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पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगले देगी मध्यप्रदेश सरकार

कैबिनेट ने वेतन एवं भत्ता अधिनियम 1972 को एक अध्यादेश के जरिए संशोधित करने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है

Bhasha Updated On: Apr 25, 2017 11:53 PM IST

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पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगले देगी मध्यप्रदेश सरकार

मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगले और दूसरी सहूलियतें देगी. मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में वर्तमान कानून में संशोधन कर एक अध्यादेश लाने का निर्णय लिया गया. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में यह बैठक हुई.

बैठक के बाद जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया, ‘कैबिनेट ने मध्यप्रदेश के मंत्रियों के वेतन एवं भत्ता अधिनियम 1972 को एक अध्यादेश के जरिए संशोधित करने के प्रस्ताव को आज मंजूरी दे दी है.’ उन्होंने कहा कि अध्यादेश लाकर यह संशोधन इसलिए किया जा रहा है, ताकि पूर्व मुख्यमंत्रियों को भी कैबिनेट मंत्रियों की तरह यह सुविधाएं दी जा सके.

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संशोधित अध्यादेश अगले विधानसभा सत्र में पेश 

मिश्रा ने बताया कि अध्यादेश इसलिए लाना पड़ा, क्योंकि वर्तमान में विधानसभा का सत्र नहीं चल रहा है. इस संशोधित अध्यादेश को अगले विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा.

प्रस्ताव के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री, जो राज्य से चुने जाते हैं, वह उसी तरह से बंगला और दूसरी सुविधाओं के हकदार होंगे, जैसे कैबिनेट मंत्री होते हैं.

इससे पहले, अप्रैल 2016 में राज्य सरकार ने इस बारे में एक आदेश जारी किया था, लेकिन अदालत में इसे चुनौती दे दी गई थी. इसलिए राज्य सरकार इस संबंध में अध्यादेश ला रही है.

वर्ष 2016 के आदेश के अनुसार मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा को अपना भोपाल स्थित सरकारी बंगला छोड़ना पड़ा था.

Motilal Vora

(फोटो: फेसबुक से साभार)

मोतीलाल वोरा छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं, जो साल 2000 में विभाजन के बाद मध्यप्रदेश से अलग हो गया था. वोरा अविभाजित मध्यप्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं.

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