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LIVE संसद में गतिरोध कायम, लोकसभा-राज्यसभा कल तक के लिए स्थगित

आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा, कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड बनाने की मांग और पीएनबी धोखाधड़ी जैसे मामलों पर जारी हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा कल तक के लिए स्थगित

Updated On: Mar 22, 2018 12:56 PM IST

FP Staff

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LIVE संसद में गतिरोध कायम, लोकसभा-राज्यसभा कल तक के लिए स्थगित

लोकसभा में कई पार्टियों के हंगामे के कारण लोकसभा की बैठक गुरुवार लगातार 14वें दिन भी नहीं चल सकी और एआईएडीएमके और तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के सदस्यों की नारेबाजी के बीच कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई.

सरकार ने सदन में कहा कि वह अविश्वास प्रस्ताव समेत हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है लेकिन सदस्यों को सदन में व्यवस्था बनानी होगी. लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन में व्यवस्था नहीं होने का हवाला देते हुए तेलुगू देशम पार्टी के टी नरसिंहन और वाईएसआर कांग्रेस के वाई बी सुब्बारेड्डी की ओर से सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में असमर्थता जताई.

 ‘एक राष्ट्र एक नीति’ की मांग

अध्यक्ष ने कहा कि जब तक सदन में व्यवस्था नहीं होगी, तब तक मैं अविश्वास प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए 50 सदस्यों की गिनती नहीं कर सकती. इसके बाद कांग्रेस, माकपा और कुछ दूसरी पार्टियों के सदस्यों ने अपनी सीट पर खड़े होकर हाथ ऊपर कर दिए. गुरुवार को एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे सदन की बैठक फिर शुरू हुई तो टीआरएस के सदस्य ‘एक राष्ट्र एक नीति’ की अपनी मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए आसन के पास आ गए. एआईएडीएमके के सदस्य कावेरी प्रबंधन बोर्ड बनाने की मांग कर रहे थे.

संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा, ‘मोदी सरकार हर मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार है.’ उन्होंने कहा, ‘मैं सभी सदस्यों से निवेदन करता हूं कि वे अपने अपने स्थानों पर जाएं. सदन चलने दें. हम बैंकिंग समेत हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं. अविश्वास प्रस्ताव पर भी चर्चा के लिए तैयार हैं लेकिन सदन में व्यवस्था जरूरी है.’ उधर टीडीपी के सदस्य अपने स्थान पर खड़े होकर शोर-शराब कर रहे थे.

हंगामे के बीच ही अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने जरूरी कागजात सदन के पटल पर रखवाए और सदन में व्यवस्था बनाने की अपील की. हंगामा थमता नहीं देख सुमित्रा महाजन ने कहा कि सदन में व्यवस्था नहीं होने के कारण वह अविश्वास प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में असमर्थ हैं. इसके बाद उन्होंने सदन की बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया.

टीडीपी सांसदों का जोरदार हंगामा

इससे पहले गुरुवार को सुबह 11 बजे भी हंगामे के कारण सदन की बैठक शुरू होते ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी. बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत से ही आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा, कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड बनाने की मांग और पीएनबी धोखाधड़ी मामले समेत कई मुद्दों पर हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बाधित रही है.

दूसरी और, आंध्र प्रदेश के मुद्दे को लेकर राज्यसभा में टीडीपी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया. इसे देखते हुए सभापति वेंकैया नायडू ने राज्यसभा की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी. इससे पहले राज्यसभा में हंगामे की वजह से सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाए. लेकिन ग्रेज्यूटी भुगतान ( संशोधन) विधेयक 2018 को बिना चर्चा के, सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया.

इस विधेयक पर कांग्रेस के टी सुब्बीरामी रेड्डी ने दो संशोधन पेश किए थे. आज उन्होंने अपने दोनों संशोधन वापस ले लिए. लोकसभा इस विधेयक को पहले ही मंजूरी दे चुकी है. इस विधेयक में निजी क्षेत्र और सरकार के अधीन सार्वजनिक उपक्रम या स्‍वायत्‍त संगठनों के कर्मचारियों की ग्रेच्यूटी की अधिकतम सीमा में बढ़ोतरी का प्रावधान है.

बुधवार को संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही लगातार 13वें दिन बाधित रही. राज्यसभा की कार्यवाही बैठक शुरू होने के कुछ देर बाद, वहीं लोकसभा की बैठक एक स्थगन के बाद दोपहर करीब 12 बजे दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई. लोकसभा में हंगामे के कारण, सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर आगे की कार्यवाही नहीं हो सकी.

बजट सत्र की शुरुआत से ही दोनों सदनों में आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा, कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड बनाने की मांग और पीएनबी धोखाधड़ी मामले सहित कई अन्य मुद्दों पर कई पार्टियों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही नहीं चल पा रही है.

सत्र शुरू होने से पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, यह दुर्भाग्य की बात है जो राहुल गांधी और सिद्धारमैया वोटबैंक और सांप्रदायिक बंटवारे की राजनीति में लगे हैं. कर्नाटक के इतिहास में टीपू सुल्तान को हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार के काले अध्याय के रूप में देखा जाता है. वे तुगलक का भी उत्सव मना सकते हैं.

दूसरी ओर संसद परिसर में गुरुवार को एआईएडीएमके सांसदों ने कावेरी मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. सांसदों ने केंद्र सरकार से जितनी जल्द हो सके कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड बनाने की मांग की है.

टीडीपी के सांसदों ने भी गुरुवार को संसद परिसर में विशेष राज्य के दर्जे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. संसद सत्र के पहले दिन से इन्होंने अपनी मांगें तेज कर दी हैं. इसी के तहत टीडीपी ने एनडीए से अपना नाता भी तोड़ लिया है अपने-अपने मंत्री हटा लिए हैं.

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