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मध्य प्रदेश उपचुनाव: क्या सिंधिया की लोकप्रियता का मुकाबला बार बालाएं कर पाएंगी?

सिंधिया की सभाओं में भीड़ रोकने के लिए राज्य मंत्री जालम सिंह पटेल के स्वागत मंच पर हुए बार बालाओं के डांस ने कांग्रेस को एक नया मुद्दा दे दिया है

Updated On: Feb 13, 2018 08:29 AM IST

Dinesh Gupta
(लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं)

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मध्य प्रदेश उपचुनाव: क्या सिंधिया की लोकप्रियता का मुकाबला बार बालाएं कर पाएंगी?

मध्यप्रदेश के दो विधानसभा क्षेत्र मुंगावली एवं कोलारस में उपचुनाव के लिए मतदान 24 फरवरी को होना है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया दोनों के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव बने हुए हैं. इन दोनों क्षेत्रों में चुनाव प्रबंधन का पूरा काम बाहरी लोगों के हाथों में है.

कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों ही स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भरोसा कर किसी भी तरह का खतरा मोल नहीं लेना चाहती हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जहां अपना पूरा मंत्रिमंडल इन विधानसभा क्षेत्रों में तैनात कर दिया है, वहीं कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के राज्यभर के समर्थक गांव-गांव में घूम रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी के लिए इन सीटों को जीतने के लिए सबसे बड़ी बाधा सिंधिया की छवि बन रही है.

सिंधिया की सभाओं में भीड़ रोकने के लिए राज्य मंत्री जालम सिंह पटेल के स्वागत मंच पर हुए बार बालाओं के डांस ने कांग्रेस को एक नया मुद्दा दे दिया है. बार बालाओं का डांस कोलारस विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कुटवारा में हुआ. राज्य मंत्री जालम सिंह पटेल इस कार्यक्रम में उपस्थित थे. मंच पर उनके स्वागत का बैनर लगा हुआ था, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तस्वीरें थीं. जालम सिंह पटेल हाल ही में स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री बनाए गए हैं. वे सांसद प्रह्लाद पटेल के भाई हैं. जालम सिंह पटेल पर हत्या का मुकदमा भी दर्ज है.

जाति के हिसाब से तैनात हैं मंत्री

राज्य में इस साल के अंत तक विधानसभा के चुनाव होना है. ज्योतिरादित्य सिंधिया के संसदीय क्षेत्र की इन दो विधानसभा सीटों को जीतने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भारतीय जनता पार्टी हर संभव पैंतरा अपना रही है. यहां वोट भी सिंधिया और शिवराज सिंह चौहान के नाम पर ही मांगे जा रहे हैं. उम्मीदवार कौन हैं, और उनकी छवि कैसी है? इस बारे में किसी भी तरह की चर्चा नहीं हो रही है. मंत्रिमंडल के दर्जन भर मंत्री स्थाई तौर पर तैनात हैं.

Chouhan, chief minister of Madhya Pradesh, greets his BJP supporters during his swearing-in ceremony in the central Indian city of Bhopal

क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं की संख्या निर्णायक है. कांग्रेस ने इसी स्थिति को भांपकर दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में यादव वर्ग से उम्मीदवार मैदान में उतारा है. कोलारस से कांग्रेस के उम्मीदवार महेंद्र यादव हैं. जबकि मुंगावली में ब्रजेन्द्र सिंह कांग्रेस के उम्मीदवार हैं. मुंगावली में यादव वर्ग की ही बाई साहब को भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है.

कोलारस में बीजेपी उम्मीदवार देवेंद्र जैन हैं. जैन इस क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं. पिछले विधानसभा चुनाव वे राम सिंह यादव से हार गए थे. राम सिंह यादव के निधन के कारण ही उपचुनाव हो रहा है. इस क्षेत्र में दलित वोटों को साधने के लिए राज्य मंत्री लाल सिंह आर्य, यादव वोटों को साधने के लिए ललिता यादव, ब्राह्मण वोटों को साधने के लिए नरोत्तम मिश्रा, कुशवाह के लिए मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, लोधी वोटों के लिए जालम सिंह पटेल, वैश्य वोटरों के लिए राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, गुर्जर समुदाय के लिए स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह और ठाकुर वोटों के लिए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सक्रिय हैं.

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क्षेत्र में सक्रिय मंत्री सरकार की विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं से लाभांवित हुए लोगों की सूची लेकर चल रहे हैं. लाभांवितों को बताया जा रहा है कि यह लाभ भारतीय जनता पार्टी की सरकार के कारण मिला है. क्षेत्र का विकास न होने के लिए मंत्री कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को दोषी बता रहे हैं. पूर्व विधायक अरविंद भदौरिया कहते हैं कि सिंधिया केंद्र में मंत्री रहे फिर भी कोई उद्योग मुंगावली में स्थापित नहीं हुआ है. जवाब में सिंधिया समर्थक पूर्व विधायक गोविंद राजपूत कहते हैं कि राज्य में चौदह साल से बीजेपी की सरकार है, उनके विधायक भी चुने गए, फिर भी विकास नहीं हुआ.

सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी अलग-अलग वर्ग के लोगों को प्रचार के लिए लगा रखा है. गोविंद राजपूत मुंगावली में प्रचार की कमान संभाले हुए हैं. राजपूत सागर जिले के रहने वाले हैं. कोलारस में चुनाव प्रचार की कमान पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के हाथ में है. वे उज्जैन से आए हैं. इसी तरह इंदौर से तुलसी सिंलावट, ग्वालियर से प्रद्युम्मन तोमर, डबरा की विधायक इमरती देवी रायसेन से पूर्व विधायक प्रभुराम चौधरी आदि प्रबंधन संभाले हुए हैं.

हेलीकॉप्टर से प्रचार कर रहीं यशोधरा राजे सिंधिया

शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल की वरिष्ठ सदस्य खेल एवं युवक कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया इस प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में पार्टी लाइन पर काम कर रही हैं. यशोधरा राजे सिंधिया के चुनाव प्रचार करने से कोलारस के मतदाता महल के उम्मीदवार को लेकर कुछ भ्रमित नजर आ रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी इस भ्रम का भरपूर फायदा उठाना चाहती है.

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फोटो फेसबुक से साभार

यशोधरा राजे सिंधिया हर गांव तक पहुंच सकें, इसके लिए एक हेलीकॉप्टर भी उन्हें उपलब्ध कराया गया है. वे अपने साथ किसी भी मंत्री को भी नहीं रखती हैं. यशोधरा राजे सिंधिया घर-घर जाकर बीजेपी उम्मीदवार को वोट देने की अपील कर रहीं हैं. दूसरी और कांग्रेस ने अब की बार सिंधिया सरकार का नारा क्षेत्र में दिया है. पूरा चुनाव विधानसभा के आम चुनाव को ध्यान में रखकर ही लड़ा जा रहा है.

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ज्योतिरादित्य सिंधिया को अभी कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं किया है. इन चुनावों के नतीजे उनकी लोकप्रियता का फैसला करने वाले भी हैं. कांग्रेस के किसी बड़े नेता का प्रचार कार्यक्रम अब तक घोषित नहीं हुआ है. इस क्षेत्र में कुछ समर्थक पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भी हैं. दिग्विजय सिंह ने अपने समर्थकों को स्पष्ट संदेश भेजा है कि कांग्रेस उम्मीदवार अधिक से अधिक वोटों से जीतना चाहिए. यशोधरा राजे सिंधिया प्रचार में बीजेपी की स्टार प्रचारक ही मानी जा रही हैं. उनकी सक्रियता के कारण शिवराज सिंह चौहान की चर्चा कम हो रही है.

कोलारस में यह चर्चा आम है कि मुख्यमंत्री ने अपनी साख बचाने के लिए ही यशोधरा राजे सिंधिया को आगे किया है. पार्टी यदि यहां चुनाव हारती है तो ठीकरा यशोधरा राजे के सिर फोड़ने में आसानी होगी. चुनाव जीतने की स्थिति में श्रेय मुख्यमंत्री खुद लेंगे. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रचार के आखिरी चरण में दोनों विधानसभा क्षेत्रों में लगातार प्रचार करेंगे. यशोधरा राजे सिंधिया के प्रचार करने से बीजेपी अब ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके परिवार पर कोई सीधा या व्यक्तिगत हमला नहीं कर रही है.

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