुरोहित ने उन्हें बताया कि मराठी अनुवाद अब सुना जा सकता है लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया और बाहर चले गए.

बाद में जब बजट सत्र के लिए विधानसभा की बैठक शुरू हुई तब विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने घटना को मराठी भाषा का ‘अपमान’ बताते हुए उसकी निंदा की.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
SACRED GAMES: Anurag Kashyap और Nawazuddin Siddiqui से खास बातचीत

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi