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मध्य प्रदेश सरकार ‘प्रचार कम-काम ज्यादा’ में विश्वास करती है: आनंदीबेन पटेल

उन्होंने कहा कि सरकार का रोडमैप और ब्लू प्रिंट वचन पत्र ही है और उसे आगामी पांच वर्षो में पूरी शिद्दत और प्राथमिकता से अमल में लाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है

Updated On: Jan 08, 2019 08:27 PM IST

Bhasha

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मध्य प्रदेश सरकार ‘प्रचार कम-काम ज्यादा’ में विश्वास करती है: आनंदीबेन पटेल

मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार घोषणाओं में नहीं, ‘प्रचार कम-काम ज्यादा’ में विश्वास करती है. सरकार का मानना है कि कहने से ज्यादा जरूरी काम करना है. मुझे विश्वास है कि यह नई संस्कृति ‘वक्त है बदलाव का’ को चरितार्थ कर प्रदेश को प्रगति की नई दिशा की ओर ले जाएगी.

हाल ही में बनी है कांग्रेस की सरकार

मध्यप्रदेश में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बाद नवगठित 15वीं विधानसभा के पहले सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा, ‘मेरी सरकार घोषणाओं में नहीं, प्रचार कम-काम ज्यादा में विश्वास करती है. सरकार का मानना है कि कहने से ज्यादा जरूरी काम करना है. मुझे विश्वास है कि यह नई संस्कृति ‘वक्त है बदलाव का’ को चरितार्थ कर प्रदेश को प्रगति के नए आयामों की ओर ले जायेगी.’

प्रदेश में बीजेपी के 15 साल के शासन के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृतव में कांग्रेस की सरकार बनी है. राज्यपाल के अभिभाषण में कांग्रेस सरकार ने अप्रत्यक्ष तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर कटाक्ष किया है. मालूम हो कि कांग्रेस ने अपने चुनाव प्रचार में पूर्व मुख्यमंत्री चौहान को ‘घोषणावीर’ करार दिया था और कांग्रेस की मुख्य थीम ‘वक्त है बदलाव का’ ही थी. राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान मुख्य विपक्षी दल बीजेपी के विधायक सदन से अनुपस्थित रहे.

बीजेपी ने सदन से किया वॉकआउट

दरअसल, राज्यपाल के अभिभाषण से पहले विधानसभा अध्यक्ष के निर्वाचन के दौरान मुख्य विपक्षी दल बीजेपी के सदस्यों ने अध्यक्ष पद के लिए अपनी पार्टी के उम्मीदवार के नाम का प्रस्ताव पेश करने की अनुमति प्रोटेम स्पीकर दीपक सक्सेना द्वारा नहीं देने के विरोध में सदन की कार्यवाही से दिन भर के लिए बाहर निकल गए.

पटेल ने कहा कि मप्र सरकार ने कार्यभार संभालते ही राष्ट्रीयकृत और सहकारी बैंकों में अल्पकालीन फसल रिण के रूप में शासन द्वारा पात्रतानुसार पात्र पाए गए किसानों के दो लाख रुपए की सीमा तक का बकाया फसल रिण माफ कर दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार का रोडमैप और ब्लू प्रिंट वचन पत्र ही है और उसे आगामी पांच वर्षो में पूरी शिद्दत और प्राथमिकता से अमल में लाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है.

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