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मध्य प्रदेश: टिकट की होड़ में पिता-पुत्र, बहू-ससुर और भाई-भाई एक दूसरे को दे रहे हैं टक्कर

एक ही सीट पर परिवार के अलग-अलग लोगों की दावेदारी पार्टियों को मुश्किल में डाल रही है, मध्य प्रदेश में ऐसे कई सीट हैं जहां से एक ही परिवार के लोग या रिश्तेदार टिकट के लिए दावा कर रहे हैं

Updated On: Oct 26, 2018 05:22 PM IST

FP Staff

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मध्य प्रदेश: टिकट की होड़ में पिता-पुत्र, बहू-ससुर और भाई-भाई एक दूसरे को दे रहे हैं टक्कर
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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बिगुल बज चुका है. सारी पार्टियां जीतने वाले उम्मीदवारों को तलाश रही हैं लेकिन यह काम कई सीटों पर भारी पड़ता हुआ नजर आ रहा है. एक ही सीट पर परिवार के अलग-अलग लोगों की दावेदारी पार्टियों को मुश्किल में डाल रही है. मध्य प्रदेश में ऐसे कई सीट हैं जहां से एक ही परिवार के लोग या रिश्तेदार टिकट के लिए दावा कर रहे हैं.

उमरिया के बांधवगढ़ सीट से टिकट के लिए पिता-पुत्र ठोक रहे दावा

उमरिया जिले की बांधवगढ़ सीट पर टिकट पाने की कोशिश कर रहे लोगों ने मुकाबले को दिलचस्प कर दिया है. बांधवगढ़ विधानसभा सीट पर भाजपा से टिकट की दावेदारी के लिए पिता-पुत्र में रोचक मुकाबला चल रहा है. बांधवगढ़ विधानसभा से पिता-पुत्र लगातार चार बार विधायक बनते आए हैं.

भाजपा का गढ़ बनी उमरिया जिले की आदिवासियों के लिए सुरक्षित बांधवगढ़ विधानसभा सीट से टिकट के लिए पिता वर्तमान शहडोल सांसद ज्ञान सिंह और पुत्र वर्तमान बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह के बीच रोचक मुकाबला देखने को मिल रहा है. बांधवगढ़ सीट से ज्ञान सिंह लगातार दो बार और परिसीमन से पहले चार बार विधायक रह चुके हैं. उनके पुत्र शिवनारायण पहली बार पिता ज्ञान सिंह के शहडोल सांसद बनने से खाली हुई सीट पर हुआ उपचुनाव जीतकर विधायक बने थे.

पिता ज्ञान सिंह की जगह विधायक बने शिवनारायण सिंह महज डेढ़ साल ही विधायक रह सके, ऐसे में एक बार फिर चुनाव है, लिहाजा वर्तमान विधायक होने के नाते शिवनारायण टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं, लेकिन वर्तमान सांसद भी बांधवगढ़ सीट से टिकट पाने के लिए अपनी एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं. पिता-पुत्र के बीच टिकट घमासान से पार्टी को भी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है.

टिकट पाने की होड़ में सामने आए भाई-भाई

कांग्रेस नेता महेश जोशी के बेटे और उनके भतीजे इंदौर की एक सीट से टिकट मांग रहे हैं. महेश जोशी के भतीजे इस सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं लेकिन पिछले चुनाव में हार के बाद उनके भाई यानी महेश जोशी के बेटे अब टिकट की दावेदारी कर रहे हैं.

झाबुआ में बुआ-भतीजा आमने सामने

मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिले झाबुआ से सांसद कांतिलाल भूरिया के बेटे झाबुआ और थांदला विधानसभा सीट के लिए दावेदार हैं. लेकिन उनकी राह रोक सकती हैं उनक ही बुआ, जो जिला पंचायत अध्यक्ष भी हैं. बुआ अपने आप को एक सीट तक सीमित नहीं रखना चाहतीं. इसलिए उन्होंने थांदला और पेटलवाद पर भी दावा किया है. अब देखने वाली बात है कि पार्टी किसे टिकट देती है.

गोविंदपुरा सीट से टिकट के लिए सास-बहू अड़े

भोपाल की गोविंदपुरा सीट इन दिनों चर्चा में है. इस सीट से राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता बाबूलाल गौर 10 बार से अजेय विधायक हैं. लेकिन मामला इस बार थोड़ा अलग है और चुनौती किसी और से नहीं बल्कि घर से ही मिल रही है. भोपाल की पूर्व महापौर और बाबूलाल गौर की बहू कृष्णा गौर ही अपने ससुर के लिए चुनौती बन गई हैं. वो चाहती हैं कि ससुर अब आराम करें और विधायकी वो खुद ही लड़ें.

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