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LIVE मोदी कैबिनेट विस्तार: निर्मला सीतारमण बनीं रक्षा मंत्री, देखें मंत्रालय बंटवारे की पूरी लिस्ट

सभी नवनियुक्त मंत्रियों ने ली पद की शपथ, पद के बंटवारे का है इंतजार

FP Staff | September 03, 2017, 02:44 PM IST

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हाइलाइट

Sep 3, 2017

  • 14:07(IST)

    अर्जुन राम मेघवाल- संसदीय कार्य मंत्री राज्य मंत्री, जल संसाधन और गंगा सफाई राज्य मंत्री 

    अशोक टमटा- कपड़ा राज्य मंत्री

    कृष्णा राज- कृषि और कल्याण राज्य मंत्री 

    गजेंद्र सिंह शेखावत-कृषि और कल्याण राज्य मंत्री

    सत्यपाल सिंह- मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री, जल संसाधन और गंगा सफाई राज्य मंत्री 

  • 14:03(IST)

    कृष्णपाल- सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय में राज्य मंत्री

    शिव प्रताप शुक्ला- वित्त राज्य मंत्री 

  • 14:01(IST)

    हरिभाई चौधरी- खनन और कोयला मंत्रालय में राज्य मंत्री

  • 14:01(IST)

    एस एस अहलुवालिया- पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय में राज्य मंत्री

  • 13:59(IST)

    विजय गोयल- संसदीय कार्य राज्य मंत्री,  सांख्यिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री

  • 13:58(IST)

    अल्फोंस कन्नथनम- पर्यटन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मिनिस्ट्री में स्वतंत्र प्रभार 

  • 13:56(IST)

    अश्विनी चौबे- स्वास्थ्य  राज्य मंत्री 

    वीरेंद्र कुमार-महिला बाल विकास

  • 13:51(IST)

    हरदीप सिंह पुरी- आवास और शहरी विकास राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार

  • 13:49(IST)

    गिरिराज सिंह- लघु और सूक्ष्म उद्योग राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार

  • 13:45(IST)

    संतोष गंगवार-श्रम और रोजगार मंत्रालय

    आरके सिंह- ऊर्जा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार

    राज्यवर्धन सिंह राठौर- खेल और युवा मामलों के मंत्री स्वतंत्र प्रभार, सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री 

  • 13:45(IST)

    महेश शर्मा- संस्कृति मंत्रालय स्वतंत्र प्रभार, वन और पर्यावरण राज्य मंत्री 

  • 13:43(IST)

    ये हैं नए मंत्री-

    मुख्तार अब्बास नकवी- अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री 

    निर्मला सीतारमण- रक्षा मंत्री


    ​नितिन गडकरी- जल संसाधन मंत्री 

    सुरेश प्रभु- वाणिज्य मंत्री 

    उमा भारती- पेय जल और स्वच्छता मंत्रालय 

    पीयूष गोयल- रेल मंत्रालय और कोयला मंत्राय

    अनंत हेगड़े- भारतीय उद्योग राज्य मंत्री 

    नरेंद्र सिंह तोमर- ग्रामीण मंत्रालय के साथ खनन मंत्रालय भी मिला.

    चौधरी वीरेंद्र सिंह- इस्पात मंत्री 

    स्मृति ईरानी- कपड़ा और सूचना व प्रसारण मंत्री 

    धर्मेंद्र प्रधान- पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ स्किल डेवलपमेंट मंत्रालय

  • 13:28(IST)

    जल संसाधन मंत्रालय की जिम्मेदारी नितिन गडकरी को दी जा सकती है

  • 13:23(IST)

    मुख्तार अब्बास नकवी को प्रोमोशन मस्लिमों के लिए झुनझुना है. राजीव प्रताप रूडी को हटाया जाना बीजेपी सरकार की नाकामयाबी का सबूत है. नरेंद्र मोदी को अपने मंत्रियों पर भरोसा ही नहीं है. बीजेपी सरकार ने भले ही स्किल डेवलपमेंट बढ़ावा देने की बात की लेकिन रोजगार की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई: कांग्रेस नेता मनीष तिवारी

  • 13:19(IST)

    निर्मला सीतारमण बन सकती हैं देश की रक्षा मंत्री. अभी तक अरुण जेटली के पास था मंत्रालय.

  • 13:18(IST)

    रेल मंत्रालय से हटने के बाद सुरेश प्रभु को मिल सकता है वाणिज्य मंत्रालय.

  • 12:11(IST)

    कैबिनेट फेरबदल पर शिवसेना ने बीजेपी पर निशाना साधा है. कैबिनेट में जगह नहीं मिलने से नाराज शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा 'यह सिर्फ बीजेपी का विस्तार था ना कि एनडीए का विस्तार'

  • 12:10(IST)

    गोरखपुर की राजनीति में शिव प्रताप शुक्ला को योगी आदित्यनाथ का विरोधी माना जाता है. कई मुद्दों पर दोनों की अलग-अलग राय देखने को मिलती है.

  • 12:08(IST)

    रथयात्रा निकालने बिहार पहुंचे लालकृष्ण आडवाणी को 23 अक्टूबर की सुबह ही गिरफ्तार कर लिया गया

  • 12:07(IST)

    निर्मला सीतारमन वाणिज्य मंत्री बनेंगी. वहीं धर्मेंद्र प्रधान को पेट्रोलियम मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जाएगी- सूत्र

  • 12:07(IST)

    सुरेश प्रभु ने रेल मंत्रालय छोड़ दिया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अब रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी पीयूष गोयल संभालेंगे.

  • 12:05(IST)

    डोकलाम विवाद के बाद पीएम मोदी का चीन दौरा. पीएम मोदी चीन यात्रा के लिए रवाना हो रहे हैं. ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. 

  • AmiteshAmitesh11:02 (IST)

    राजस्थान में भी अगले साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होना है. वहां से जोधपुर से सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत को कैबिनेट में शामिल किया गया है. गजेंद्र सिंह शेखावत एक टेक्नोसेवी और नए दौर के सांसद हैं जो कि अपनी लो प्रोफाइल छवि के लिए जाने जाते हैं.

  • AmiteshAmitesh10:58 (IST)

    दिल्ली से हरदीप पुरी का नाम काफी चौंकाने वाला है. 1974 बैच के विदेश सेवा के अधिकारी रहे हरदीप पुरी इस वक्त किसी सदन के सदस्य नहीं हैं. फिर भी उनके अनुभव को यहां तरजीह दी गई है. दिल्ली से सांसद महेश गिरी और परवेश वर्मा को मंत्री बनाए जाने की अटकलें लग रही थीं.

    लेकिन, यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चौंकाने वाला नाम सामने ला दिया है. सिख समुदाय से आने वाले हरदीप पुरी को शामिल कर एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश हुई है. हरदीप पुरी संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि रह चुके हैं.

  • 10:55(IST)

    मंत्री पद की शपथ लेते हुए अनंत कुमार हेगड़े. कर्नाटक में भी अगले साल मई में ही विधानसभा चुनाव होने वाला है. लिहाजा कर्नाटक से भी कई नाम चर्चा में थे, लेकिन, बाजी अनंत कुमार हेगड़े के हाथ लगी. हेगड़े उत्तर कन्नड़ से पांचवीं बार लोकसभा सांसद हैं.

  • AmiteshAmitesh10:53 (IST)

    जेपी आंदोलन के सिपाही रहे हैं अश्विनी चौबे 

    बिहार के बक्सर से सासंद और पार्टी के पुराने नेता अश्विनी चौबे को केंद्र में मंत्री बनाया जा रहा है. फिलहाल बिहार से ब्राम्हण समाज का कोई व्यक्ति मंत्री नहीं था. लेकिन, इस बार अश्विनी चौबे को शामिल कर जातिय समीकरण साधने की कोशिश की गई है.

    अश्विनी चौबे सांसद बनने से पहले भागलपुर से लगातार पांच बार विधायक रहे हैं. पिछली एनडीए सरकार में आठ सालों तक उनका स्वास्थ्य और शहरी विकास मंत्रालय समेत कई मंत्रालयों का अनुभव रहा है.

    छात्र राजनीति से ही अपने करियर की शुरुआत करने वाले अश्विनी चौबे पटना यूनिवर्सिटी में छात्र संघ के अध्यक्ष रह चुके हैं. इसके बाद चौबे ने जेपी आंदोलन में बढ़ चढ़कर भाग लिया. घर-घर में हो शौचालय अभियान, तभी होगा लाडली बिटिया का कन्यादान, इसी स्लोगन के नाम पर अपने अभियान को आगे बढ़ाते हुए चौबे ने 11000 महादलित परिवारों के लिए शौचालय बनवाने में काफी मदद की थी.

    बिहार में बीजेपी की राजनीति में अश्विनी चौबे का लगातार दबदबा रहा है. संगठन में उनकी कोशिश चौबे को  सुशील मोदी के विरोधी गुट का माना जाता है. बिहार में फिर से एनडीए सरकार बनने के बाद सुशील मोदी फिर से डिप्टी सीएम बन गए हैं. ऐसे में बिहार के सियासी समीकरण और अगले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अश्विनी चौबे को कैबिनेट में जगह दी गई है. 

  • 10:52(IST)

    मंत्री पद की शपथ लेते हुए बक्सर से बीजेपी सांसद अश्विनी कुमार चौबे.

  • 10:51(IST)

    वीरेंद्र कुमार ने ली मंत्री पद की शपथ 

  • 10:48(IST)

    नवनियुक्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ल ने ली शपथ.

  • 10:46(IST)

    मंत्री निर्मला सीतारमण ने ली शपथ.

LIVE मोदी कैबिनेट विस्तार: निर्मला सीतारमण बनीं रक्षा मंत्री, देखें मंत्रालय बंटवारे की पूरी लिस्ट

रविवार को नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्रिपरिषद का विस्तार और फेरबदल होगा. सुबह 10 बजे से होने वाले कैबिनेट विस्तार और फेरबदल में 28 से 30 मंत्रियों के विभागों को बदले जाने के कयास लगाए जा रहे हैं.

रविवार को मंत्रिमंडल में किए जा रहे फेरबदल के मद्देनजर एआईएडीएमके और जेडीयू के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं.

तमिलनाडु की पार्टी में चल रही आंतरिक कलह इसके सरकार में शामिल होने की राह में एक बड़ा रोड़ा साबित हो सकती है. पार्टी के भीतर के संकट को दूर करने में जुटी एआईएडीएमके टीटीवी दिनाकरन की बगावत से जूझ रही है.

जेडीयू से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि उन्हें अब तक सरकार में शामिल होने की जानकारी नहीं दी गई है.

जेडीयू के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘हमारे सांसद दिल्ली में हैं. सरकार में शामिल होने को लेकर पार्टी में कोई विवाद नहीं है लेकिन कल फेरबदल होने के बावजूद अब तक कोई संवाद नहीं किया गया है.’ बीजेपी के सूत्रों ने इन दोनों दलों के सरकार में शामिल होने को लेकर चल रही उलझन को खारिज करते हुए कहा कि चीजें ठीक हो जाएंगी.

ऐसा माना जा रहा है कि मोदी की ओर से योग्यता और व्यवहारिक राजनीति पर दिए जाने वाले जोर के बीच संतुलन के तहत छह से ज्यादा मंत्रियों को नए चेहरों के लिए अपने पद छोड़ने पड़ सकते हैं.

सरकार के एक शीर्ष अधिकारी शुक्रवार ने  कहा था, ‘रविवार को लगभग 10 बजे राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण समारोह के लिए प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है.’

जिन केंद्रीय मंत्रियों ने फेरबदल से पहले कल इस्तीफा दिया था, उनके नाम हैं- कलराज मिश्र, बंडारू दत्तात्रेय, राजीव प्रताप रूडी, संजीव कुमार बाल्यान, फग्गन सिंह कुलस्ते और महेंद्र नाथ पांडे.

उमा भारती ने भी इस्तीफे की पेशकश की थी लेकिन भाग्य संभवत: उनके पक्ष में है. हालांकि ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि कई अन्य लोगों का इस्तीफा हो सकता है.

जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने कहा था कि इस मुद्दे पर सिर्फ शाह या उनकी ओर से कोई अन्य व्यक्ति ही बोल सकता है. उमा भारती ने ट्वीट किया, ‘मीडिया ने कल से चल रही खबरों पर मेरी प्रतिक्रिया मांगी. मैंने कहा है कि मैंने सवाल नहीं सुना है, न मैं सुनूंगी और न ही मैं जवाब दूंगी.’

शाह ने शुक्रवार को मोदी से मुलाकात की थी और ऐसा माना जा रहा है कि दोनों नेताओं ने मंत्री परिषद के बदलावों पर फैसला कर लिया है.

सूत्रों के अनुसार, इस समय दो बड़े मंत्रालय- वित्त एवं रक्षा- संभाल रहे अरूण जेटली के पास संभवत: अब एक ही मंत्रालय रह जाए.

अधिक सक्षम मंत्रियों में से एक माने जाने वाले नितिन गडकरी फिलहाल सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री हैं. उन्हें अधिक जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है.

सूत्रों के अनुसार, हाल में हुई रेल दुर्घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेने वाले और इस्तीफे की इच्छा का संकेत देने वाले रेलमंत्री सुरेश प्रभु को किसी अन्य मंत्रालय में भेजा जा सकता है.

स्टील मंत्री बीरेंद्र सिंह समेत कई अन्य मंत्रियों को दूसरे मंत्रालयों में भेजा जा सकता है.

पार्टी के बीच संभावित मंत्रियों के तौर पर बीजेपी के महासचिव भूपेंद्र यादव, पार्टी के उपाध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे, प्रहलाद पटेल, सुरेश अंगदी, सत्यपाल सिंह, हिमंता बिस्वा सरमा, अनुराग ठाकुर, शोभा करंदलाजे, महेश गिरी और प्रहलाद जोशी का नाम चर्चा में है.

पार्टी के एक नेता ने कहा कि बिजली मंत्री पीयूष गोयल, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और दूरसंचार मंत्री मनोज सिंहा को सरकार में अच्छा प्रदर्शन करने वाले नेताओं के रूप में देखा जाता है. इनमें से कुछ लोगों को पदोन्नत भी किया जा सकता है.

नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले जेडीयू के सरकार में शामिल होने की संभावनाओं के बीच ऐसा माना जा रहा है कि इसके नेता आर सी पी सिंह और संतोष कुमार को चुना जा सकता है. आर सी पी सिंह राज्यसभा में पार्टी के संसदीय दल के नेता हैं.

एआईएडीमके के नेता थंबीदुरै ने शुक्रवार को शाह से मुलाकात की थी. यदि तमिलनाडु की यह पार्टी सरकार में शामिल होने का फैसला करती है तो थंबीदुरै और पार्टी नेता पी वेणुगोपाल और वी मैत्रेयन अपने राज्य का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं. हालांकि पार्टी ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है.

इसके अलावा टीडीपी और शिवसेना जैसे मौजूदा सहयोगियों को भी ज्यादा प्रतिनिधित्व मिलने से जुड़ी चर्चाएं गर्म हैं.

मंत्री परिषद में फिलहाल प्रधानमंत्री समेत 73 मंत्री हैं. मंत्रियों की अधिकतम संख्या 81 से ऊपर नहीं जा सकती.

संविधान के संशोधन के अनुसार, यह सीमा लोकसभा की सदस्य संख्या यानी 545 के 15 प्रतिशत से ऊपर नहीं जा सकती.

कुछ पद रिक्त होने के कारण कई वरिष्ठ मंत्री दो-दो विभाग भी संभाल रहे हैं.

जेटली के अलावा हर्षवर्धन, स्मृति ईरानी और नरेंद्र सिंह तोमर के पास अतिरिक्त प्रभार हैं.

मई 2014 में पद संभालने के बाद मोदी अब तक दो बार मंत्री परिषद को विस्तार दे चुके हैं. पहला विस्तार 9 नवंबर, 2014 को और दूसरा विस्तार 5 जुलाई, 2016 को दिया गया.

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