S M L

मराठा आरक्षण का विरोध कर रहे वकील पर कोर्ट के बाहर हमला, दिनदहाड़े मीडिया के सामने हुई पिटाई

उच्च न्यायालय के बाहर जुटी भीड़ में मौजूद मराठा समुदाय का एक व्यक्ति आरक्षण के समर्थन में एक मराठा लाख मराठा का नारा लगाते हुए आगे आया और वह सदावर्ते को पीटने लगा

Updated On: Dec 10, 2018 04:03 PM IST

FP Staff

0
मराठा आरक्षण का विरोध कर रहे वकील पर कोर्ट के बाहर हमला, दिनदहाड़े मीडिया के सामने हुई पिटाई

महाराष्ट्र में मराठा समुदाय को आरक्षण देने से जुड़े नए कानून के खिलाफ बंबई उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (पीआईएल) दायर करने वाले एक वकील पर अदालत परिसर के बाहर सोमवार यानी आज हमला किया गया. पुलिस के एक अधिकारी ने खुद यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि यह घटना उस वक्त हुई, जब याचिकाकर्ता गुणरत्न सदावर्ते उच्च न्यायालय के बाहर आरक्षण के मुद्दे पर मीडिया से बात कर रहे थे. अधिकारी ने बताया कि उच्च न्यायालय के बाहर जुटी भीड़ में मौजूद मराठा समुदाय का एक व्यक्ति आरक्षण के समर्थन में एक मराठा लाख मराठा का नारा लगाते हुए आगे आया और वह सदावर्ते को पीटने लगा.

पाटिल को आजाद मैदान पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिया गया

उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और वकीलों ने फौरन ही उस शख्स को पकड़ लिया. उसकी पहचान जालना जिले के वैजनाथ पाटिल के तौर पर हुई है. अधिकारी ने कहा कि इस घटना के बाद पाटिल को आजाद मैदान पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिया गया और मामले की जांच की जा रही है. सदावर्ते की याचिका पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश नरेश पाटिल और न्यायमूर्ति एम एस कार्णिक की पीठ ने इस बात से सहमति जताई थी कि वह इससे जुड़ी सभी लंबित याचिकाओं पर सोमवार को विस्तार से सुनवाई करेगी.

72 हजार सरकारी नौकरियों की भर्ती पर रोक नहीं लगा सकते

वहीं मराठा आरक्षण के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने सोमवार को कहा, 72 हजार सरकारी नौकरियों की भर्ती पर रोक नहीं लगा सकते. बैकवर्ड कमीशन के रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट ने राज्‍य सरकार से पूछा कि क्या इसे सार्वजनिक किया जा सकता है? कोर्ट ने राज्‍य सरकार से 16 फीसदी आरक्षण पर भी जवाब तलब किया. इस मामले में अगली सुनवाई 19 दिसंबर को होगी. इससे पहले इस मामले पर सुनवाई करते हुए 5 दिसंबर को हाई कोर्ट ने मराठा आरक्षण को तत्‍काल स्‍थगित करने से इनकार कर दिया था. याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा है कि नौकरी और कॉलेजों में मराठा समाज को आरक्षण देने पर बड़ी गड़बड़ी हो सकती है. बता दें कि महाराष्ट्र में राजनीतिक रूप से प्रभुत्व मराठा समुदाय की राज्य में 30 फीसदी आबादी है जो सरकारी नौकरियों और शिक्षा में 16 फीसदी आरक्षण देने की मांग लंबे समय से कर रही थी.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi