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दिल्ली: 28 से 30 नवंबर तक ऑल इंडिया किसान सभा निकालेगी मार्च

29 नवंबर को सभी किसान रामलीला मैदान में एकत्रित होंगे

Updated On: Nov 04, 2018 06:10 PM IST

Bhasha

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दिल्ली: 28 से 30 नवंबर तक ऑल इंडिया किसान सभा निकालेगी मार्च
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ऑल इंडिया किसान सभा महासचिव हन्नान मुल्ला ने किसानों की दशा के लिए बीजेपी और कांग्रेस सरकारों को आड़े हाथ लिया है. उन्होंने कहा कि किसानों की लंबित मांगों के लिए दबाव बनाने को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 28 नवंबर से 30 नवंबर तक मार्च का आयोजन किया जाएगा.

मुल्ला ने इस बात पर जोर दिया कि किसानों का मुद्दा वाम दलों की राजनीतिक गतिविधियों के केंद्र में है. उन्होंने दावा किया कि 'भूमि सुधार' लाने में लगातार सरकारों की असफलता से 'कृषि संकट' उत्पन्न हुआ है.

पीटीआई से एक साक्षात्कार में मुल्ला ने कहा, 'कृषि संकट अलग अलग तरीकों से सामने आता है और उसके पीछे ऐतिहासिक कारण हैं. कृषि संकट का मुख्य कारण भूमि सुधार लाने में विफलता है. स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद, यदि किसानों को जमीन मिली होती तो उनकी स्थिति बेहतर होती.'

उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता के बाद सरकार ने मूर्त सुधार के लिए कदम नहीं उठाए. तत्कालीन सत्ताधारी पार्टी ने प्रमुख प्रांतों के जमींदारों से नजदीकी रखी. केंद्र की बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने 2014 का चुनावी वादा पूरा नहीं किया. उन्होंने 22 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी और गन्ने की उचित एवं लाभकारी मूल्य को 'छल' करार दिया.

अब किसानों की आंख में धूल झोंकने की योजना बना रही है बीजेपी

भले ही कृषि लागत कई गुना बढ़ गई है लेकिन किसानों को उनकी फसल की उचित कीमत नहीं मिल रही है. बीजेपी अब किसानों की आंख में धूल झोंकने की योजना बना रही है और उसने अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव के लिए एक आक्रामक प्रचार की योजना बनाई है.

देशभर के किसानों को यह पता चल गया है कि उनकी दशा के लिए मुख्य दोषी कौन है. हम किसानों के लिए लंबे समय से काम कर रहे हैं. कई मौकों पर हमारे प्रयास से किसानों को लाभ होता है. हम पूरे देश में किसान संगठनों को एकजुट कर रहे हैं और एक साझा मंच बनाया है.

उन्होंने कहा कि दिल्ली में अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति (एआईकेएससीसी) के तत्वावधान में 28 से 30 नवम्बर तक 'किसान मार्च' आयोजित किया जाएगा. एआईकेएससीसी किसानों की विभिन्न मांगों के लिए दबाव बनाने के वास्ते देशभर के 260 किसान संगठनों का एक समूह है. मुल्ला एआईकेएससीसी के संयोजक हैं.

उन्होंने 'कृषि संकट' के समाधान के लिए संसद का एक संयुक्त सत्र संबोधित करने के वास्ते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हस्तक्षेप की मांग की.

किसान मार्च के बारे में उन्होंने कहा, 'किसान ट्र्रैक्टर पर आएंगे. 29 नवम्बर को वे यहां रामलीला मैदान में एकत्रित होंगे. हम बोट क्लब में अपनी रैली करने का प्रयास कर रहे हैं. यदि हमें वहां रैली की अनुमति नहीं मिलती तो उसे रामलीला मैदान में किया जाएगा.'

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