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महाराष्ट्र: मराठा समुदाय के लिए 16 फीसदी आरक्षण का प्रस्ताव विधानसभा में पास

इससे पहले सीएम देवेंद्र फडणवीस ने संकेत दिए थे कि मराठा समुदाय को आरक्षण देने का औपचारिक ऐलान 1 दिसंबर को किया जा सकता है.

Updated On: Nov 29, 2018 02:43 PM IST

FP Staff

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महाराष्ट्र: मराठा समुदाय के लिए 16 फीसदी आरक्षण का प्रस्ताव विधानसभा में पास

मराठा समुदाय को 16 फीसदी आरक्षण देने के लिए पेश किया गया बिल विधानसभा में पास हो गया है. अब इसे मंजूरी के लिए विधानपरिषद में पेश किया जाएगा. महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को शिक्षा और रोजगार के मामले में मराठा समुदाय को 16 फीसदी आरक्षण देने का प्रस्ताव रखा, जिसे विधानसभा में मंजूर कर लिया गया.

सीएम फडणवीस ने क्या कहा?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र विधानसभा में सीएम फडणवीस ने कहा कि, 'हमने मराठा आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली है और आज हम बिल लेकर आए हैं.' धनगर आरक्षण पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि, 'धनगर आरक्षण पर रिपोर्ट पूरी करने के लिए समिति गठित की गई है.

5 दिसंबर तक आरक्षण लागू करना चाहती है सरकार

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो सरकार की कोशिश है कि 30 नवंबर को मराठा आरक्षण के लिए बिल पास हो जाए. ताकि सरकार 5 दिसंबर तक इसे औपचारिक रूप से लागू कर सके.

बुधवार को हुई अहम बैठक

इससे पहले बुधवार को ही मराठा आरक्षण को लेकर विधानसभा स्‍पीकर ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. बैठक में सीएम देवेंद्र फडणवीस, कैबिनेट की उप समिति सहित विपक्ष के सभी नेता मौजूद रहे. सरकार मराठा आरक्षण को लेकर आम सहमति बनाने की कोशिश कर रही थी. सदन में मराठा समाज के लिए रिपोर्ट और बिल ड्राफ्ट पर चर्चा भी हुई.

इससे पहले महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने बुधवार को कहा कि मराठा समुदाय के आरक्षण के लिए बिल को पास करने के लिए अगर जरूरत हुई तो महाराष्ट्र विधानमंडल के सत्र को बढ़ाया जा सकता है.

दरअसल पाटिल विधान परिषद में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग (एसबीसीसी) की रिपोर्ट सदन के सामने रखे जाने की विपक्ष की मांग पर जवाब दे रहे थे. विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने यह मुद्दा उठाते हुए पूछा था कि, सरकार मराठा और धनगर (गडरिया) समुदायों को आरक्षण के प्रावधान के लिए एसबीसीसी और टीआईएसएस (टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज) की रिपोर्टों को क्यों ‘छिपा’ रही है?

उन्होंने कहा कि अगर सरकार एसबीसीसी और टीआईआईएस के निष्कर्षों वाली रिपोर्ट पर कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) को गुरुवार को सदन के सामने रखती है तो इसका मतलब है कि वह सदन में आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा को लेकर गंभीर नहीं है.

सीएम फडणवीस ने दिए संकेत

इससे पहले सीएम देवेंद्र फडणवीस ने संकेत दिए थे कि मराठा समुदाय को आरक्षण देने का औपचारिक ऐलान 1 दिसंबर को किया जा सकता है.

फडणवीस ने कहा था कि हमें मराठा आरक्षण पर बैकवर्ड कमीशन की रिपोर्ट मिल गई है. मैं आप सबसे निवेदन करता हूं कि आप 1 दिसंबर को जश्न की तैयारी करिए. फडणवीस के इस बयान से माना जा रहा था कि सरकार मराठाओं को आरक्षण देने का ऐलान कर सकती है.

16 फीसदी आरक्षण देने की सिफारिश

इससे पहले 15 नवंबर को महाराष्ट्र पिछड़ा वर्ग आयोग ने मराठों को 16 फीसदी आरक्षण देने की सिफारिश की थी. इस मामले में आयोग ने अपनी रिपोर्ट भी सरकार को सौंप दी थी. महाराष्ट्र में 30 फीसदी आबादी मराठों की है, इसलिए उन्हें सरकारी नौकरी में आरक्षण दिए जाने की जरूरत है.

वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रिपोर्ट में कहा गया है कि मराठों को आरक्षण देने के दौरान ओबीसी कोटे में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा. अगर इस आरक्षण पर मुहर लगती है तो सभी श्रेणी को मिलाकर राज्य में कुल 68 फीसदी आरक्षण हो जाएगा जबकि अभी राज्य में अलग-अलग वर्ग को मिलाकर 52 फीसदी आरक्षण है.

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