S M L

कर्नाटक सरकार ने लिंगायत को अलग धर्म माना, केंद्र की मंजूरी का इंतजार

सीएम सिद्धारमैया ने अपने मंत्रियों और लिंगायत नेताओं से बातचीत के बाद समिति की सिफारिशों को मंजूर करते हुए इसे केंद्र के पास भेजने का निर्णय लिया है

FP Staff Updated On: Mar 19, 2018 04:37 PM IST

0
कर्नाटक सरकार ने लिंगायत को अलग धर्म माना, केंद्र की मंजूरी का इंतजार

कर्नाटक सरकार ने लिंगायत को अलग धर्म के तौर पर मान्यता देने की सिफारिश मान ली है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार से लिंगायत को अलग धर्म के तौर पर मान्यता देने का अनुरोध किया है.

सिद्धारमैया सरकार ने अपने मंत्रियों और लिंगायत नेताओं से बातचीत के बाद यह निर्णय लिया है. सरकार ने लिंगायत समुदाय की इस मांग पर विचार करने के लिए जस्टिस नागामोहन दास की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था. इस समिति ने लिंगायत समुदाय के लिए अलग धर्म के साथ अल्पसंख्यक दर्जे की सिफारिश की थी, जिसे राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है.

समिति की यह सिफारिश केंद्र सरकार के पास भेजी जाएगी, जिसे राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले इस मुद्दे पर अंतिम फैसला करना होगा.

सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जल संसाधन मंत्री और लिंगायत नेता एम बी पाटिल ने कहा, 'अब केंद्र को इस संबंध में फैसला करना है. अलग धर्म की मांग की हमारी यह लड़ाई अब जायज तौर पर खत्म होने वाली है. हमने हमेशा यह कहा है कि लिंगायत हिंदू नहीं हैं. हम आशा करते हैं कि केंद्र सरकार हमारी मांग को मान लेगी.'

siddharamaihlingayat

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के इस कदम को आने वाले विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. राज्य में लिंगायत समुदाय काफी ताकतवर और प्रभावशाली माना जाता है. पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के सीएम पद के उम्मीदवार बी एस येदियुरप्पा इसी समाज से आते हैं. लिंगायत समुदाय का लंबे समय से बीजेपी की तरफ झुकाव रहा है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
SACRED GAMES: Anurag Kashyap और Nawazuddin Siddiqui से खास बातचीत

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi