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जनरक्षा यात्रा का समापन: सीपीएम के गढ़ में भगवा फहरा पाएंगे अमित शाह?

पिछले पंद्रह दिनों से लगातार बीजेपी ने सीपीएम और केरल की सरकार पर राजनीतिक षड्यंत्र और हिंसा को लेकर निशाना साधा

Updated On: Oct 18, 2017 08:49 AM IST

Amitesh Amitesh

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जनरक्षा यात्रा का समापन: सीपीएम के गढ़ में भगवा फहरा पाएंगे अमित शाह?

केरल में बीजेपी और आरएसएस कार्यकर्ताओं की राजनीतिक हत्या के विरोध में बीजेपी की जनरक्षा यात्रा का समापन हो गया है. पिछले पंद्रह दिनों से लगातार बीजेपी ने सीपीएम और केरल की सरकार पर राजनीतिक षड्यंत्र और हिंसा को लेकर निशाना साधा.

बीजेपी के नेता लगातार केरल के दौरे पर रहे, लेकिन सीपीएम पर दबाव बनाने के लिए बीजेपी ने दिल्ली से लेकर देश के सभी राज्यों की राजधानी में भी प्रदर्शन किया. इस दौरान दिल्ली के सीपीएम दफ्तर का लगातार घेराव होता रहा.

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने तीन अक्टूबर को मुख्यमंत्री पी विजयन के गृह जिले कन्नूर में पदयात्रा की थी और अब 17 अक्टूबर को जनरक्षा यात्रा के समापन के मौके पर अमित शाह लाल गढ़ को भेदने की तैयारी में राजधानी तिरुवनंतपुरम पहुंच गए.

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यात्रा के अंतिम दिन अमित शाह ने जिस अंदाज में सीपीएम पर वार किया उससे साफ है कि आने वाले दिनों में भी केरल में बीजेपी और आक्रामक होकर सीपीएम सरकार पर वार करेगी.

Thiruvananthapuram : BJP President Amit Shah being welcome by BJP state president Kummanam Rajasekharan (R) on his arrival at Thiruvananthapuram on Saturday. PTI Photo (PTI6_3_2017_000264B)

अमित शाह ने किया सीपीएम पर वार

अमित शाह ने जनरक्षा यात्रा के समापन के बाद रैली को संबोधित करते हुए कहा कि ‘सीपीएम अगर आजादी के सत्तर साल बाद भी बीजेपी की विचारधारा को खत्म करने का मंसूबा रखती है तो वो पूरा नहीं हो सकता.’

अमित शाह ने सीधे मुख्यमंत्री पी विजयन पर हमला बोलते हुए पूछा, ‘केरल में हो रही राजनीतिक हिंसा की जिम्मेदारी आप लेंगे कि नहीं?’ खासतौर से मुख्यमंत्री पी विजयन के गृह जिले कन्नूर में हुई हत्या को लेकर अमित शाह ने मुख्यमंत्री को कटघरे में खड़ा किया.

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अमित शाह ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री पी विजयन बीजेपी की जनरक्षा यात्रा से घबरा गए हैं.’ शाह ने मुख्यमंत्री को चेतावनी देते हुए कहा कि ‘केरल की पवित्र भूमि में मैं उन्हें चेताना चाहता हूं कि अभी समय है वो सुधर जाएं, नहीं तो यहां की जनता उन्हें केरल से उखाड़ फेंकेगी.’

केरल में बीजेपी की जनरक्षा यात्रा को लेकर पलटवार सीपीएम की तरफ से भी होता रहा है. सीपीएम सरकार और मुख्यमंत्री विकास के मुद्दे को लेकर बीजेपी को चुनौती दे रहे हैं. यात्रा के समापन के मौके पर तिरुवनंतपुरम पहुंचे अमित शाह ने विकास के मुद्दे पर चर्चा के लिए चुनौती को स्वीकार कर लिया.

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वामपंथ के आखिरी किले को भेदने की तैयारी

अमित शाह ने कहा कि ‘केंद्र की सरकार की तरफ से केरल के लिए किए गए कामों का जवाब देने के लिए वो तैयार हैं लेकिन, क्या मुख्यमंत्री पी विजयन अपनी सरकार के कार्यकाल में मारे गए 13 निर्दोष लोगों के बारे में जवाब देंगे?’

3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक चली जनरक्षा यात्रा के दौरान जब बीजेपी ने दिल्ली में सीपीएम दफ्तर का घेराव करने का फैसला किया था तो उसके जवाब में सीपीएम की तरफ से भी दिल्ली के बीजेपी दफ्तर का घेराव और प्रदर्शन करने का फैसला हुआ था.

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तिरुवनंतपुरम में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने इस पर भी जवाब दिया. शाह ने सीपीएम पर आरोप लगाया कि हमने तो आपके दफ्तर पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया है लेकिन आपने तो बीजेपी और संघ के दफ्तर को बम से उड़ा दिया है.

अमित शाह की तरफ से केरल के मुख्यमंत्री को दिया गया संदेश इस बात का संकेत है कि बीजेपी आने वाले दिनों में इस मुहिम को और भी तेजी से आगे बढ़ाएगी.

केरल में संघ परिवार और बीजेपी की जड़ें मजबूत करने की कोशिश में लगी पार्टी के अध्यक्ष का यह बयान उसकी उस रणनीति का परिचायक है जिसके तहत वो केरल में वामपंथ के आखिरी किले को भेदकर वहां भगवा ब्रिगेड के पांव जमाना चाहती है.

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