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अनलिमिटेड पावर प्लान से चौथी बार चुनाव जीतना चाहते हैं शिवराज

मध्य प्रदेश सरप्लस राज्य है, इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने बिजली कंपनियों को भरोसे में लिए बगैर ही 200 रुपए के फिक्स चार्ज पर गरीबों को अनलिमिटेड बिजली देने का ऐलान कर दिया है

Updated On: Jan 01, 2018 05:40 PM IST

Dinesh Gupta
(लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं)

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अनलिमिटेड पावर प्लान से चौथी बार चुनाव जीतना चाहते हैं शिवराज

मध्य प्रदेश में साल 2018 के अंत में विधानसभा का चुनाव होना है. गुजरात विधानसभा के चुनाव में विकास मॉडल को मिली कड़ी चुनौती के बाद राज्य  के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव की रणनीति पर नए सिरे से काम करना शुरू कर दिया है.

शिवराज सिंह चौहान की रणनीति रियायतों के मॉडल पर चुनाव लड़ने की है. इस मॉडल में गरीबों को घर और जमीन के साथ-साथ 200 रुपए प्रति माह में अनलिमिटेड बिजली देना भी शामिल है. राज्य में इन दिनों लगभग हर गांव में लोग बिजली के बिल से त्रस्त हैं. जगह-जगह बिजली विभाग के अफसरों से लोगों का विवाद हो रहा है. विपक्षी दल कांग्रेस के साथ-साथ आम आदमी पार्टी (आप) भी बिजली की दरों को चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में लगी हुई है.

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने हाल ही में एक निजी कंपनी द्वारा बिजली के बिलों की अनाप-शनाप वसूली को मुख्यमंत्री को घेरने की कोशिश की थी. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कुछ दिनों पूर्व अपनी भोपाल यात्रा में कहा था कि मध्य प्रदेश के लोगों को बिजली महंगी दी जा रही है, जबकि दूसरे राज्यों को बिजली सस्ती दरों पर बेची जा रही है. राज्य में बिजली की दरें 3 रुपए 85 पैसे लेकर साढ़े 6 रुपए प्रति यूनिट तक हैं.

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इन दरों पर विभिन्न टैक्स लगाए जाने के बाद बिजली की न्यूनतम दर 4 रुपए प्रति यूनिट से लेकर साढ़े 7 रुपए प्रति यूनिट तक हो जाती है. प्रदेश में 30 यूनिट तक बिजली उपभोग करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 38 लाख है. 31 यूनिट से 50 यूनिट तक के खपत वाले उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 10 लाख है.

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मध्य प्रदेश में हैं रिकार्ड गरीब

राज्य में 70 फीसदी से अधिक आबादी गरीबी की रेखा के नीचे रहती है. ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली विभाग के लगभग 55 लाख उपभोक्ता हैं. इनमें 33 लाख लोग गरीबी की रेखा के नीचे वाले हैं. शहरी क्षेत्रों में इनकी संख्या 6 लाख से अधिक बताई जाती है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह इन 40 लाख उपभोक्ताओं को 200 रुपए में अनलिमिटेड बिजली देना चाहते हैं. रीवा में एक कार्यक्रम में उन्होंने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि गरीब को सरकार मकान बना कर देगी. उसमें बिजली का कनेक्शन भी मुफ्त दिया जाएगा. 200 रुपए प्रति माह देकर वह भरपूर बिजली का उपयोग करे.

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मध्य प्रदेश बिजली के मामले में सरप्लस राज्य है. राज्य पावर प्लांटों की कुल बिजली उत्पादन की क्षमता साढ़े 17 हजार मेगावाट से अधिक है. हाल ही में बिजली कंपनियों ने एक दिन में अधिकतम 12 हजार मेगावाट से अधिक की मांग को पूरा करने का रिकॉर्ड कायम किया है. एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक संजय कुमार शुक्ल के अनुसार प्रदेश में रबी सीजन के कारण बिजली की अधिकतम मांग दिनों दिन बढ़ती जा रही है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2003-2004 में बिजली की अधिकतम मांग 4,984 मेगावाट दर्ज हुई थी, जबकि चालू वित्तीय वर्ष 2017-18 में अभी तक बिजली की अधिकतम मांग 12,219 मेगावाट तक दर्ज हो रही है.

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इस प्रकार प्रदेश में 14 वर्षों में बिजली की अधिकतम मांग में अभी तक 145 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. बिजली उत्पादन की क्षमता मांग से अधिक होने के कारण बिजली कंपनियों को अन्य राज्य को बैंकिंग सिस्टम में सस्ती बिजली देना पड़ रही है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अगले चुनाव को देखते हुए इस बिजली का उपयोग राज्य में ही करना चाहते हैं. यही वजह है कि उन्होंने बिजली कंपनियों को भरोसे में लिए बगैर ही 200 रुपए के फिक्स चार्ज पर अनलिमिटेड बिजली देने का एलान कर दिया है.

तीन बार से लगातार मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान की छवि किसान और गरीब हितैषी है

तीन बार से लगातार मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान की छवि किसान और गरीब हितैषी है

बिजली कंपनियां अगले वित्तीय वर्ष के लिए टैरिफ प्रस्ताव विद्युत नियामक आयोग के सामने प्रस्तुत कर चुकी हैं. फिक्स चार्ज पर बिजली दिए जाने से होने वाले घाटे की भरपाई सरकार करेगी. राज्य सरकार पर 1 लाख 33 हजार करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज है.

युवा और गरीब वोटरों पर केंद्रित रणनीति

गुजरात के चुनाव परिणामों के बाद शिवराज सिंह चौहान की चुनावी रणनीति में भी बड़ा परिवर्तन देखने को मिल रहा है. मुख्यमंत्री अब तक किसानों और महिलाओं को आगे रखकर चुनाव की रणनीति पर काम कर रहे थे. अब उन्होंने युवा और गरीब पर अपनी रणनीति को फोकस किया है. युवा वोटरों को लुभाने के लिए मुख्यमंत्री मेधावी छात्र योजना लागू की गई है. इस योजना के तहत बारहवीं की परीक्षा में 70 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले छात्रों की उच्च शिक्षा का खर्च सरकार द्वारा उठाया जाएगा.

मेडिकल और इंजीनिरिंग के अलावा अन्य प्रोफेशनल कोर्स का खर्च भी सरकार उठाएगी. प्राइवेट कॉलेजों में पढ़ाई का खर्च भी सरकार ही उठाएगी. शिवराज सरकार ने गरीब वोटरों को लुभाने के लिए मुफ्त जमीन देने का एलान भी किया है. सहरिया आदिवासियों को खर्च के लिए हर महीने 1 हजार रुपए दिए जाने की योजना का विस्तार भी किए जाने की तैयारी चल रही है.

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