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मुझे सवालों से डर नहीं लगता, जितना हो सके असहज कर देने वाले सवाल पूछ लीजिए: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा, संसद में मोदी जी से सभी डरते हैं. उनसे कोई सीधा सवाल नहीं करता. बल्कि मैं कठिन से कठिन सवालों के लिए तैयार हूं

Updated On: Jan 25, 2019 02:12 PM IST

FP Staff

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मुझे सवालों से डर नहीं लगता, जितना हो सके असहज कर देने वाले सवाल पूछ लीजिए: राहुल गांधी

विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद कांग्रेस में आई ऊर्जा का असर ये है कि पार्टी अब लोकसभा चुनाव में जीत के लिए कड़ी मेहनत करती दिख रही है. पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी आज अमेठी दौरे के बाद एक रैली और कार्यक्रम को संबोधित करने ओडिशा पहुंचे. ओडिशा एयरपोर्ट पर पहुंचते ही एक कैमरामैन को संभालते हुए राहुल गांधी का वीडियो वायरल हो गया. कैमरा मैन शूट करते हुए पीछे गिर गया था.

एयरपोर्ट से राहुल सीधे ओडिशा डायलॉग कार्यक्रम में हिस्सा लेने टाउन हॉल पहुंचे. यहां बुद्धिजीवियों से बात करते हुए राहुल ने उनके एक-एक सवाल का जवाब दिया.

राहुल ने कहा, मैं यहां यह जानने आया हूं कि ओडिशा के लोग क्या सोच रहे हैं. ये केवल आप ही बता सकते हैं. मैं आपको ये भले ही बता सकता हूं कि देश में क्या चल रहा है, बीजेपी को अगले चुनाव में कैसे हराना है लेकिन ओडिशा में क्या चल रहा है ये आप बताएंगे, यहां के लोग बताएंगे. मोदी जी ऐसा नहीं सोचते.

संसद में मोदी जी से सभी डरते हैं. उनसे कोई सीधा सवाल नहीं करता. बल्कि मैं कठिन से कठिन सवालों के लिए तैयार हूं. मैं दूसरे की सोच और अलग विचारधारा का सम्मान करता हूं.

राहुल ने यहां बैठे लोगों से कहा कि आप मुझसे असहज कर देने वाले सवाल पूछें. मुझे सवालों से डर नहीं लगता. मैं इस मामले में ब्लंट हूं.

मुझे लोगों की गालियों से भी डर नहीं लगता. आरएसएस और बीजेपी ने मुझे कितनी ही गालियां दी है. मैं इन तोहफों को गालियों के रूप में लेता हूं. इनसे सीख लेता हूं.

ये गालियां देने वाले लोगों से नफरत नहीं करता. मैं उन्हें गले लगाता हूं. यही ओडिशा का भी स्वभाव है. ओडिशा ही वो धरती है, जहां पर सम्राट अशोक ने हिंसा को छोड़कर अहिंसा का रास्ता चुना था.

आरएसएस का मानना है कि यह देश का एकमात्र संस्थान होना चाहिए. यह विचार सभी संस्थानों में व्यवस्थित रूप से घुसना है. हमारा मानना है कि संस्थानों को स्वतंत्र होना चाहिए .

एक सवाल पर कि आपके अपने परिवार और परिवार के बाहर दो रोल मॉडल कौन हैं, इस पर राहुल ने जवाब दिया कि मेरा कोई एक रोल मॉडल नहीं है.

हां, भगवान बुद्ध से मैं बहुत कुछ सीखता हूं, लेकिन अगर लोगों में किसी एक का नाम बताने को कहा जाए, तो ये मुश्किल है. असल में आप हर इंसान से कुछ न कुछ सीख सकते हैं, विरोधियों से भी. जैसे मुजे नरेंद्र मोदी की कई बातें अच्छी लगती हैं. वाजपेयी जी का भाषण देने का तरीका अच्छा लगता है. आडवाणी जी का इतने उम्र में भी फीट रहना अच्छा लगता है.

रैली का करेंगे संबोधन

राहुल गांधी शुक्रवार यहां एक रैली के संबोधन के साथ पार्टी की चुनावी रैली की शुरुआत भी करने वाले हैं. बता दें कि लोकसभा चुनाव के साथ ही राज्य में विधानसभा चुनाव भी होने जा रहे हैं. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां लगातार कई दौरे कर चुके हैं. अब शुक्रवार को राहुल यहां पहुंचे हैं.

उनका यह दौरा राज्य में पार्टी कैडर को एकजुट करने के लिए महत्वपूर्ण है, जहां पार्टी के दो विधायकों सहित कई वरिष्ठ नेता हाल में कांग्रेस छोड़ चुके हैं. ओडिशा में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं.

पार्टी सूत्रों ने बताया कि भुवनेश्वर के टोमांडो स्टेडियम में ‘परिवर्तन संकल्प समावेश’ रैली को संबोधित करने के अलावा कांग्रेस प्रमुख दिन भर के दौरे में बुद्धिजीवियों से भी मुलाकात करने वाले हैं. वह हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के कर्मचारियों से भी मुलाकात करेंगे.

ओडिशा कांग्रेस के प्रभारी जितेन्द्र सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘राहुल जी के राज्य के दौरे से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है. उनके दौरे से चुनाव से पहले निश्चित रूप से उन्हें उत्साहित करेगा.’

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