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मध्यप्रदेश में मोदी मंत्र से पार लगेगी शिवराज की नाव

किसान से लेकर सामान्य वर्ग तक के गुस्से का सामना कर रहे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नाव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत बूथ के मंत्र से चुनाव में पार लग सकती है

Updated On: Sep 26, 2018 12:21 PM IST

Dinesh Gupta
(लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं)

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मध्यप्रदेश में मोदी मंत्र से पार लगेगी शिवराज की नाव

किसान से लेकर सामान्य वर्ग तक के गुस्से का सामना कर रहे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नाव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत बूथ के मंत्र से चुनाव में पार लग सकती है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के रोड शो और कार्यकर्ता संवाद के मुकाबले में मोदी का कार्यकर्ता से संवाद काफी सफल कहा जा सकता है. भारतीय जनता पार्टी ने इस कार्यकर्ता सम्मेलन के विश्व का सबसे बड़े कार्यकर्ता सम्मेलन होने का दावा किया गया है.

जंबूरी मैदान शिवराज के लिए माना जाता लकी

NARENDRA MODI

भोपाल के जिस जंबूरी मैदान पर कार्यकर्ता का सम्मेलन प्रदेश बीजेपी द्वारा आयोजित किया गया था, यह मैदान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए काफी लकी माना जाता है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हर बड़ा आयोजन इसी मैदान पर रखते हैं. विधानसभा के पिछले दो आम चुनाव से पहले भी इसी तरह का कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया था. दोनों ही विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को एतिहासिक सफलता हासिल हुई थी. शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री के तौर पर इसी मैदान पर शपथ लेते रहे हैं. मंदसौर में गोलीकांड से उपजी किसानों की नाराजगी को कम करने के लिए शिवराज सिंह चौहान ने इसी मैदान में बैठकर उपवास रखा था.

बीजेपी ने इस बार के सम्मेलन में दस लाख कार्यकर्ता जुटाने का लक्ष्य रखा था. बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में बुलाया गया था. भीड़ उम्मीद के अनुसार नहीं थी. लेकिन, राहुल गांधी के रोड शो में आए लोगों से काफी ज्यादा थी. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने इसे सरकारी महाकुंभ बताते हुए कहा कि मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि यह कार्यक्रम क्यों आयोजित किया गया? मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस कार्यक्रम के जरिए यह संदेश देने में सफल रहे हैं कि उनकी सरकार के कामकाज को लेकर जनता एवं कार्यकर्ताओं के बीच कोई नाराजगी नहीं है.

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री उमा भारती को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया था. हालांकि उमा भारती का चेहरा बैनर पोस्टरों में नजर नहीं आ रहा था. उमा भारती को मंच पर जगह मिली लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के सामने कार्यकर्ताओं को संबोधित करने का मौका नहीं मिला. उमा भारती ने अपनी मौजूदगी पर कहा कि वे शिवराज सिंह चौहान के बुलावे पर आईं हैं. उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले व्यापमं मामले में जब पूर्व मुख्यमंत्रही दिग्विजय सिंह अपनी निजी इस्तगासा पर बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट गए थे, तब उमा भारती ने ट्वीट कर कहा कि वे खुद भी जानना चाहती हैं कि उनका नाम घोटाले से कैसे जुड़ा?

एट्रोसिटी एक्ट से बढ़ गई थावरचंद्र गहलोत और वीरेंद्र कुमार की पूछ

कार्यकर्ता सम्मेलन के लिए बनाए मंच पर भारतीय जनता पार्टी ने क्षेत्रीय और जातिगत समीकरणों का पूरा ख्याल रखा. पिछड़ा वर्ग की उमा भारती के अलावा अनुसूचित जाति वर्ग के दो केंद्रीय मंत्री थावरचंद्र गहलोत एवं वीरेंद्र कुमार को भी मंच पर जगह दी गई. वर्ष 2003 में भारतीय जनता पार्टी ने उमा भारती के नेतृत्व में ही सत्ता हासिल की थी. उमा भारती वर्तमान में उत्तरप्रदेश के झांसी से सांसद हैं. मध्यप्रदेश की राजनीति में पिछले पांच साल में उनकी कोई सक्रिय भूमिका दिखाई नहीं दी है.

गहलोत और वीरेंद्र कुमार को महत्व देने के पीछे पार्टी की मंशा अनुसूचित जाति वर्ग को अपनी और खींचने की है. राज्य में पिछले बीस दिनों से एट्रोसिटी एक्ट के खिलाफ सवर्ण समाज सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहा है. सवर्णों की नाराजगी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जांच के बगैर गिरफ्तारी न होने का आश्वासन भी दिया है. राज्य में बीएसपी और कांग्रेस के बीच समझौता न होने से बीजेपी काफी राहत महसूस कर रही है. हालांकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ अभी गठबंधन की संभावनाएं प्रकट कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महागठबंधन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह भय का गठबंधन है. प्रधानमंत्री ने भी कहा कि पार्टी सबका साथ, सबका विकास पर भरोसा रखती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के सहारे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पार्टी के असंतुष्ट नेताओं को भी साधने में सफल रहे हैं.

बूथ जीतने पर फोकस दिखी हर नेता की रणनीति

विधानसभा चुनाव को जीतने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक की रणनीति बूथ जीतने पर फोकस नजर आई. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बूथ मजबूत होगा तो पार्टी मजबूत होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति ने बीजेपी कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार किया. पूरे समय कार्यक्रम स्थल पर मोदी-मोदी के नारे सुनाई देते रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निशाने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी रहे. उन्होंने राहुल गांधी का फन मशीन कहते हुए मजाक भी उड़ाया.

मुख्यमंत्री चौहान ने भी राहुल गांधी पर कई कटाक्ष किए. नेताओं के भाषण में विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी की जो रणनीति सामने वह कांग्रेस पर हमले की है. पार्टी कांग्रेस के शासनकाल पर सवाल खड़े कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के तेरह साल के कार्यकाल में उपजे असंतोष को कम करना चाहती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसी राज्य में यदि बीजेपी सरकार होती थी तो केंद्र में बैठी कांग्रेस उसे लगातार असहयोग करती थी. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की सरकारों के कामकाज से कांग्रेस घबरा गई है.

सिंधिया का चेहरा है बीजेपी की चिंता की वजह

Jyotiraditya Scindia

मध्यप्रदेश में कमलनाथ के चेहरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता कतई चितिंत नहीं दिख रहे हैं. उनकी चिंता पूर्व केंद्रीय मंत्री सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर कार्यक्रम भी साफ नजर आई. कार्यक्रम में ज्योतिरादित्य सिंधिया की दादी स्वर्गीय विजयाराजे सिंधिया को लगभग हर नेता ने याद किया. पिछले दिनों पार्टी की कार्यसमिति की बैठक में विजयराजे सिंधिया का फोटो न होने पर उनकी बेटी राज्य की खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया बैठक छोड़कर चली गईं थी. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विजयाराजे सिंधिया के योगदान का उल्लेख भी किया. प्रधानमंत्री मोदी ने भी कहा कि विजयाराजे सिंधिया कांग्रेस के अंहकार के आगे नहीं टिकी थीं.

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