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LG ने 2015 की अधिसूचना को ठहराया सही, कहा- सेवाएं विधानसभा के दायरे से बाहर

दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर पलटवार किया है.

Bhasha Updated On: Jul 06, 2018 10:37 PM IST

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LG ने 2015 की अधिसूचना को ठहराया सही, कहा- सेवाएं विधानसभा के दायरे से बाहर

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर पलटवार करते हुए दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने शुक्रवार को कहा कि सेवाओं को दिल्ली विधानसभा के अधिकार क्षेत्र के बाहर बताने संबंधित गृह मंत्रालय की 2015 की एक अधिसूचना अभी तक वैध है.

केजरीवाल को लिखे पत्र में बैजल ने कहा कि सेवाओं के मामले और अन्य मुद्दों पर और स्पष्टता तभी आएगी जब उच्चतम न्यायालय की नियमित पीठ के समक्ष इस संबंध में लंबित अपीलों को अंतिम रूप से निस्तारित कर दिया जाता है. उपराज्यपाल के अधिकारों को सीमित करने के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद दिल्ली सरकार और एलजी कार्यालय के बीच विवाद का कारण सेवा विभाग बना हुआ है.

बैजल का यह बयान ऐसे समय में आया है जबकि आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कुछ समय पहले कहा था कि उपराज्यपाल ने सेवा विभाग का नियन्त्रण राज्य सरकार को सौंपने से मना कर दिया है. केजरीवाल को लिखे एक पत्र में बैजल ने गृह मंत्रालय की 2015 की एक अधिसूचना के बारे में ध्यान दिलाया जिसमें संविधान के अनुच्छेद 239 और 239 एए के तहत राष्ट्रपति निर्देश जारी होते हैं.

इसमें कहा गया कि सेवाएं दिल्ली विधानसभा के अधिकारक्षेत्र के बाहर हैं परिणामस्वरूप दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार के पास सेवाओं को लेकर कोई कार्यपालिका अधिकार नहीं हैं. पत्र में कहा गया, इस अधिसूचना को दिल्ली उच्च न्यायालय ने चार अगस्त 2016 के अपने एक आदेश में भी सही ठहराया था.

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उपराज्यपाल ने कहा, माननीय सुप्रीम कोर्ट के पीछे के निर्णय के चलते गृह मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि निर्णय के अंतिम पैरा के अनुसार ‘सेवा’ सहित नौ अपील पर नियमित पीठ सुनवाई करेगी तथा गृह मंत्रालय की 21 मई 2015 की अधिसूचना वैध बनी रहेगी. केजरीवाल ने दावा किया कि यह देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि केन्द्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को मानने से स्पष्ट रूप से मना कर दिया है.

बैजल के साथ 25 मिनट तक हुई बैठक के बाद केजरीवाल ने कहा कि उपराज्यपाल के मना करने के बाद देश में अराजकता फैल जाएगी. एलजी कार्यालय ने एक बयान में कहा, 'उपराज्यपाल मुख्यमंत्री का ध्यान पैरा 249 की ओर आकर्षित कर रहे हैं जहां उच्चतम न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का ढांचा इस तरह का है जिसमें एक तरफ मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद और दूसरी तरफ एलजी एक टीम की तरह है.'

इससे पहले आज दिन में केजरीवाल ने सभी आपत्तियों को दरकिनार करते हुए राशन की लोगों के घरों तक आपूर्ति को मंजूरी दी थी. मुख्यमंत्री ने खाद्य विभाग को यह भी आदेश दिया कि योजना को तुरंत लागू किया जाए. बैजल ने दिल्ली सरकार की इस योजना पर आपत्ति जताई थी और आप सरकार से कहा था कि इसे लागू करने से पहले केन्द्र से विचार विमर्श किया जाए.

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