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करतारपुर कॉरिडोर की आज नींव रखेंगे VP वेंकैया नायडू, भारत-पाक के सुधरेंगे रिश्ते!

भारत और पाकिस्तान को जोड़ने वाले इस कॉरिडोर का निर्माण एकीकृत विकास परियोजना के रूप में किया जाएगा

Updated On: Nov 26, 2018 12:14 PM IST

FP Staff

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करतारपुर कॉरिडोर की आज नींव रखेंगे VP वेंकैया नायडू, भारत-पाक के सुधरेंगे रिश्ते!

उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू सोमवार को पंजाब के गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक-करतारपुर साहिब कॉरिडोर की नींव रखेंगे. यह सड़क गुरदासपुर जिले के मान गांव से पाकिस्तान से लगने वाली इंटरनेशनल बॉर्डर तक जाएगी.

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, हरसिमरत कौर बादल के अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह भी मौजूद रहेंगे.

राज्य में हाल में हुई आतंकवादी घटनाओं और गतिविधियों के मद्देनजर इस कार्यक्रम के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है. कार्यक्रम स्थल से 5 किलोमीटर तक के इलाके को सील कर दिया गया है.

केंद्र सरकार ने 22 नवंबर को अगले साल होने वाले गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर करतारपुर कॉरिडोर निर्माण का फैसला किया था. भारत के इस फैसले के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी उसी दिन यह घोषणा की थी कि प्रधानमंत्री इमरान खान 28 नवंबर को अपने क्षेत्र में इस कॉरिडोर के बनने की आधारशिला रखेंगे.

भारत और पाकिस्तान को जोड़ने वाले इस कॉरिडोर का निर्माण एकीकृत विकास परियोजना के रूप में किया जाएगा.

हरसिमरत कौर, हरदीप सिंह पुरी और नवजोत सिंह सिद्धू जाएंगे पाकिस्तान

पाकिस्तान ने इसमें शामिल होने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को न्योता भेजा है. मगर दोनों ने विभिन्न कारणों से इसमें शरीक होने से इनकार कर दिया है. सुषमा स्वराज की जगह इसमें केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर और हरदीप सिंह पुरी शामिल होंगे.

वहीं पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू भी इसमें शरीक होने पाकिस्तान जाएंगे. हालांकि उनके वहां जाने को लेकर सियासत शुरू हो गई है. कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के मंत्री सुखविंदर सिंह रंधावा ने हरसिमरत कौर और अकाली दल पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, हरसिमरत कौर बादल ने नवजोत सिद्धू को 'कौम का गद्दार' कहा था, मगर अब वो खुद वहां जा रही हैं, वो वहां कौन सा चेहरा लेकर जा रही हैं?

उन्होंने कहा कि सत्ता में रहने के दौरान अकाली दल ने करतारपुर कॉरिडोर मुद्दे पर एक बार भी पहल नहीं की.

करतारपुर साहेब की अहमियत

करतारपुर साहिब वो जगह है, जहां 1539 ईं. में सिख धर्म के पहले गुरु नानक देव के निधन के बाद पवित्र गुरुद्वारे का निर्माण करवाया गया था. इस जगह की अहमियत इसलिए है क्योंकि यहां गुरु नानक देव ने अपने जीवन के अंतिम 18 साल बिताए थे.

पाकिस्तान ने गुरु नानक की 549वीं जयंती के अवसर पर नवंबर में 3800 सिख श्रद्धालुओं को वीजा जारी किया था. करतारपुर कॉरिडोर बन जाने से लाखों सिख श्रद्धालु पाकिस्तान में रावी नदी के तट पर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर में मत्था टेक सकेंगे.

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