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कोलकाता पुलिस vs CBI: सीएम ममता बनर्जी धरने पर बैठीं, जानिए सियासी ड्रामे की पूरी कहानी

कोलकाता पुलिस ने सीबीआई के जिन अधिकारियों को हिरासत में लिया था उन्हें छोड़ दिया है

Updated On: Feb 03, 2019 10:02 PM IST

FP Staff

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कोलकाता पुलिस vs CBI: सीएम ममता बनर्जी धरने पर बैठीं, जानिए सियासी ड्रामे की पूरी कहानी

कोलकाता में चिटफंड घोटाले से जुड़ा जबरदस्त हंगामा सामने आया है. पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी धरने पर बैठ गई हैं. बनर्जी को कल यानी सोमवार को पश्चिम बंगाल की विधानसभा में बजट भाषण देना था. अब वह धरना स्थल से ही विधानसभा को फोन के जरिए संबोधित करेंगी.

इसके अलावा खबर ये भी मिली है कि कोलकाता पुलिस ने सीबीआई के जिन अधिकारियों को हिरासत में लिया था उन्हें छोड़ दिया गया है. साथ ही सीबीआई के दफ्तर के बाहर मौजूद पुलिसकर्मियों को भी हटा लिया गया है.

दरअसल कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर चिटफंड घोटालों के मामले की पूछताछ के लिए रविवार को सीबीआई की एक टीम पहुंची लेकिन वहां तैनात पुलिस ने सीबीआई को घर में घुसने से रोक दिया. इस दौरान सीबीआई अधिकारियों और मौजूद पुलिस के बीच टकराव की स्थिति भी बन गई क्योंकि कोलकाता पुलिस सीबीआई के कुछ अधिकारियों को जबरदस्ती नजदीक के थाने में ले गई.

मामले के सामने आने के बाद बंगाल की सियासत में तूफान आ गया. खुद सीएम ममता बनर्जी राजीव कुमार के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पहुंच गईं. सीबीआई ने शनिवार को दावा किया था कि राजीव कुमार फरार चल रहे हैं और शारदा व रोज वैली चिटफंड घोटालों के सिलसिले में उनकी तलाश की जा रही है. इस दावे के एक दिन बाद सीबीआई के करीब 40 अधिकारियों की एक टीम रविवार शाम कुमार के आवास पर पहुंची थी, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया.

कुछ ही देर बाद कोलकाता पुलिस के अधिकारियों की एक टीम सीबीआई अधिकारियों से बातचीत के लिए मौके पर पहुंची और यह पता लगाने की कोशिश करने लगी कि क्या उनके पास कुमार से पूछताछ करने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स थे.

पुलिस कमिश्नर के घर के बाहर खड़े सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'हम इस मुद्दे पर अभी कोई बात नहीं करना चाहते. देखते हैं कि क्या होता है. थोड़ा इंतजार करें.'

बाद में सीबीआई अधिकारियों की एक छोटी सी टीम को बात करने के लिए शेक्सपियर सरनी पुलिस थाने ले जाया गया. कुछ और लोगों के मौके पर पहुंचने पर हंगामा हो गया. जिसके बाद सीबीआई अधिकारियों को जबरन पुलिस थाने ले जाया गया.

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इस मामले पर क्या कहा

Mamata Banerjee 2

हंगामे के बीच सीएम ममता बनर्जी वहां पहुंच गईं. वह पहले ही राजीव कुमार के प्रति अपना समर्थन जता चुकी थीं. रविवार सुबह ही उन्होंने राजीव कुमार को देश का सबसे बेस्ट पुलिस ऑफिसर बताया था.

ममता ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी, पुलिस और अन्य सभी संस्थाओं पर नियंत्रण हासिल करने के लिए सत्ता का गलत इस्तेमाल कर रही है. यह सारा विवाद पीएम मोदी की साजिश है इसलिए उनके घर पर सीबीआई भेजी गई.

ममता ने कहा, ये कार्यवाही पीएम मोदी के बंगाल दौरे के बाद हो रही हैं. उनके घर पर काम करने वालों से भी पूछताछ हो रही है. ये सब एनएसए अजीत डोभाल के इशारे पर हो रहा है लेकिन राजीव कुमार दुनिया के सबसे बेहतरीन अधिकारियों में से एक हैं.

बनर्जी ने यह भी कहा, 'चिटफंड मामले में हमने जांच और गिरफ्तारी की, इसके बाद भी सीबीआई की इतनी हिम्मत कैसे हुई कि कोलकाता के कमिश्नर के घर बिना वारंट के पहुंच गई.' उन्होंने कहा कि यह भारतीय संघीय ढांचे पर हमला है इसलिए तमाम विपक्षी दल एक होकर मोदी हटाओ देश बचाओ की मुहिम चलाएं.

ममता की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार भी सामने आए. हालांकि उन्होंने मीडिया से बातचीत नहीं की. ममता ने कहा कि यह कार्रवाई बदले की भावना से की गई है. सीबीआई बिना वारंट के पुलिस कमिश्नर के ऑफिस पहुंची थी.

उन्होंने कहा, 'मैं इस घटना से दुखी हूं. देश में अपातकाल है और मैं संविधान बचाने के लिए हड़ताल पर बैठूंगी. बंगाल में कल बजट पेश होना है लेकिन मैं इस कार्यवाही के चलते मेट्रो सिनेमा के बाहर धरने पर बैठूंगी.'

ममता ने कहा, कोलकाता पुलिस प्रमुख के खिलाफ सीबीआई की कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध वाली है, प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पश्चिम बंगाल में तख्तापलट की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि तृणमूल कांग्रेस ने यहां विपक्ष की रैली का आयोजन किया था. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर सीबीआई को निर्देश दे रहे हैं.

ममता बनर्जी ने चिटफंड घोटाला मामले में सीबीआई के साथ दस्तावेज साझा करने पर कहा, कानून-व्यवस्था राज्य का मामला है, हम क्यों आपको (सीबीआई) सब कुछ दे दें. मैं संविधान की रक्षा के लिए आज रात धरने पर बैठूंगी और इस घटना के खिलाफ प्रदर्शन करूंगी.

क्या है चिटफंड घोटालों से जुड़ा पूरा मामला

सीबीआई के मुताबिक, चिटफंड घोटालों की जांच के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा गठित एसआईटी की अगुवाई कर चुके आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार से गायब दस्तावेजों और फाइलों के बारे में पूछताछ करनी है, लेकिन उन्होंने जांच एजेंसी के सामने पेश होने के लिए जारी नोटिसों का कोई जवाब नहीं दिया.

सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल कैडर के 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी कुमार ने चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए पिछले दिनों कोलकाता आए चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया था. रविवार को कोलकाता पुलिस ने एक बयान जारी कर उन खबरों को सिरे से खारिज किया था कि राजीव कुमार ड्यूटी से गायब हैं.

पुलिस ने अपने बयान में कहा था, 'कृपया इस बात पर ध्यान दें कि कोलकाता के पुलिस कमिश्नर न केवल शहर में उपलब्ध हैं बल्कि नियमित तौर पर ऑफिस आ रहे हैं. सिर्फ 31 जनवरी 2019 को वह ऑफिस नहीं आए, क्योंकि उस दिन उन्होंने छुट्टी ली थी. इसलिए सभी संबंधित पक्ष इस बात पर गौर करें कि अगर बिना जांच के कोई खबर फैलाई जाती है तो कोलकाता के पुलिस कमिश्नर और कोलकाता पुलिस दोनों की मानहानि का मामला चलाया जाएगा.'

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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