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कांग्रेस का हंगामा, लोकसभा गुरुवार तक के लिए स्थगित

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर पाकिस्तानी अधिकारियों से मिलने के आरोप पर कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया

Updated On: Dec 20, 2017 07:33 PM IST

FP Staff

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कांग्रेस का हंगामा, लोकसभा गुरुवार तक के लिए स्थगित

गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर लगाए गए आरोपों को लेकर मचे हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद 12 बजे शुरू हुई और फिर दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. सदन की कार्यवाही सुबह शुरू होने के कुछ ही मिनटों में स्थगित हो गई. कांग्रेस सदस्य प्रधानमंत्री मोदी से माफी की मांग करते हुए लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास इकट्ठा होकर नारेबाजी करने लगे.

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी थी. लेकनि 12 बजे जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, कांग्रेस सदस्य नारेबाजी करने लगे और लोकसभा की बैठक 12 बजकर 20 मिनट पर दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.

मनमोहन सिंह पर आरोप से कांग्रेस नाराज

मोदी ने गुजरात चुनाव के प्रचार के दौरान कहा था कि कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के आवास पर हुई बैठक में मनमोहन सिंह ने भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त सोहेल महमूद और पूर्व पाकिस्तानी मंत्री खुर्शीद कसूरी से गुजरात चुनाव पर चर्चा की थी.

वहीं, राज्यसभा में कांग्रेस सदस्यों ने बैठक शुरू होते ही हंगामा शुरू कर दिया,जिसके कारण से शून्यकाल शुरू करने होने के करीब 15 मिनट बाद ही कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी.

सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज पटल पर रखवाए. इसके बाद उन्होंने जैसे ही शून्यकाल शुरू करने को कहा, कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, रिपुन बोरा और रजनी पाटिल सहित कुछ सदस्यों ने कहा कि उन्होंने कामकाज स्थगित करने के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिया है. इन सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ की गई कथित टिप्पणी का मुद्दा उठाया और कहा कि प्रधानमंत्री को सदन में आ कर माफी मांगनी चाहिए. कुछ सदस्य अपनी मांग के पक्ष में नारे लगाते हुए आसन के समक्ष आ गए.

सदन बाधित करने से नाराज नायडू 

वेंकैया नायडू ने इन सदस्यों से अपने स्थानों पर लौट जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा, आपका यह आचरण उचित नहीं है. जो आप कर रहे हैं वह देश के लिए, लोकतंत्र के लिए और सदन के लिए अच्छा नहीं है. यह संसद है और जो आप कर रहे हैं वह पूरा देश देख रहा है.

उन्होंने कहा कि नियम 267 के तहत उन्हें नोटिस मिले हैं,लेकिन उन्होंने वे नोटिस स्वीकार नहीं किए हैं. उन्होंने हंगामा कर रहे सदस्यों से कार्यवाही बाधित न करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा, यह तरीका नहीं है. यह संसद है.

लोगों के बीच गलत संदेश जाएगा. अपनी सीमा पार न करें और अपने स्थानों पर लौट जाएं. सभापति ने यह भी कहा कि विभिन्न राज्यों के महत्वपूर्ण मुद्दे शून्यकाल के तहत उठाए जाने हैं. उन्होंने हंगामा कर रहे सदस्यों से पूछा, क्या आपके लिए मुद्दे महत्वपूर्ण नहीं हैं ?’’ सदन में व्यवस्था बनते न देख उन्होंने 11 बज कर करीब 15 मिनट पर बैठक दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी.

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