S M L

कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी के बाद CBI के निशाने पर कौन?

कार्ति चिदंबरम पिछले एक साल से सीबीआई के राडार पर थे

Updated On: Feb 28, 2018 10:15 AM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

0
कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी के बाद CBI के निशाने पर कौन?

देश के पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने कार्ति चिदंबरम को चेन्नई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है. कार्ति चिदंबरम पिछले एक साल से सीबीआई के राडार पर थे. वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पी चिंदबरम और उनके बेटे कार्ति के घर सीबीआई पिछले कई मौके पर रेड कर चुकी है.

पिछले ही साल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कार्ति को 45 करोड़ रुपए के फेमा उल्लंघन मामले में भी नोटिस जारी किया था. आरोप था कि वह वासन हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से कथित तौर पर जुड़े हुए हैं. इस कंपनी से जुड़े विदेशी निवेशकों से कई नामों से करीब 2100 करोड़ रुपए लिए गए. वहीं, कार्ति पर आरोप है कि 162 करोड़ रुपए अलग से भी लिए गए. आरोप है कि इस लेन देन में कार्ति चिदंबरम की कंपनी मैसर्स एडवांटेज स्ट्रेटजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड भी सीधे तौर पर शामिल थी. इस कंपनी को इसमें तकरीबन 45 करोड़ रुपए मिले थे.

एक दूसरे मामले में भी सीबीआई पिछले साल ही कार्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. कार्ति की यह गिरफ्तारी आईएनएक्स मीडिया (अब 9एक्स मीडिया) को दी गई मंजूरी को लेकर है. आईएनएक्स मीडिया के मुखिया पीटर मुखर्जी रहे हैं. आईनएनएक्स मीडिया के निदेशक रहे पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी इस समय शीना बोरा हत्याकांड में जेल में बंद हैं. यह पूरा मामला शीना बोरा हत्याकांड के खुलासे के बाद सामने आया था.

भारतीय जांच एजेंसी को पता चला कि शीना बोरा का मर्डर पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी के कारण ही हुआ. सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था. कार्ति चिदंबरम पर आईएनएक्स के निदेशक इंद्राणी मुखर्जी और पीटर मुखर्जी को फायदा पहुंचाने का आरोप है.

RPT with headline correction.... New Delhi: Former finance minister P Chidambaram, addresses the media at his residence after the Enforcement Directorate (ED) conducted raids at his son Karti Chidamabaram's Delhi and Chennai premises in connection with the probe in the Aircel Maxis money laundering case, at Jor Bagh in New Delhi on Saturday. PTI Photo(PTI1_13_2018_000036B)

सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक कंपनी की तरफदारी तब की गई थी जब पी चिदंबरम वित्त मंत्री थे. सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया के अलावा कार्ति की कंपनी चेस मैनेजमेंट सर्विसेज और एडवांटेज कंसल्टिंग लिमिटेड निदेशक पद्मा विश्वनाथन के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था. इनके खिलाफ भी आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टचार के आरोप लगाए गए थे.

पिछले कई मौकों पर देश के पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने केंद्र सरकार पर सीबीआई का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए हैं. चिंदबरम ने कहा कि केंद्र सरकार सीबीआई का दुरुपयोग कर मेरे बेटे और उसके दोस्तों को टारगेट कर रही है. पूर्व वित्त मंत्री का ये कह चुके हैं कि 'केंद्र सरकार मुझे चुप करवाना चाहती है और मुझे लिखने से रोकना चाहती है जिस कारण ये सब किया जा रहा है.'

बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी लगातार पी चिदंबरम पर इस डील में शामिल होने का आरोप लगा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने स्वामी की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए पिछले साल ही फरवरी महीने में कहा था कि चिदंबरम के खिलाफ ठोस सबूत पेश करें.

बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि एयरसेल-मैक्सिस डील केस में चिदंबरम को भी सीबीआई जांच के घेरे में लाया जाए. स्वामी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि एयरसेल को मलेशिया की मैक्सिस कंपनी को बेचा गया था और ये डील इंडियन टेलिकॉम रूल्स के मुताबिक नहीं हुई थी.

उन्होंने दावा किया था कि यह डील टेलिकॉम सेक्टर में 74 फीसदी एफडीआई के विरूद्ध थी. चिदंबरम ने गैर कानूनी तरीके से विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) को मंजूरी दी थी. सीबीआई ने तत्कालीन केंद्रीय वित्तमंत्री पी. चिदंबरम की ओर से 2006 में एयरसेल-मैक्सिस करार को एफआईपीबी की मंजूरी दिए जाने की परिस्थितियों की जांच कर रही है. वहीं चिदंबरम ने एक बयान जारी कर विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) द्वारा आईएनएक्स मीडिया को मंजूरी दिए जाने में किसी भी तरह की धांधली से इनकार किया.

RPT with headline correction.... New Delhi: Former finance minister P Chidambaram arrives to address the media at his residence after the Enforcement Directorate (ED) conducted raids at his son Karti Chidamabaram's Delhi and Chennai premises in connection with the probe in the Aircel Maxis money laundering case, at Jor Bagh in New Delhi Saturday.  PTI Photo(PTI1_13_2018_000034B)

वो कह चुके हैं कि एफआईपीबी की मंजूरी कई मामलों में दी गई. एफआईपीबी में शामिल पांच सचिव और अन्य अधिकारी सरकारी कर्मचारी हैं. उनके खिलाफ कोई मामला नहीं है. चिदंबरम का कहना है कि जब वह वित्त मंत्री थे तो हर मामले में नियमों के तहत कार्रवाई की गई और एफआईपीबी की अनुशंसा पर ही मंजूरी अथवा नामंजूरी दी गई. बीजेपी सरकार मेरे बेटे और उसके दोस्तों को निशाना बनाने के लिए सीबीआई और अन्य जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है.

सीबीआई के द्वारा कार्ति की गिरफ्तारी की आंच पी चिदंबरम तक भी पहुंच सकती है. दूसरी तरफ चिदंबरम भी भारतीय जांच एजेंसी पर जवाबी हमला बोल रहे हैं. भारतीय जांच एजेंसी को पता है कि पी चिदंबरम सिर्फ नेता ही नहीं है बल्कि देश के जाने माने वकील भी हैं. सीबीआई को भी पता है कि पी चिदंबरम इतने आसानी से उनके जाल में नहीं आ सकते हैं. कानून की बारीकी को बहुत नजदीक से समझने वाले पी चिदंबरम के खिलाफ अगर सीबीआई कोई ठोस सबूत इकठ्ठा नहीं कर पाती है तो वह उसके लिए भी परेशानी का सबब साबित होगा.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi