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'कन्फ्यूज' राहुल जरा बताएं 23,000 करोड़ में कितने जीरो होते हैं: मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, 'जिस नेता के भाषण को उसकी अपनी पार्टी गंभीरता से नहीं लेती, उस व्यक्ति के बारे में मुझे भरोसा है कि उसे जनता भी गंभीरता से नहीं लेगी'

Updated On: Nov 18, 2018 09:42 PM IST

Bhasha

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'कन्फ्यूज' राहुल जरा बताएं 23,000 करोड़ में कितने जीरो होते हैं: मोदी

मध्य प्रदेश के चुनावी रण में उतरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को 'फ्यूज' और इस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी को 'कन्फ्यूज' करार देते हुए कहा कि फेसबुक और ट्विटर के युग में जीने वाले युवाओं के सपनों को पूरा करने की कुव्वत केवल बीजपी में है. मोदी ने मालवा-निमाड़ अंचल में बीजेपी के 17 उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित चुनावी सभा में कहा, 'युवा पीढ़ी चाहती है कि सरकार फेसबुक और ट्विटर की गति से काम करे. हममें इस गति से युवाओं के सपने सच करने का दम है.'

पांच साल में खर्च किए जाने हैं 23,000 करोड़ रुपए

मोदी ने मध्य प्रदेश के शहरी क्षेत्रों के मतदाताओं को लुभाते हुए कहा कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत राज्य में इंदौर समेत सात नगरों में पांच साल के दौरान 23,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं. उन्होंने राहुल पर तंज कसते हुए कहा, 'नामदार (राहुल) जरा एक कागज पर 23,000 करोड़ लिखकर दिखाएं. वह कन्फ्यूज हो जाएंगे कि इस आंकड़े में कितने शून्य आते हैं.'

मोदी ने कहा, 'घिसी-पिटी कांग्रेस के पास न तो नीति है, न ही नीयत. यह पार्टी फ्यूज और इसका नेता (राहुल) कन्फ्यूज है.' उन्होंने राहुल पर लगातार व्यंग्य कसते हुए कहा, 'कांग्रेस के नामदार और कन्फ्यूज नेता मध्य प्रदेश में अपने चुनावी भाषणों में 'मेड इन छिंदवाड़ा' और 'मेड इन उज्जैन' मोबाइलों का जिक्र करते हैं. लेकिन उनकी अपनी पार्टी के चुनावी घोषणापत्र में इसका (मोबाइल उद्योग का) कोई जिक्र नहीं है.'

जिसे पार्टी गंभीरता से नहीं लेती उसे जनता क्या लेगी

प्रधानमंत्री ने कहा, 'जिस नेता के भाषण को उसकी अपनी पार्टी गंभीरता से नहीं लेती, उस व्यक्ति के बारे में मुझे भरोसा है कि उसे जनता भी गंभीरता से नहीं लेगी.' प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और बीजेपी की राज्य सरकारों के बीच तुलना करते हुए कहा, 'सूबे पर करीब 55 साल तक राज करने वाली कांग्रेस ने समाज को बांटकर अपना राजनीतिक उल्लू सीधा किया और तबाही का मंजर पैदा किया. दूसरी तरफ बीजेपी की शिवराज सिंह चौहान नीत सरकार है जिसने कृषि, बुनियादी ढांचा और अन्य क्षेत्रों में विकास की तस्वीर पेश की है.'

मोदी ने मध्य प्रदेश में दिसंबर 1993 से दिसंबर 2003 के बीच तत्कालीन कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि इस अवधि में सड़क, बिजली और जलापूर्ति के मामले में सूबा बदहाल था. उन्होंने कहा, 'दिग्गी राजा खुद बोलते हैं कि वह राज्य में चुनाव प्रचार करने जाते हैं, तो कांग्रेस के वोट कट जाते हैं. खुद कांग्रेस भी उन्हें चुनाव प्रचार से रोक रही है, क्योंकि उसे डर है कि उनके प्रचार से कहीं मतदाताओं को उसका कुशासन और पुराने पाप न याद आ जाएं.'

शिवराज को एक और कार्यकाल देने की मांग की

प्रधानमंत्री ने सूबे के मतदाताओं से शिवराज सरकार को एक और कार्यकाल देने की अपील करते हुए कहा, 'दिल्ली में 10 साल तक मैडम (सोनिया गांधी) की रिमोट कंट्रोल वाली सरकार थी जिसने सियासी दुश्मनी के चलते मध्य प्रदेश में विकास के काम रोक दिए थे. शिवराज को बतौर मुख्यमंत्री केंद्र का सहयोग मिलना तब शुरू हुआ, जब वर्ष 2014 में हमारी सरकार आई.' उन्होंने कहा, 'केंद्र और राज्य में बीजेपी की सरकारों के डबल इंजन से मध्य प्रदेश विकास की पटरी पर सरपट दौड़ेगा.'

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