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प्रधानमंत्री मोदी से मिले KCR, 2019 लोकसभा चुनाव बाद गठबंधन को तैयार!

टीडीपी का बीजेपी से दूर होना और केसीआर से नजदीकियां बढ़ना भावी लोकसभा चुनावों से पहले बड़ी सियासी घटना के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि पिछले 50 दिनों में पीएम मोदी और केसीआर की दूसरी बैठक हुई है

Updated On: Aug 05, 2018 02:17 PM IST

FP Staff

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प्रधानमंत्री मोदी से मिले KCR, 2019 लोकसभा चुनाव बाद गठबंधन को तैयार!

बीजेपी और तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में नजदीकियां बढ़ गई हैं. शनिवार को इसका संकेत तब मिला जब टीआरएस प्रमुख के चंद्रशेखर राव (केसीआर) दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले. यों तो दोनों नेताओं की यह मुलाकात तेलंगाना के विकास कार्यों के लिए थी लेकिन इसी बहाने 2019 के लोकसभा चुनावों पर भी बात हुई.

टाइम्स ऑफ इंडिया की मानें तो इस मुलाकात में 2019 चुनावों का भी खाका खींचा गया और केसीआर ने पीएम मोदी से चुनाव बाद गठबंधन पर हामी भर दी.

सूत्रों के मुताबिक, एक घंटे तक चली इस बैठक में केसीआर ने चुनाव पूर्व गठजोड़ पर असहमति जताई क्योंकि उनकी पार्टी के लिए यह माकूल नहीं होगा लेकिन चुनाव बाद गठबंधन पर वे सहर्ष तैयार हो गए.

टीआरएस केंद्र की एनडीए सरकार की सहयोगी नहीं है पर हाल में संसद में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव की वोटिंग में भाग न लेकर उसने एक तरह से एनडीए के साथ होने का इशारा कर दिया. बीजेपी-टीआरएस में दोस्ती के संकेत तब और पुख्ता हो गए जब संसद में पीएम मोदी ने तेलंगाना में विकास कार्यों की तारीफ की.

एनडीए के बड़े और प्रभावी सहयोगियों में एक तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) कुछ माह पहले ही अलग हुई है. इसके अध्यक्ष चंद्र बाबू नायडू ने केंद्र की मोदी सरकार पर आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के नाम पर ठगने का आरोप लगाया था. मामला बिगड़ते-बिगड़ते संसद में अविश्वास प्रस्ताव तक पहुंच गया. हालांकि मोदी सरकार ने आसानी से विश्वास मत हासिल कर लिया लेकिन टीडीपी से उसकी दूरियां बढ़ती चली गईं.

बीते 50 दिनों में दोनों नेताओं के बीच हो चुकी है 2 बार बैठक

टीडीपी का बीजेपी से दूर होना और केसीआर से नजदीकियां बढ़ना भावी लोकसभा चुनावों से पहले बड़ी सियासी घटना के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि जून में भी पीएम मोदी और केसीआर एक दूसरे से मिल चुके हैं. बीते 50 दिनों में दोनों नेताओं के बीच दो बैठकें प्रगाढ़ संबंधों की ओर इशारा करती हैं.

दूसरी ओर, समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच तेलंगाना में पिछड़ी जातियों को शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण देने को लेकर भी बात हुई. इसके लिए केसीआर ने पीएम मोदी को एक पत्र सौंपा और गृह मंत्रालय से इस मुद्दे पर गौर फरमाने का आग्रह किया.

केसीआर का तर्क है कि आंध्र से अलग होने के बाद तेलंगाना में पिछड़ी जातियों की आबादी बढ़ गई है, लिहाजा आरक्षण की दर भी उसी अनुपात में तय होनी चाहिए.

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पिछड़े इलाकों के विकास के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय मदद मांगी. केसीआर ने तेलंगाना में रेलवे की दयनीय हालत की ओर पीएम का ध्यान दिलाया और लंबित पड़े रेल प्रोजेक्ट समय पर पूरा करवाने की गुहार लगाई.

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