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अब नहीं लगेगा 'एक बार और बाबूलाल गौर' का नारा, पूर्व सीएम की सियासी पारी पर लगा विराम!

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की गोविंदपुरा विधानसभा सीट और बाबूलाल गौर एक दूसरे के लिए अबतक पर्यायवाची रहे हैं लेकिन अब शायद ऐसा न रहे

Updated On: Nov 08, 2018 04:58 PM IST

Abhishek Tiwari Abhishek Tiwari

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अब नहीं लगेगा 'एक बार और बाबूलाल गौर' का नारा, पूर्व सीएम की सियासी पारी पर लगा विराम!
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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने प्रत्याशियों की तीसरी लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में भी राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर का नाम नहीं है. हालांकि जैसी उम्मीद थी उसके मुताबिक, इसबार बाबूलाल गौर की सीट गोविंदपुरा से उनकी बहू कृष्णा गौर को टिकट दिया गया है. कृष्णा इससे पहले भोपाल की महापौर रह चुकी हैं.

88 साल के हो चुके बाबूलाल गौर को इस बार टिकट मिलने की उम्मीद बहुत कम थी. उनकी उम्र भी अब सक्रिय राजनीति के लायक नहीं है. बीजेपी में चले नए चलन के मुताबिक, बाबूलाल गौर अब बस मार्गदर्शक मंडल का हिस्सा ही रह सकते हैं.

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की गोविंदपुरा विधानसभा सीट और बाबूलाल गौर एक दूसरे के लिए अबतक पर्यायवाची रहे हैं लेकिन अब शायद ऐसा न रहे. गौर 1974 से लेकर अब तक विधायक हैं. वे पहली बार निर्दलीय के तौर पर जीतकर मध्य प्रदेश विधानसभा पहुंचे थे.

मध्य प्रदेश की गद्दी पर बैठने से पहले बाबूलाल गौर के पास एक लंबा राजनीतिक अनुभव हो चुका था. वे 2002-03 में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका भी निभा चुके थे. उमा भारती के मुख्यमंत्री रहने के दौरान जब कुछ विवाद पैदा हुआ तो पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने भारती की जगह कद्दावर नेता बाबूलाल गौर को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का फैसला लिया. हालांकि गौर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर ज्यादा दिन रह नहीं पाए और पार्टी ने साल भर के अंदर ही उनकी जगह शिवराज सिंह चौहान के हाथों मध्य प्रदेश की बागडोर थमा दी.

गोविंदपुरा से 1977 से लगातार विधायक हैं बाबूलाल गौर

बाल काल से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे बाबूलाल गौर राष्ट्रीय मजदूर संघ के संस्थापक सदस्यों में से रहे हैं. 1956 में जन संघ के सचिव रहे गौर आपातकाल के दौरान भी काफी सक्रिय रहे. इस दौरान उन्हें 19 महीने हिरासत में भी रखा गया था.

1974 में भोपाल दक्षिण सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचने वाले गौर 1977 से लगातार गोविंदपुरा सीट से विधायक हैं. इस सीट से गौर ने 2013 तक लगातार 7 बार चुनाव जीता है और अब इसका कार्यकाल भी पूरा होने वाला है.

इसी साल सितंबर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिन के मौके पर बीजेपी ने भोपाल में एक बड़ा आयोजन किया था. इसमें प्रधानमंत्री मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह समेत पार्टी के तमाम बड़े नेता मौजूद थे. इस जनसभा के दौरान पीएम मोदी ने बाबूलाल गौर का हाथ थाम कर कहा था कि 'बाबूलाल गौर एक बार और..'

प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद गौर को एक उम्मीद जगी थी कि शायद इस बार भी उन्हें टिकट मिल जाए लेकिन पार्टी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. हालांकि गौर स्टार प्रचारकों की लिस्ट में जरूर शामिल हैं.

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