S M L

केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाने पर सुबह 10.30 बजे होगी SC में सुनवाई, जानिए क्या है कांग्रेस-जेडीएस की मांग

कांग्रेस-जेडीएस का अपनी याचिका में कहना है कि राज्यपाल ने सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य को प्रोटेम स्पीकर बनाए जाने की परंपरा को तोड़ा है

Updated On: May 18, 2018 10:58 PM IST

FP Staff

0
केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाने पर सुबह 10.30 बजे होगी SC में सुनवाई, जानिए क्या है कांग्रेस-जेडीएस की मांग

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार देर शाम कांग्रेस और जेडीएस ने फिर से सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. इस बार उन्होंने राज्यपाल द्वारा विधायक केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कर्नाटक विधानसभा में शनिवार शाम 4 बजे तक येदियुरप्पा की बीजेपी सरकार को बहुमत साबित करना है. राज्यपाल वजुभाई वाला ने इस शक्ति परीक्षण के लिए केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाया है.

कांग्रेस और जेडीएस ने इसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और इसपर त्वरित सुनवाई की मांग की. सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस-जेडीएस की इस याचिका को स्वीकार करते हुए इस पर शनिवार सुबह 10.30 बजे सुनवाई करने का फैसला किया है. सुप्रीम कोर्ट ने यह समय इसलिए दिया है क्योंकि विश्वास मत के लिए विधानसभा का सत्र सुबह 11 बजे बुलाया गया है.

कांग्रेस-जेडीएस का अपनी याचिका में कहना है कि राज्यपाल ने सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य को प्रोटेम स्पीकर बनाए जाने की परंपरा को तोड़ा है. याचिका में यह मांग की गई है कि केजी बोपैया की नियुक्ति को रद्द करते हुए उनकी जगह सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया जाए.

इस याचिका में केजी बोपैया के विधानसभा अध्यक्ष रहते उन फैसलों का भी जिक्र किया गया है जिसमें उन्होंने 2011 में 16 विधायकों को अयोग्य ठहरा दिया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने बोपैया के इस फैसले को रद्द कर दिया था.

इस याचिका में कांग्रेस-जेडीएस ने अपनी याचिका में ये मांगे रखीं हैं:

- केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर के पद से हटाने के लिए कोई आदेश पारित किया जाए.

- विधानसभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त करने के लिए आदेश पारित किया जाए.

- एक उचित दिशा निर्देश जारी करें ताकि फ्लोर टेस्ट के दौरान मतदान के लिए विधायकों को दो लॉबी में रखा जाए. एक तरफ फ्लोर टेस्ट का समर्थन करने वाले विधायक हो और दूसरे में इसके खिलाफ वाले.

- प्रोटेम स्पीकर सिर्फ सुप्रीम कोर्ट द्वारा 18.05.2018 को बताए गए कार्यों को ही करें.

- कार्यवाही के दौरान कोई अन्य एजेंडा शामिल नहीं होगा. सिर्फ विधायकों को शपथ दिलाया जाएगा और इसके बाद फ्लोर टेस्ट होगा, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर में है.

- प्रोटेम स्पीकर विधानसभा कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्ड करें और उसकी एक कॉपी सुप्रीम कोर्ट में भी जमा करें.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi