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कर्नाटक में क्या है एंग्लो-इंडियन विधायक के नॉमिनेशन का मामला

संविधान के अनुच्छेद 333 के तहत राज्यपाल को एक एंग्लो-इंडियन सदस्य को विधानसभा का सदस्य मनोनीत करने का अधिकार है

Updated On: May 18, 2018 01:21 PM IST

Ravi kant Singh

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कर्नाटक में क्या है एंग्लो-इंडियन विधायक के नॉमिनेशन का मामला

कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल कर कहा है कि जब तक शक्ति परीक्षण नहीं हो जाता मुख्यमंत्री येदियुरप्पा को एंग्लो-इंडियन समुदाय के सदस्य को नॉमिनेट करने से रोका जाए. सुप्रीम कोर्ट में यह मामला जाने के बाद अब येदियुरप्पा किसी एंग्लो-इंडियन को विधायक के तौर पर नॉमिनेट नहीं कर पाएंगे.

दरअसल, कांग्रेस-जेडीएस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका इसलिए दाखिल की क्योंकि उन्हें इस बात का अंदेशा है कि येदियुरप्पा कर्नाटक के राज्यपाल को प्रभावित कर एंग्लो-इंडियन समुदाय के एक सदस्य को नामित करा सकते हैं. जिससे राज्य विधानसभा में उनकी संख्या बढ़ सकती है. कर्नाटक विधानसभा में फिलहाल 224 विधायक हैं. एक एंग्लो इंडियन के नॉमिनेशन के बाद यह संख्या 225 हो जाएगी. विपक्षी दलों का आरोप है कि येदियुरप्पा एंग्लो-इंडियन का नॉमिनेशन कर सदन में बीजेपी की शक्ति बढ़ाना चाहते हैं.

कांग्रेस-जेडीएस ने सुप्रीम कोर्ट में तब याचिका दाखिल की जब अखिल भारतीय एंग्लो-इंडियन एसोसिएशन के अध्यक्ष ने 16 मई को कर्नाटक के राज्यपाल को एक पत्र लिख कर कहा कि एंग्लो-इंडियन समुदाय के संवैधानिक अधिकारों का राजनीति के लिए शोषण नहीं होना चाहिए. उन्होंने मांग की कि सदन में शक्ति परीक्षण के बाद ही एंग्लो इंडियन समुदाय के शख्स का नॉमिनेशन हो.

संविधान के अनुच्छेद 333 के तहत राज्यपाल को एक एंग्लो-इंडियन सदस्य को विधानसभा का सदस्य नॉमिनेट करने का अधिकार है. राज्यपाल यह काम मुख्यमंत्री की सलाह पर ही कर सकते हैं. कर्नाटक में एंग्लो-इंडियन विधायक का मामला इसलिए विवादों में आ गया क्योंकि बीजेपी के पास बहुमत नहीं है. ऐसे में एक-एक विधायक की संख्या भी सरकार बनवा या गिरा सकती है.

भारत में अंग्रेजों के शासन के दौरान अंग्रेज अधिकारियों के भारतीय महिलाओं से वैध या अवैध संबंध बन गए. उस संबंध से उत्पन्न संतानें ही एंग्लो-इंडियन कहलाती हैं. कुछ अपवादों को छोड़ दें तो ऐसी संतानों के पिता अंग्रेज और मां भारतीय हैं. तभी इस समुदाय को संविधान की ओर से कई  खास सुविधाएं प्राप्त हैं.

इस समुदाय को संविधान में प्राप्त सुविधाएं -

-अनुच्छेद 331 के मुताबिक राष्ट्रपति लोकसभा में दो एंग्लो-इंडियन सदस्यों को नॉमिनेट कर सकते हैं.

-अनुच्छेद 333 के मुताबिक राज्य में एक एंग्लो-इंडियन का नॉमिनेशन हो सकता है.

-अनुच्छेद 336(1 और 2) में इस समुदाय को नौकरियों में आरक्षण मिला है.

-अनुच्छेद 337 के मुताबिक, इस समुदाय के छात्रों को भी विशेष सुविधा प्राप्त है.

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