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कीर्ति आजाद बोले- बीजेपी ने सब जानते हुए भी माल्या को क्यों बनाया राज्यसभा सदस्य

लंदन कोर्ट के बाहर भगोड़े व्यापारी विजय माल्या के बयान के बाद सियासी गलियारों में हंगामा मच गया है

Updated On: Sep 13, 2018 02:59 PM IST

FP Staff

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कीर्ति आजाद बोले- बीजेपी ने सब जानते हुए भी माल्या को क्यों बनाया राज्यसभा सदस्य

बीजेपी के बागी नेता कीर्ति आजाद ने बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, 'संबित पात्रा आपकी आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस से मैं बहुत प्रभावित हुआ. जब आप 2009 में किंगफिशर के एनपीए और गबन को लेकर सचेत थे तो विजय माल्या को बीजेपी की ओर से राज्यसभा का सदस्य क्यों बनाया गया.

उन्होंने कहा, ' माल्या देश से बाहर कैसे निकल गया जबकि अरुण जेटली जानते थे कि वह लुकआउट नोटिस के बावजूद ब्रिटेन जा रहा है.' इससे पहले कीर्ति आजाद ने कहा कि जब अरुण जेटली को मालूम था कि विजय माल्या लंदन जा रहा है और उसके ऊपर करोड़ों का कर्ज है तो फिर जेटली ने ईडी और सीबीआई एजेंसियों को इसकी सूचना क्यों नहीं दी? उसे विदेश भागने से रोका क्यों नहीं? दाल में काला है या फिर पूरी दाल काली है? मामला गडबड़ है.

बता दें कि लंदन कोर्ट के बाहर भगोड़े व्यापारी विजय माल्या के दिए बयान के बाद सियासी गलियारों में हंगामा मच गया है. माल्या ने कहा था कि उन्होंने भारत छोड़ने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की थी और उनके मामले को सुलझाने के लिए ऑफर दिया था लेकिन देश की दो बड़ी पार्टियों ने उन्हें राजनीतिक फुटबॉल बना दिया और बाद में बलि का बकरा भी बनाया. माल्या ने कहा कि वह तो जेनेवा में एक मीटिंग में शामिल होने के लिए आए थे.

माल्या के इस बयान पर हंगामा मच गया. आनन फानन में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने माल्या के इस बयान को खारिज करते हुए सफाई पेश की. जेटली ने कहा, 'यह बयान गलत है, इसमें कोई सच्चाई नहीं है. मैंने 2014 के बाद से माल्या को मिलने के लिए किसी तरह का एपाइंटमेंट नहीं दिया इसलिए मुलाकात का सवाल ही नहीं उठता.'

जेटली ने कहा, 'इससे पहले जब वह राज्यसभा के सदस्य थे और सदन की कार्यवाही में शामिल होते थे तब उन्होंने विशेषाधिकार का गलत इस्तेमाल किया था. उन्होंने संसद परिसर में इस मामले को सुलझाने के लिए कहा लेकिन मैंने उनसे साफ मना कर दिया.'

जेटली ने कहा, 'मैंने माल्या के ऑफर को ठुकराते हुए हुए कहा था कि इस मामले में कोई बातचीत नहीं हो सकती. मैंने उनसे कोई दस्तावेज नहीं लिए थे.' बता दें कि माल्या ने लंदन कोर्ट से बाहर निकलते समय कहा था, 'मैं भारत छोड़ने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिला था और उनके साथ मिलकर मामले को सुलझाना चाहता था लेकिन बैंकों की वजह से यह मामला सुलझ नहीं सका.'

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