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राहुल ने व्यापम घोटाले के व्हिसल ब्लोअर को वादा कर नहीं दिया टिकट

आनंद राय ने ही मध्यप्रदेश प्रोफेशनल एक्जामिनेशन (व्यापम) दिए बगैर सिर्फ सरकारी अधिकारियों को पैसे खिलाकर टेस्ट पास करने वालों की लिस्ट में डलवाने के खिलाफ हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी

Updated On: Nov 10, 2018 04:30 PM IST

FP Staff

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राहुल ने व्यापम घोटाले के व्हिसल ब्लोअर को वादा कर नहीं दिया टिकट
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मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इसके लिए कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है. कांग्रेस की लिस्ट में मध्यप्रदेश के कुख्यात व्यापम घोटाले के व्हिसल ब्लोअर का नाम नहीं है. आनंद राय ने ही मध्यप्रदेश प्रोफेशनल एक्जामिनेशन (व्यापम) दिए बगैर सिर्फ सरकारी अधिकारियों को पैसे खिलाकर टेस्ट पास करने वालों की लिस्ट में डलवाने के खिलाफ हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी.

राय का कहना है- 'राहुल गांधी के वादे के बावजूद मुझे विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया. सिर्फ मेरे ही कारण कांग्रेस के संजीव सक्सेना (व्यापम का एक और अभियुक्त) को टिकट नहीं मिला.'

एनडीटीवी के मुताबिक 2005 में राय ने व्यापम की परीक्षा दी थी. जब इस परीक्षा के नतीजे आए तो राय को शक हुआ. क्योंकि परीक्षा पास किए हुए कई लोग एक ही हॉस्टल के एक ही ब्लॉक के थे. इसके बाद राय ने इसकी खोजबीन शुरु की. उन्होंने इसके बारे में कई शिकायतें की. लेकिन उनकी एक भी शिकायत का उन्हें जवाब नहीं मिला. तब राय ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

राय का कहना है कि वो निर्दोष हैं और सच्चाई खुद ब खुद सामने आ जाएगी. अभी मैं कांग्रेस को मजबूत करने के लिए काम करुंगा. एक बार के लिए मैं ठगा हुआ महसूस जरुर कर रहा था लेकिन अब मुझे लगता है कि मुझे बड़े मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए.

कांग्रेस के कई बड़े नाम चुनाव नहीं लड़ेंगे:

मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमल नाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे कांग्रेस के कई बड़े नेता चुनाव नहीं लड़ेंगे. बृहस्पतिवार को कांग्रेस ने अपनी फाइनल लिस्ट जारी कर दी है. बुधवार को जारी अपनी चौथी लिस्ट में कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साले संजय सिंह मसानी सहित 29 लोगों के नाम जारी किए थे.

राज्य में बीजेपी पिछले 15 सालों से सत्ता में है. 2013 के चुनावों में बीजेपी को बड़ी जीत हासिल हुई थी. लेकिन इस बार कांग्रेस को आशा है कि व्यापम और मंदसौर दंगों के कारण बीजेपी की स्थिति राज्य में कमजोर हुई है और इससे पार्टी को फायदा होगा.

मध्यप्रदेश में 230 विधानसभा सीटें हैं जिनपर 28 नवंबर को चुनाव होगा.

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