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महाराष्ट्र बजटः कर्जमाफी पर चर्चा नहीं, 8233 करोड़ मिला सिंचाई को

075 करोड़ गरीबों के लिए घर बनाने के लिए रखा गया है. 922 करोड़ का बजट 14 ज़िलों में खाद्य सुरक्षा के लिए रखा गया है

FP Staff Updated On: Mar 09, 2018 05:58 PM IST

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महाराष्ट्र बजटः कर्जमाफी पर चर्चा नहीं, 8233 करोड़ मिला सिंचाई को

शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार ने अपना चौथा बजट पेश किया. वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार विधानसभा में 2017-18 का बजट पेश किया. सरकार ने इस बजट में किसानों का खास ख्याल रखा है. इसके तहत ढेर सारे कोल्ड स्टोरज खोले जाएंगें.

इसके साथ ही सिंचाई के लिए 8233 करोड़ रूपए का बजट रखा है. जबकि पेड़-पौधे लगाने के लिए 15 करोड़ रूपए का बजट निर्धारित किया गया है.

बजट में इस बार शिक्षा पर खासा ज़ोर दिया गया है. इसके तहत 6 स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी खोले जाएंगे. अंतरराष्ट्रीय स्तर के सौ स्कूल खोलने की भी सरकार ने योजना बनाई है.

वहीं 378 करोड़ आदिवासी छात्र को अच्छे स्कूल में पढ़ाने के लिए. 1075 करोड़ रूपए गरीबों के लिए घर बनाने के लिए रखा गया है. 922 करोड़ रूपए का बजट 14 ज़िलों में खाद्य सुरक्षा के लिए रखा गया है.

महाराष्ट्र सरकार ने OBC, ST/ SC के लिए स्कॉलरशिप की राशि बढा दी है. अब छात्रों को 4000 रूपए मिलेंगे. इससे पहले स्कॉलरशिप के तौर पर सिर्फ 2000 रुपए मिलते थे. यानी अब ये राशि सीधे दोगुनी हो गई है.

सीएम ने कहा रास नहीं आएगा विपक्ष को बजट

सरकार ने सुरक्षा इंतजाम को पुख्ता करने के लिए पुलिस विभाग का बजट बढ़ा दिया है. 114 करोड़ रूपए पुलिस स्टेशन पर ई गवर्नेंस के लिए खर्च किए जाएंगे. जबकि CCTV पर 165 करोड़ खर्च करने की योजना है.

इस दौरान सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि विपक्ष को यह बजट रास नहीं आएगा. क्योंकि इसमें अधिकतर समस्याओं का समाधान किया गया है. ये ऐसी समस्या है, जिन्हें पिछले 15 साल में कांग्रेसी सरकार ने खड़ा किया है.

कृषि और बुनियादी ढांचों के निर्माण पर दिया गया है जोर 

उन्होंने कहा कि कृषि और बुनियादी ढांचे में इतने बड़े पैमाने पर निवेश कभी नहीं किया गया था. पिछड़े वर्गों को आगे ले जाया जा रहा है. इस बजट के जरिए बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे और महाराष्ट्र आगे बढ़ेंगा.

पिछले साल वित्त मंत्री मुनगंटीवार ने राज्य विधानसभा में 62, 844 करोड़ रुपए का बजट पेश किया था. UPSc और बैंक की परीक्षा में ज्यादा से ज्यादा महाराष्ट्र के स्टूडेंट्स पास हो इसके लिए सरकार हर ज़िले में कोचिंग सेंटर खोलेगी. सरकार ने कोचिंग सेंटर के लिए 50 करोड़ रूपए का बजट रखा है.

इसमें से 38, 872 करोड़ रूपए की धनराशि कर्ज के तौर पर दिखाई गई थी. इससे पहले आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट में राज्य की विकास दर में गिरावट दर्ज की गई है. चालू वित्त वर्ष में राज्य की विकास दर 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया गया है. जो वर्ष 2016-17 के 10 फीसदी की तुलना में 2.7 फीसदी कम है.

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