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एमसीडी चुनाव 2017: धड़ल्ले से चल रहा 'जाम के बदले वोट' का खेल

आयोग और पुलिस की सख्त निगरानी के बावजूद वोटरों में बंट रही है शराब

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Apr 19, 2017 07:34 AM IST

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एमसीडी चुनाव 2017: धड़ल्ले से चल रहा 'जाम के बदले वोट' का खेल

दिल्ली पुलिस की सतर्कता के बावजूद एमसीडी चुनाव में शराब धड़ल्ले से बांटी जा रही है. शराब परोसने वालों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने चुनाव आयोग के निर्देश पर एक खास रणनीति तो तैयारी की है लेकिन प्रत्याशी नए-नए तरीके ईजाद कर इसकी काट ढूंढ ही निकाल रहे हैं.

शराब पहुंचाने का नया तरीका 'कूपन'

प्रत्याशी चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस की निगाहों से बचने के लिए सीधे शराब बांटने के बजाए कूपन का सहारा ले रहे हैं. प्रत्याशी समर्थकों को नकद रुपए की जगह कूपन दे रहे हैं. इन्हीं कूपनों के जरिए 'जाम के बदले वोट' खरीदने की योजना भी चल रही है.

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कुछ प्रत्याशियों के करीबियों से बात करने पर पता चला है कि उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में शराब बांटने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहे हैं. उम्मीदवारों की ठेका मालिकों से सांठगांठ पहले से तय है.

उम्मीदवार के तरफ से कोई एक आदमी कूपननुमा पर्ची पर साइन कर देता है. जिसके बाद शराब पीने के शौकीन लोग ठेके पर पहुंच कर पर्ची दिखाते हैं. पर्ची दिखाने के बाद उस शख्स को शराब मिल जाती है.

इसके अलावा भी प्रत्याशी कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. 10 रुपए, 20 रुपए, 50 रुपए और 100 रुपए के नोट ठेके के लिए कोर्डवर्ड बन गए हैं. ठेके पर एक सीरीज का नोट दिखाने के बाद शराब मिल जाती है. अलग-अलग नोटों के आधार पर शराब का ब्रांड और मात्रा तय है.

कड़वी सच्चाई से वाकिफ है चुनाव आयोग

चुनाव आयोग इस सच्चाई से वाकिफ है कि शराब के बदले वोट खरीदे जाते हैं. लिहाजा आयोग सख्त नियम तो बनाता है लेकिन किसी भी तरह चुनाव जीतने की परंपरा के तहत प्रत्याशी नियमों की काट तलाशने में लग जाते हैं.

चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस की सख्त निगरानी के बावजूद शाम होते ही शराब की बोतलें धड़ल्ले से बांटी जा रही हैं. कुछ प्रत्याशी तो पुलिस के साथ आबकारी पुलिस की भी जेब गर्म कर यह काम धड़ल्ले से कर रहे हैं.

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चुनाव के वक्त बांटी जानी वाली शराब पर पुलिस, आबकारी विभाग और चुनाव आयोग की सख्त निगरानी रहती है. प्रत्याशियों को डर रहता है कि कहीं उनके कार्यकर्ता शराब बांटने के दौरान पकड़े गए तो उनकी काफी किरकिरी हो सकती है. इसके लिए प्रत्याशी तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं.

कई तरह की सख्ती भी हो जाती है बेअसर

चुनाव आयोग सिर्फ बिक्री पर ही नहीं शराब देने, बांटने और सामूहिक रूप से इकठ्ठा हो कर पीने पर भी रोक लगा देता है. होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और क्लबों में शराब परोसने पर विशेष तौर पर प्रतिबंध लगाया जाता है.

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दिल्ली पुलिस ने शराब की बड़ी खेप पकड़ने के लिए बड़े स्तर पर अभियान छेड़ा हुआ है. पुलिस मुख्यालय से दिल्ली के सभी थानों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं. दिल्ली पुलिस खासकर अनधिकृत कॉलोनियों और झुग्गी-झोपड़ियों में विशेष अभियान चला रही है.

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