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Live Updates: गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला, हरीश रावत ने कहा- बहुत देर कर दी

सरकार के इस कदम पर बोलते हुए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि आरक्षण आर्थिक आधार पर नहीं दिया गया था, पहले पता करें कौन लोग हैं जो भूमिहीन हैं

Updated On: Jan 07, 2019 09:21 PM IST

FP Staff

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Live Updates: गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला, हरीश रावत ने कहा- बहुत देर कर दी

अपडेट- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने मंजूरी मिली है. मेरा सवाल है कि चुनाव के नाम पर सरकार लोगों को चीट कर रही है या बेजरोगार युवाओं को ठग रही है? उन्हें स्पष्ट करना होगा कि इसे लागू किया जाएगा या नहीं और यदि यह संवैधानिक और कानूनी रूप से वैध है या नहीं.

अपडेट- चुनाव से पहले बीजेपी सरकार संसद में संविधान संशोधन करे, हम सरकार का साथ देंगे. नहीं तो साफ हो जाएगी कि ये मात्र बीजेपी का चुनाव के पहले का स्टंट है: अरविंद केजरीवाल

अपडेट- आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि आर्थिक तौर पर आरक्षण नहीं था. जातीय जनगणना आर्थिक तौर पर करने का काम किया उसे पहले पब्लिक में लाए. पता लगे कितने लोग दिहाड़ी मजदूर हैं. कौन सी जाति के लोग नाला साफ करते हैं, किस जाति के लोग भूमिहीन हैं. इन सब चीजों को छुपाने का काम भारत सरकार ने किया है. पिछड़े, दलित और आदिवासी हैं उनका आरक्षण पूर्ण रूप से लागू नहीं हो पा रहा है.

अपडेट- देश में लंबे समय से आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग को आरक्षण देने की मांग हो रही है, इस पर नेताओं की तरफ से भी बयानबाजी होती रही है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने महिला आरक्षण पर कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को अपनी ताकत साबित करने और कांग्रेस में पुरुष नेताओं से बेहतर प्रदर्शन करने के लिए महिलाओं को आरक्षण देने की जरूरत नहीं थी.

अपडेट-  बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नए साल का इससे बेहतर कोई और उपहार नहीं हो सकता. कैबिनेट ने फैसला किया है कि सालाना 8 लाख आमदनी या 5 एकड़ से कम खेती वाले सामान्य वर्ग को भी आरक्षण की सुविधा दी जाए.

अपडेट- आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को आरक्षण देने का फैसला जुमले से ज्यादा कुछ नहीं है. यह कानूनी पेचीदगियों से भरा हुआ है और संसद के दोनों सदनों से इसे पारित करने का कोई समय नहीं है. सरकार पूरी तरह से बेनकाब है: यशवंत सिन्हा

अपडेट- जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से पिछड़ी सवर्ण जातियों के लिए आरक्षण. चुनाव की घोषणा करने वाले बिगुल ने अच्छी और सही तरह से आवाज़ दी है.

लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है. सरकार ने गरीब सवर्णों को आरक्षण देने का फैसला किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैबिनेट ने 10 प्रतिशत सवर्ण आरक्षण को मंजूरी दे दी है.

जानकारी के मुताबिक, जिनकी सालाना आय 8 लाख रुपए से कम है उन्हें इस आरक्षण का लाभ मिलेगा. आरक्षण के लिए सरकार मंगलवार को संवैधानिक संशोधन विधेयक लाएगी और इस पर चर्चा के लिए दो दिन संसद का शीतकालीन सत्र बढ़ाया जा सकता है.

इंडिया टुडे के मुताबिक, सरकार संविधान के आर्टिकल 15 और 16 में संशोधन करेगी. ये देनों संशोधन आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए होगा या जो जनरल कैटेगरी के अंदर आते हैं.

इस पर बोलते हुए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि बहुत देर कर दी मेहरबान आते-आते. वो भी तब जब चुनाव नुक्कड़ पर पहुंच गए हैं. कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे क्या करते हैं, वे 'जुमले' क्या देते हैं, इस सरकार को बचाने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है.

1000 वर्गफुट या इससे बड़े घर में रहने वाले सवर्णों को नहीं मिलेगा इस आरक्षण का फायदा. जिन सवर्णों के पास 5 एकड़ या इससे ज्यादा की जमीन है, उन्हें भी इस आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा. हालांकि अभी यह बिल संसद में है और इस पर ब्रीफिंग नहीं हुई है.

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