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यूपी चुनाव: बीजेपी की पहली लिस्ट में बाहरियों की बल्ले-बल्ले

बीजेपी ने अब तक जिन उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है उनमें नेताओं के रिश्तेदारों के नाम नहीं है

Updated On: Jan 17, 2017 01:04 PM IST

Amitesh Amitesh
विशेष संवाददाता, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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यूपी चुनाव: बीजेपी की पहली लिस्ट में बाहरियों की बल्ले-बल्ले

काफी मशक्कत के बाद बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के लिए अपनी पहली सूची जारी कर दी है. पार्टी की तरफ से 149 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया जा चुका है. अब तक बीजेपी ने जिन उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है उनमें नेताओं के रिश्तेदारों की तादाद बिल्कुल कम रही है.

लगता है बीजेपी ने विवादों से बचने के लिए फिलहाल इन सीटों पर नाम का ऐलान टाल दिया है.

पार्टी की तरफ से जारी की गई सूची में अतरौली से उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पोते संदीप सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है जबकि आगरा की बाह सीट से अभी हाल ही में बीजेपी में शामिल राजा अरिदमन सिंह की पत्नी रानी पक्षालिका सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है.

पक्षालिका सिंह को समाजवादी पार्टी ने खैरागढ़ से टिकट दिया था.

दिग्गज नेताओं के घरवालों को टिकट

बीजेपी की तरफ से गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह का टिकट अब तक पक्का नहीं हो पाया है. सूत्रों के मुताबिक पंकज सिंह को नोएडा या साहिबाबाद से टिकट दिया जा सकता है लेकिन अब तक इन दोनों जगहों से बीजेपी ने उम्मीदवार के नामों का ऐलान नहीं किया है.

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सूत्रों से जो खबर आ रही है उसके अनुसार पार्टी की तरफ से कैराना से सांसद हुकुम सिंह अपनी बेटी मृग्यांका सिंह के लिए कैराना से टिकट मांग रहे हैं जबकि केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्रा के बेटे अमित सिंह भी लखनऊ से टिकट के बड़े दावेदार हैं.

उधर, बीजेपी के पुराने नेता लालजी टंडन भी बेटे आशुतोष के लिए फिर से दावेदारी कर रहे हैं. हाल ही में बीजेपी में शामिल रीता बहुगुणा जोशी बेटे मयंक के लिए टिकट चाह रही हैं.

इसके अलावा डुमरियागंज से सांसद जगदंबिका पाल अपने बेटे अभिषेक पाल को भी पार्टी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतारना चाहते हैं.

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बीएसपी से बीजेपी में शामिल स्वामी प्रसाद मौर्य की दावेदारी भी कम नहीं है. स्वामी प्रसाद मौर्य अपने अलावा अपने बेटे उत्कृष्ठ और बेटी संघमित्रा के लिए दावेदारी में लगे थे. लेकिन, पार्टी ने पिछली बार बीएसपी के टिकट पर अलीगंज से किस्मत आजमा चुकी बेटी संघमित्रा को टिकट नहीं दिया.

स्वामी प्रसाद मौर्य अपने चहेतों को टिकट दिलाने में लगे हुए थे, लेकिन लगता है बीजेपी में उनकी नहीं चली जिसकी वो उम्मीद कर रहे थे.

बाहरी नेताओं को तरजीह

बीजेपी की पहली सूची में बाहरी नेताओं को खूब तरजीह दी गई है. समाजवादी पार्टी का टिकट लौटा देने वाली हेमलता दिवाकर आगरा ग्रामीण से बीजेपी की उम्मीदवार बनाई गई हैं. जबकि समाजवादी पार्टी से ही बीजेपी में शामिल जितेन्द्र वर्मा को पार्टी ने आगरा के फतेहाबाद से मैदान में उतारा है.

बीजेपी की पहली सूची में बीएसपी से आए महावीर राणा, बरौली में रालोद से आए विधायक दलवीर सिंह और बलदेव से पूरन प्रकाश को टिकट दिया गया है. मुरादनगर से समाजवादी पार्टी से बीजेपी में शामिल पूर्व मंत्री राजपाल त्यागी के बेटे अजीतपाल त्यागी, शिकारपुर में बीएसपी से बीजेपी में शामिल अनिल शर्मा को बीजेपी ने टिकट दिया है.

उत्तराखंड में बाहरी पड़े हैं भारी

बीजेपी ने उत्तराखंड के लिए भी अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है. पार्टी की तरफ से जारी पहली सूची में भी बाहरी उम्मीदवारों को तरजीह दी गई है. खासतौर से कांग्रेस से बीजेपी में शामिल सभी बागी टिकट पाने में सफल रहे हैं.

इसी मौके पर यशपाल आर्य के साथ उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी

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बीजेपी की उत्तराखंड के लिए जारी पहली सूची में हरीश रावत सरकार में मंत्री रह चुके हरक सिंह रावत को कोटद्वार से टिकट दिया गया है, जबकि पूर्व सांसद सतपाल महाराज को चौबातखल, कुंवर प्रणवेंद्र सिंह चैंपियन को खानपुर से और पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के बेटे सौरभ बहुगुणा को सितारगंज से चुनाव मैदान में उतारा गया है.

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बीजेपी के भीतर दूसरे दल से आने वाले नेताओं को किस कदर तरजीह दी जा रही है इसका आकलन आसानी से लगाया जा सकता है.

सोमवार 16 जनवरी को सुबह-सुबह उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष यशपाल आर्य ने पंजा छोड़कर कमल का साथ होने का फैसला किया. यशपाल आर्या अपने साथ-साथ अपने बेटे के लिए भी टिकट मांग रहे थे. लेकिन, कांग्रेस में इसके लिए बात नहीं बनी तो सीधे पाला बदल लिया.

बीजेपी ने अपनी जमीनी कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करते हुए सीधे बाप-बेटे दोनों को टिकट थमा दिया. पार्टी में शामिल होने वाले दिन शाम को ही बीजेपी ने यशपाल आर्या को बाजपुर सुरक्षित और बेटे संजीव आर्य को नैनीताल सुरक्षित सीट से टिकट दे दिया.

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